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जलस्तर बढ़ने से गंगा में समाई हजारों बीघा फसल

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 21 Aug 2022 10:24 PM IST
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जलस्तर बढ़ने से गंगा में समाई हजारों बीघा फसल
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बुलंदशहर। पहाड़ों पर भारी बरसात और बादल फटने की घटनाओं से मैदानी इलाकों में नदियां उफान पर हैं। जनपद में भी गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बिजनौर बैराज से गंगा में दो लाख क्यूसेक जल छोड़े जाने से जनपद में गंगा किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। अहार बुगरासी, अनूपशहर, नरौरा, रामघाट, राजघाट क्षेत्र में करीब दो हजार किसानों की फसल जलभराव से बर्बाद हो रही है।
दूसरी ओर बुगरासी क्षेत्र में गंगा किनारे भगवानपुर मार्ग पर कटान के चलते सड़क धंस गई। इससे इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह से प्रभावित हो गया। जनपद में गंगा स्याना तहसील क्षेत्र से प्रवेश करती हैं और अनूपशहर और डिबाई तहसील के नरौरा क्षेत्र से होते हुए आगे निकल जाती हैं। इस बीच में सैकड़ों गांव गंगा किनारे बसे हैं। इन गांवों में रहने वाले किसानों के खेत व सरकार से मिले पट्टे गंगा खादर इलाके में भी आते हैं।
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गंगा का जलस्तर बढ़ने से खेतों में पानी आने का खतरा बना रहता है। इस बार इन पर ये आफत पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश और बादल फटने के बाद हरिद्वार और बिजनौर के रास्ते तेजी से बढ़ रही है। पहले हरिद्वार से बिजनौर की ओर करीब दो लाख क्यूसेक जल छोड़ा गया। अब वह जल बिजनौर में पहुंचने के बाद गंगा का जलस्तर बढ़ा तो बिजनौर बैराज से करीब दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसी जल के कारण जनपद में गंगा का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। इससे आस-पास के गांवों में किसानों के खेतों तक पानी पहुंच गया है। जिससे उनकी फसल बर्बाद हो रही है।
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तटबंध टूटने से मंदिर और आसपास भी खतरा
अहार क्षेत्र में अवंतिका देवी मंदिर के निकट बाढ़ के खतरे को देखते हुए करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से तटबंध बनाया गया था। बीते दिनों उसके क्षतिग्रस्त होने से मंदिर के आस-पास जलस्तर बढ़ने पर मंदिर की दीवारों, आश्रम व खेतों में भी नुकसान होने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि, प्रशासन ने क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत का कार्य भी प्रारंभ करा दिया है। अवर अभियंता ड्रेनेज उमेश कुमार ने बताया कि अवंतिका देवी मंदिर अहार के पास क्षतिग्रस्त हुए डोला की मरम्मत करते हुए उसकी ऊंचाई रेत के बोरे लगाकर सवा मीटर कर दी गई है। गंगा के जलस्तर बढ़ने से कटानरोधी कार्य को किसी भी प्रकार का खतरा नहीं है।
प्रशासन ने आसपास के गांवों में कराई मुनादी
प्रशासन ने गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद आस-पास के इलाकों में मुनादी कराई है। प्रशासन ने खादर क्षेत्र में पशु चराने और अपने निजी खेतों में काम करने जाने वालों से लाउडस्पीकर से अभी गंगा किनारे न जाने की अपील की है। प्रशासन ने गांव कल्याणपुर, मोहम्मदपुर, अहार, सिद्धबाबा क्षेत्र और चासी, फतेहपुर मढैया आदि गांवों में मुनादी कराई है।
बिजनौर बैराज से करीब दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंगा के जलस्तर में इजाफा हुआ है। जल्द ही जलस्तर घटने लगेगा। आबादी क्षेत्र में किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। एहतियातन लोगों व पशुपालकों को गंगा नदी की ओर जाने के लिए मना किया गया है। बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है।
- वीके गुप्ता, एसडीएम
भगवानपुर को जोड़ने वाली सड़क धंसी, सैकड़ों गांव का संपर्क टूटा
बुगरासी। बुलंदशहर बुगरासी क्षेत्र को अमरोहा, संभल व मुरादाबाद जनपद से जोड़ने वाला भगवानपुर पुल का संपर्क मार्ग टूट गया है। पुल से जुड़ी सड़क गंगा के कटान के चलते जमींदोज हो गई। इससे दोनों तरफ के करीब 80 गांवों का संपर्क टूट गया है। बाढ़ के चलते सड़क जल्द बनती नजर नहीं आ रही है। बुगरासी क्षेत्र के गांव भगवानपुर से गंगा होकर निकलती है और इस गंगा के ऊपर पक्का पुल बना हुआ है। इस पुल के बनने के बाद बुगरासी क्षेत्र जनपद अमरोहा, संभल और मुरादाबाद से सीधा जुड़ गया। पुल बनने से दोनों तरफ के तकरीबन 80 गांव जुड़े और आना-जाना शुरू होते ही कारोबार बढ़ गए। पुल को जोड़ने वाली सड़क रविवार को अचानक जमीदोज हो गई। वर्तमान में गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है। जलस्तर बढ़ने से पुल से जुड़ी सड़क के नीचे की मिट्टी कटनी शुरू हो गई। मिट्टी का कटान होने से सड़क अचानक जमीदोज हो गई। इससे पुल के दोनों ओर का रास्ता बंद हो गया। रास्ता बाधित होने से दोनों तरफ के तकरीबन 80 गांवों का संपर्क टूट गया है। पुल पार पतई, सिरसा, महारपुर, जेबरा, शाहबाजपुर, जहतौली, गंगानगर के तकरीबन 40 गांव का संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। जल स्तर के बढ़ा होने के कारण अभी जल्दी सड़क बनती भी नजर नहीं आ रही।
व्यापारियों को भी हो रहा नुकसान
दोनों तरफ से काफी लोग प्रतिदिन व्यापार के लिए आते-जाते हैं। अब सड़क टूटने के कारण व्यापार पूरी तरह से ठप हो गया है। लोग जल्द से जल्द इसकी मरम्मत की मांग कर रहे हैं।
आवश्यक कार्य के लिए घूमना होगा 50 किलोमीटर
सड़क टूटने के बाद फिलहाल दोनों तरफ का संपर्क टूट गया है। आवश्यक कार्य की स्थिति में यदि आना-जाना पड़ता है तो वाया स्याना व गढ़मुक्तेश्वर तकरीबन 50 किलोमीटर अतिरिक्त आना-जाना होगा।

बच्चों की पढ़ाई होगी प्रभावित
बुगरासी। गंगा पार के अनेक गांव से तकरीबन 50 बच्चे पढ़ने के लिए अलग-अलग स्कूल में आते हैं। सड़क टूटने के बाद दोनों तरफ का संपर्क टूटने से अब बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से प्रभावित होगी। जब तक सड़क का निर्माण नहीं होता है तब तक बच्चे स्कूल नहीं जा पाएंगे।
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