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गणेश चतुर्थी : आज से घर-घर विराजेंगे गजानन
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संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर।
जिले में श्रद्धा और उल्लास के साथ मंगलवार को घर-घर गणपति बप्पा विराजमान होंगे। आगामी 10 दिनों तक पार्वती नंदन की पूजा विधिविधान से की जाएगी। जगह-जगह पंडाल लगाकर भी गणपति को विराजमान किया जाएगा। गणपति बप्पा को घर लाने के लिए श्रद्धालु सोमवार को दिनभर बाजार में मूर्ति की खरीदारी करते दिखे।
गणेश चतुर्थी की शहर से लेकर गांव तक जोरशोर से चल रही तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। बुद्धि और ज्ञान के देवता भगवान गणेश की पूजा का यह सबसे बड़ा दिन माना जाता है। जिले में प्रतिवर्ष गणेश महोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। मंगलवार से शुरू हो रहे गणेश महोत्सव को लेकर लोगों में उत्साह है। प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद लोगों ने पंडालों को सार्वजनिक स्थान और चौराहों पर सजाने की तैयारी कर ली है। अधिकारियों के अनुसार नियमानुसार ही गणेश मंडप स्थापित करने की अनुमति दी गई है। पंडितों का मानना है कि इस दिन पूजा सही समय और सही मुहूर्त पर की जाए तो हर मनोकामना पूरी होती है। शहर से लेकर गांव तक घरों के अलावा पंडालों में गणेश भगवान विराजेंगे। शहर के प्रमुख स्थानों पर बनाए जाने वाले पंडालों में गणपति की प्रतिमाएं स्थापित होंगी।
यह रहेगा शुभ मुहूर्त
पंडित नरेश कुमार शर्मा ने के अनुसार गणेश चतुर्थी का पर्व मंगलवार को मनाया जाएगा। गणेश उत्सव मंगलवार से शुरू होकर आगामी 28 सितंबर तक जारी रहेगा। मंगलवार ब्रह्म, शुक्ल और शुभ योग रहेंगे। स्वाति और विशाखा नक्षत्र की मौजूदगी में इसे और भी शुभ बना रही है। गणपति की स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 10:50 से 12:52 बजे तक और अतिशुभ मुहूर्त दोपहर 12:52 से 2:56 बजे तक रहेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि और स्वाति नक्षत्र में दोपहर के समय भगवान गणपति का जन्म हुआ था। इस कारण से हर वर्ष गणेश जन्मोत्सव का त्योहार उत्साह के साथ मनाया जाता है।
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बुलंदशहर।
जिले में श्रद्धा और उल्लास के साथ मंगलवार को घर-घर गणपति बप्पा विराजमान होंगे। आगामी 10 दिनों तक पार्वती नंदन की पूजा विधिविधान से की जाएगी। जगह-जगह पंडाल लगाकर भी गणपति को विराजमान किया जाएगा। गणपति बप्पा को घर लाने के लिए श्रद्धालु सोमवार को दिनभर बाजार में मूर्ति की खरीदारी करते दिखे।
गणेश चतुर्थी की शहर से लेकर गांव तक जोरशोर से चल रही तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। बुद्धि और ज्ञान के देवता भगवान गणेश की पूजा का यह सबसे बड़ा दिन माना जाता है। जिले में प्रतिवर्ष गणेश महोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। मंगलवार से शुरू हो रहे गणेश महोत्सव को लेकर लोगों में उत्साह है। प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद लोगों ने पंडालों को सार्वजनिक स्थान और चौराहों पर सजाने की तैयारी कर ली है। अधिकारियों के अनुसार नियमानुसार ही गणेश मंडप स्थापित करने की अनुमति दी गई है। पंडितों का मानना है कि इस दिन पूजा सही समय और सही मुहूर्त पर की जाए तो हर मनोकामना पूरी होती है। शहर से लेकर गांव तक घरों के अलावा पंडालों में गणेश भगवान विराजेंगे। शहर के प्रमुख स्थानों पर बनाए जाने वाले पंडालों में गणपति की प्रतिमाएं स्थापित होंगी।
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यह रहेगा शुभ मुहूर्त
पंडित नरेश कुमार शर्मा ने के अनुसार गणेश चतुर्थी का पर्व मंगलवार को मनाया जाएगा। गणेश उत्सव मंगलवार से शुरू होकर आगामी 28 सितंबर तक जारी रहेगा। मंगलवार ब्रह्म, शुक्ल और शुभ योग रहेंगे। स्वाति और विशाखा नक्षत्र की मौजूदगी में इसे और भी शुभ बना रही है। गणपति की स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 10:50 से 12:52 बजे तक और अतिशुभ मुहूर्त दोपहर 12:52 से 2:56 बजे तक रहेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि और स्वाति नक्षत्र में दोपहर के समय भगवान गणपति का जन्म हुआ था। इस कारण से हर वर्ष गणेश जन्मोत्सव का त्योहार उत्साह के साथ मनाया जाता है।
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