नंद गोपाल ब्रांड के देसी घी में फैट निकला कम
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नंद गोपाल ब्रांड का देसी घी मानक की कसौटी पर खरा नहीं निकला। घी में वसा की आरएम वैल्यू 26 फीसदी से कम पाई गई। जो खाने योग्य नहीं होती है।
गत अक्तूबर-नवंबर माह में फूड सेफ्टी विभाग ने खाद्य सामग्री के 33 नमूने जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजे थे। बृहस्पतिवार को 33 नमूनों की रिपोर्ट फूड सेफ्टी विभाग को मिली।
फूड सेफ्टी विभाग के डीओ रणधीर सिंह के मुताबिक 33 में से 14 नमूने मानक की कसौटी पर खरे नहीं उतरे। नंद गोपाल ब्रांड के देसी घी की आरएम वैल्यू 26 फीसदी से कम पाई गई। उन्होंने बताया कि जांच में सरसों तेल के तीन नमूने अधोमानक पाए गए हैं।
रिफाइंड सोयाबीन अधोमानक निकला। आदर्श नमकीन ब्रांड के दाल सेब में लेवल और पैकेजिंग का वायलेशन पकड़ा गया है। बेसन के लडडू में हानिकारक रंग की मिलावट की गई थी।
रसगुल्ला के दोनों नमूनों में स्टार्च पाया गया है। दूध के दो नमूने अधोमानक पाए गए। दूध में वसा की मात्रा कम थी। बेसन का दूसरा नमूना भी अधोमानक पाया गया।
वहीं, प्रयोगशाला भेजे गए केक में रंग की मात्रा 100 पीपीएम से अधिक निकली। केक भी अधोमानक श्रेणी में रखा गया है।
सीएमओ डाॅ. दीपक ओहरी ने बताया कि अधोमानक और अनसेफ भोजन का सेवन करने से किडनी लीवर पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे भोजन करने वाले इंसान का शरीर बीमारियों का घर हो जाता है।