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Bulandshahar News: प्रधान, तत्कालीन सचिव और तकनीकी सहायक पर रिपोर्ट दर्ज
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ऊंचागांव। क्षेत्र के गांव रघुनाथपुर में मनरेगा में हुए घोटाले में फंसे ग्राम प्रधान समेत तत्कालीन सचिव और तकनीकी सहायक पर एफआईआर होगी। मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
गांव रघुनाथपुर में वर्ष 2021 में मनरेगा में लाखों रुपये के घोटाले का मामला सामने आया था। जांच में खुलासा हुआ था मनरेगा का लाभ अपात्रों को दे दिया गया है। गांव निवासी सादिक अली ने इसकी शिकायत जिला अधिकारी से लेकर लोकायुक्त तक की थी। शिकायत को संज्ञान लेकर वर्ष 2022 में जिला परियोजना निदेशक ने जांच की। इसमें खुलासा हुआ था कि बुजुर्ग, बीमार व्यक्तियों और अपात्रों को दर्शाकर उनको मनरेगा कार्य में दिखाकर उनके खाते में धनराशि भेजी गई थी। इस मामले में उस समय प्रधान समेत तत्कालीन सचिव व तकनीकी सहायक से 2,49,496 की धनराशि रिकवरी की गई थी। इस मामले की जांच जारी रही और अब ग्राम प्रधान, तत्कालीन ग्राम सचिव और तकनीकी सहायक को दोषी पाया गया। ऊंचागांव विकासखंड में तैनात मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी विवेक कुमार ने बताया कि ग्राम प्रधान जायदा बेगम, तत्कालीन ग्राम सचिव सुनील कुमार और तकनीकी सहायक यशपाल राणा के खिलाफ डीएम ने एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए थे। हालांकि आरोपियों से गबन की धनराशि की रिकवरी हो चुकी है, लेकिन अब पुलिस ने मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। सीओ भास्कर मिश्रा ने बताया कि मामले में शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। आगे की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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गांव रघुनाथपुर में वर्ष 2021 में मनरेगा में लाखों रुपये के घोटाले का मामला सामने आया था। जांच में खुलासा हुआ था मनरेगा का लाभ अपात्रों को दे दिया गया है। गांव निवासी सादिक अली ने इसकी शिकायत जिला अधिकारी से लेकर लोकायुक्त तक की थी। शिकायत को संज्ञान लेकर वर्ष 2022 में जिला परियोजना निदेशक ने जांच की। इसमें खुलासा हुआ था कि बुजुर्ग, बीमार व्यक्तियों और अपात्रों को दर्शाकर उनको मनरेगा कार्य में दिखाकर उनके खाते में धनराशि भेजी गई थी। इस मामले में उस समय प्रधान समेत तत्कालीन सचिव व तकनीकी सहायक से 2,49,496 की धनराशि रिकवरी की गई थी। इस मामले की जांच जारी रही और अब ग्राम प्रधान, तत्कालीन ग्राम सचिव और तकनीकी सहायक को दोषी पाया गया। ऊंचागांव विकासखंड में तैनात मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी विवेक कुमार ने बताया कि ग्राम प्रधान जायदा बेगम, तत्कालीन ग्राम सचिव सुनील कुमार और तकनीकी सहायक यशपाल राणा के खिलाफ डीएम ने एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए थे। हालांकि आरोपियों से गबन की धनराशि की रिकवरी हो चुकी है, लेकिन अब पुलिस ने मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। सीओ भास्कर मिश्रा ने बताया कि मामले में शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। आगे की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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