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बुखार से तप रहा त्यौर बुजुर्ग गांव, अब पिता-पुत्र की मौत
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मृतक मुमताज
- फोटो : KHURJA
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बुखार से तप रहा त्यौर बुजुर्ग गांव, अब पिता-पुत्र की मौत
छतारी। पिछले 15 दिनों से क्षेत्र का त्यौर बुजुर्ग गांव बुखार से तप रहा है। हर दिन औसतन एक व्यक्ति की जान जा रही है। अब एक पिता के बाद उनके बेटे की भी मौत हो गई। गांव में अभी भी 50 से अधिक लोग बीमार हैं। स्वास्थ्य विभाग गांव में कैंप लगा रहा है, लेकिन बुखार रोकने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं कर रहा है।
त्यौर बुजुर्ग निवासी मुमताज (30) और उनका 11 वर्षीय बेटा मुस्तफा को पांच दिनों से बुखार था। उन्होंने पहले गुलावठी स्थित निजी अस्पताल में अपना उपचार कराया। हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उन्हें दिल्ली के लिए रेफर कर दिया था। सोमवार को दिल्ली ले जाते समय रास्ते में मुमताज की मौत हो गई थी। परिजनों ने मुस्तफा को दिल्ली स्थित अस्पताल में भर्ती करा दिया था। उपचार के दौरान मंगलवार रात उसकी भी मौत हो गई। परिवार में दो लोगों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मरने वालों में सबसे ज्यादा युवा और बच्चे
गांव में बुखार से 15 दिनों के भीतर 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें युवा और बच्चे भी हैं। अब तक बिमला देवी (52), प्रेमचंद्र (55), गुन्नू (6), रिहान (12), अरुण (14), मिश्रीलाल (62), कालू (25), रामफूली (45), भागमल (40), सोनपाल (50), अनीता (28), सुल्तान (14), मुमताज (30), मुस्तफा (11) बुखार से दम तोड़ चुके हैं।
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छह बार करवाया छिड़काव
गांव में मच्छर को भगाने के लिए छह बार छिड़काव करवाया गया है। इसके अलावा रोजाना साफाई करवाई जा रही है। गांव में स्वच्छता को लेकर किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जा रही है।
जय श्री, ग्राम प्रधान त्यौर बुजुर्ग
बोले ग्रामीण
गांव बुखार फैलता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कैंप भी लगाया गया। फिर भी कई लोगों की मौत हो गई। इससे हम सब लोग काफी डरे हुए हैं।
धर्मेंद्र कुशवाहा
बुखार से गांव में हुई मौत से लोग डरे हुए हैं। कई लोग बुखार से ग्रस्त हैं। गांव में साफ-सफाई होने और स्वास्थ्य कैंप लगाकर जांच करने के बावजूद बीमारी पांव पसारती जा रही है।
प्रदीप चौहान
बुधवार को भी गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाकर दवाओं का वितरण किया गया। जांच में कई लोग बुखार से ग्रस्त पाए गए। गांव में बीमारी का प्रकोप बढ़ने से डर बैठ गया है।
श्री भगवान
गांव में लगा रहे कैंप
गांव में बीमारी की रोकथाम के लिए उपाय किए जा रहे हैं। पांच बार कैंप लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच करने के साथ दवाओं का वितरण किया गया। बुधवार को भी गांव में कैंप लगाकर मलेरिया विभाग ने गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
मनोज चौधरी, प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र
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छतारी। पिछले 15 दिनों से क्षेत्र का त्यौर बुजुर्ग गांव बुखार से तप रहा है। हर दिन औसतन एक व्यक्ति की जान जा रही है। अब एक पिता के बाद उनके बेटे की भी मौत हो गई। गांव में अभी भी 50 से अधिक लोग बीमार हैं। स्वास्थ्य विभाग गांव में कैंप लगा रहा है, लेकिन बुखार रोकने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं कर रहा है।
त्यौर बुजुर्ग निवासी मुमताज (30) और उनका 11 वर्षीय बेटा मुस्तफा को पांच दिनों से बुखार था। उन्होंने पहले गुलावठी स्थित निजी अस्पताल में अपना उपचार कराया। हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उन्हें दिल्ली के लिए रेफर कर दिया था। सोमवार को दिल्ली ले जाते समय रास्ते में मुमताज की मौत हो गई थी। परिजनों ने मुस्तफा को दिल्ली स्थित अस्पताल में भर्ती करा दिया था। उपचार के दौरान मंगलवार रात उसकी भी मौत हो गई। परिवार में दो लोगों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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मरने वालों में सबसे ज्यादा युवा और बच्चे
गांव में बुखार से 15 दिनों के भीतर 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें युवा और बच्चे भी हैं। अब तक बिमला देवी (52), प्रेमचंद्र (55), गुन्नू (6), रिहान (12), अरुण (14), मिश्रीलाल (62), कालू (25), रामफूली (45), भागमल (40), सोनपाल (50), अनीता (28), सुल्तान (14), मुमताज (30), मुस्तफा (11) बुखार से दम तोड़ चुके हैं।
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छह बार करवाया छिड़काव
गांव में मच्छर को भगाने के लिए छह बार छिड़काव करवाया गया है। इसके अलावा रोजाना साफाई करवाई जा रही है। गांव में स्वच्छता को लेकर किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जा रही है।
जय श्री, ग्राम प्रधान त्यौर बुजुर्ग
बोले ग्रामीण
गांव बुखार फैलता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कैंप भी लगाया गया। फिर भी कई लोगों की मौत हो गई। इससे हम सब लोग काफी डरे हुए हैं।
धर्मेंद्र कुशवाहा
बुखार से गांव में हुई मौत से लोग डरे हुए हैं। कई लोग बुखार से ग्रस्त हैं। गांव में साफ-सफाई होने और स्वास्थ्य कैंप लगाकर जांच करने के बावजूद बीमारी पांव पसारती जा रही है।
प्रदीप चौहान
बुधवार को भी गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाकर दवाओं का वितरण किया गया। जांच में कई लोग बुखार से ग्रस्त पाए गए। गांव में बीमारी का प्रकोप बढ़ने से डर बैठ गया है।
श्री भगवान
गांव में लगा रहे कैंप
गांव में बीमारी की रोकथाम के लिए उपाय किए जा रहे हैं। पांच बार कैंप लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच करने के साथ दवाओं का वितरण किया गया। बुधवार को भी गांव में कैंप लगाकर मलेरिया विभाग ने गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
मनोज चौधरी, प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र