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तीन शिक्षकों के बीटीसी प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए
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तीन शिक्षकों के बीटीसी प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए
बुलंदशहर। पिछले दिनों परीक्षा नियामक को भेजे गए पांच शिक्षकों में से तीन की सत्यापन रिपोर्ट विभाग को अब मिली है। तीनों शिक्षकों के विशिष्ठ बीटीसी के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। वे महिलाओं के प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहे थे। अभी दो शिक्षक का सत्यापन आना बाकी रह गया है। सत्यापन आने के बाद बीएसए तीनों शिक्षकों को नोटिस जारी कर चुके हैं।
वर्ष 2010 के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने वाले सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का शासन के आदेश पर सत्यापन हो रहा है। विभाग को जानकारी मिली कि दानपुर, पहासू, अनूपशहर व सिकंदराबाद ब्लॉक स्कूलों में पढ़ा रहे पांच शिक्षकों के विशिष्ठ बीटीसी के प्रमाण पत्र फर्जी हैं। पिछले दिनों शिक्षकों के प्रमाण पत्रों को सत्यापन के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय प्रयागराज भेजा गया था। बीएसए ने बताया कि विभाग को कार्यालय से जो रिपोर्ट मिली है, उसमें दानपुर ब्लॉक के जरैना स्थित प्राथमिक स्कूल में तैनात योगेश, पहासू ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल में तैनात विकास बाबू व सिकंदराबाद के नवादा में तैनात शिक्षक अरुण कुमार के बीटीसी के प्रमाण पत्र फर्जी पाए हैं। दो शिक्षकों का सत्यापन विभाग को प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि तीनों शिक्षकों के अनुक्रमांक पर किसी महिला का नाम हैं। प्राधिकारी कार्यालय से रिपोर्ट मिलने के बाद अब उक्त तीनों शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। और नोटिस जारी किए जा रहे हैं। शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर भी कराई जाएगी और वेतन की रिकवरी वसूली होगी।
प्रमाण पत्रों में इस तरह हैं महिलाओं के नाम
बीएसए ने बताया कि तीनों शिक्षकों के विशिष्ट बीटीसी के प्रमाण पत्रों पर किसी महिला का नाम लिखा हुआ है। इसमें योगेश के प्रमाण पत्रों पर चतुर्थ सेमेस्टर की मार्कशीट के रोल नंबर पर मीना देवी पुत्री राम भरोसे लाल लिखा है। विकास बाबू के प्रमाण पत्र पर भी अनीता पुत्री कुंवर पाल लिखा है। अरुण कुमार के प्रमाण पत्र पर पूनम शर्मा पुत्री राजीव शर्मा अंकित है।
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परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय से तीन शिक्षकों का सत्यापन आ चुका है। उक्त शिक्षकों के विशिष्ट बीटीसी प्रमाण पत्र फर्जी हैं। दो शिक्षकों का सत्यापन आना अभी बाकी रह गया है। तीनों शिक्षकों की सेवा समाप्त की जाएगी। एफआईआर कराकर इनसे पूरे वेतन की रिकवरी भी की जाएगी। - वीके सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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बुलंदशहर। पिछले दिनों परीक्षा नियामक को भेजे गए पांच शिक्षकों में से तीन की सत्यापन रिपोर्ट विभाग को अब मिली है। तीनों शिक्षकों के विशिष्ठ बीटीसी के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। वे महिलाओं के प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहे थे। अभी दो शिक्षक का सत्यापन आना बाकी रह गया है। सत्यापन आने के बाद बीएसए तीनों शिक्षकों को नोटिस जारी कर चुके हैं।
वर्ष 2010 के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने वाले सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का शासन के आदेश पर सत्यापन हो रहा है। विभाग को जानकारी मिली कि दानपुर, पहासू, अनूपशहर व सिकंदराबाद ब्लॉक स्कूलों में पढ़ा रहे पांच शिक्षकों के विशिष्ठ बीटीसी के प्रमाण पत्र फर्जी हैं। पिछले दिनों शिक्षकों के प्रमाण पत्रों को सत्यापन के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय प्रयागराज भेजा गया था। बीएसए ने बताया कि विभाग को कार्यालय से जो रिपोर्ट मिली है, उसमें दानपुर ब्लॉक के जरैना स्थित प्राथमिक स्कूल में तैनात योगेश, पहासू ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल में तैनात विकास बाबू व सिकंदराबाद के नवादा में तैनात शिक्षक अरुण कुमार के बीटीसी के प्रमाण पत्र फर्जी पाए हैं। दो शिक्षकों का सत्यापन विभाग को प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि तीनों शिक्षकों के अनुक्रमांक पर किसी महिला का नाम हैं। प्राधिकारी कार्यालय से रिपोर्ट मिलने के बाद अब उक्त तीनों शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। और नोटिस जारी किए जा रहे हैं। शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर भी कराई जाएगी और वेतन की रिकवरी वसूली होगी।
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प्रमाण पत्रों में इस तरह हैं महिलाओं के नाम
बीएसए ने बताया कि तीनों शिक्षकों के विशिष्ट बीटीसी के प्रमाण पत्रों पर किसी महिला का नाम लिखा हुआ है। इसमें योगेश के प्रमाण पत्रों पर चतुर्थ सेमेस्टर की मार्कशीट के रोल नंबर पर मीना देवी पुत्री राम भरोसे लाल लिखा है। विकास बाबू के प्रमाण पत्र पर भी अनीता पुत्री कुंवर पाल लिखा है। अरुण कुमार के प्रमाण पत्र पर पूनम शर्मा पुत्री राजीव शर्मा अंकित है।
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परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय से तीन शिक्षकों का सत्यापन आ चुका है। उक्त शिक्षकों के विशिष्ट बीटीसी प्रमाण पत्र फर्जी हैं। दो शिक्षकों का सत्यापन आना अभी बाकी रह गया है। तीनों शिक्षकों की सेवा समाप्त की जाएगी। एफआईआर कराकर इनसे पूरे वेतन की रिकवरी भी की जाएगी। - वीके सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी