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वित्त मंत्री जी! जितनी थी उम्मीद, मिला उतना ही कम
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Wed, 01 Feb 2017 11:34 PM IST
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बजट
- फोटो : अमर उजाला
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पहली बार एक फरवरी को पेश हुए आम बजट से आम लोगों को काफी उम्मीद थी। लोगों को उम्मीद थी कि टैक्स छूट की सीमा चार लाख तक बढ़ेगी, लेकिन सरकार ने सिर्फ तीन लाख की आय तक छूट रखी। महिलाओं को भी टैक्स छूट में कोई रियायत नहीं दी गई। राजनीतिक पार्टियों के नगद चंदे पर लगे ब्रेक से आम जनता संतुष्ट नजर आ रहे हैं।
राजनीतिक पार्टियों को महज दो हजार रुपये तक का चंदा ही नगद दिया जा सकेगा। इसके अलावा पांच लाख रुपये तक की इनकम पर 10 फीसदी की जगह अब पांच फीसदी टैक्स लग सकेगा। वहीं तीन लाख से ज्यादा कैश ट्रांजेक्शन पर रोक लगाई गई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी बनाने का भी स्वागत किया गया है।
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देश में नए एम्स बनाए जाने को भी लोगों ने सराहा है। गांवों को हाईस्पीड ब्रॉडबैंड सर्विस से जोड़ने का भी ग्रामीण क्षेत्र में स्वागत किया है।
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रेल बजट में बुलंदशहर की झोली खाली
93 साल के इतिहास में पहली बार रेल बजट और आम बजट एक साथ पेश किया गया। रेल सेफ्टी के साथ साफ-सफाई और सौर ऊर्जा को लेकर काफी घोषणा की गई। रेल बजट में बुलंदशहर की झोली एक बार फिर खाली रह गई। बुलंदशहर को न तो कोई ट्रेन मिली और न ही दिल्ली से सीधे रेल लाइन जोड़ने की कोई घोषणा की गई।