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Bulandshahar News: तेजी से बढ़ रहा आई फ्लू, अस्पतालों में विशेषज्ञ नहीं
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संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर।
शहर से लेकर गांव तक लोग आई फ्लू की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में अधिकांश लोग सरकारी चिकित्सालयों में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं तो वहां पर उन्हें विशेषज्ञ न मिलने पर अन्य रोग के विशेषज्ञ, फार्मासिस्ट या नर्सिंग स्टाफ से उपचार करवाने को मजबूर होना पड़ रहा है। जिले की समस्त सीएचसी-पीएचसी पर प्रतिदिन 60 से 90 मरीज आई फ्लू से पीड़ित पहुंच रहे हैं। हालात यह है कि ऊंचागांव सीएचसी पर आई ड्रॉप समाप्त हो जाने पर मरीजों से बाहर से मंगवाई जा रही है। वहीं, देहात क्षेत्रों से प्रतिदिन करीब 300 मरीज जिला अस्पताल में आई फ्लू का इलाज कराने को आ रहे हैं।
सीएमओ डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताय कि जिले में नेत्र विशेषज्ञ समेत अन्य रोग के विशेषज्ञ की कमी है। सीएमएसडी स्टोर में आई ड्रॉप पर्याप्त है। यदि कहीं पर समाप्त हो गई है तो भिजवा दी जाएगी। आंखों में परेशानी होने पर लापरवाही न बरतें। तत्काल चिकित्सक को दिखा इलाज करवाएं। डिबाई सीएचसी पर चिकित्सकों के मौजूद न होने की रिपोर्ट मांगी जा रही है।
ऊंचागांव सीएचसी पर न विशेषज्ञ न आंखों की ड्रॉप
ऊंचागांव सीएचसी पर प्रतिदिन 100 से अधिक आई फ्लू के मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां पर उनको उपचार ही नहीं मिल पा रहा है। यहां पर न तो आंखों का विशेषज्ञ है और न ही आई ड्रॉप है। जबकि इस सीएचसी से करीब 20 से अधिक गांव जुड़े हैं। जिनकी आबादी करीब 35 हजार से अधिक है। शुक्रवार को सीएचसी पर पहुंचे देवेंद्र, मोहित और सोनू व राजेंद्री देवी ने बताया कि आंखों में दिक्कत होने के कारण यहां आए थे। यहां न तो चिकित्सक मिला और न ही दवा। आंखों में दिक्कत ज्यादा हो रही है। अब मजबूरी में निजी चिकित्सक को दिखवाना पड़ेगा। सीएचसी प्रभारी डाॅ. शुलभ भारती ने बताया कि आई ड्रॉप समाप्त हो जाने पर डिमांड भेज दी गई है। आपूर्ति आने पर मरीजों को वितरित होने लगेगी।
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सुबह 10:15 बजे तक डिबाई सीएचसी पर नहीं पहुंचे चिकित्सक
डिबाई सीएचसी पर शुक्रवार को 50 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इसमें आई फ्लू के साथ-साथ अन्य बीमारी के मरीज शामिल रहे। लेकिन 10:15 बजे तक भी चिकित्सक सीएचसी पर नहीं पहुंचे। सभी मरीज चिकित्सकों के आने का इंतजार करते रहे। सोनिया, जगवती और रामफल ने बताया कि चिकित्सकों का इंतजार करके वापस लौटना पड़ा। अब निजी चिकित्सक से दवा लेंगे। जबकि कुछ मरीज उसके बाद भी चिकित्सक का इंतजार करते रहे। सीएचसी प्रभारी डॉ. आनंद ने बताया कि कंप्यूटर रूम में जरूर कार्य कर रहा था। उसके बाद मरीजों को देखा गया।
पीएचसी पर नर्सिंग स्टाफ या फार्मासिस्ट करते हैं उपचार
खानपुर पीएचसी पर पिछले छह माह पूर्व से एक भी चिकित्सक तैनात नहीं है। वहीं, छतारी, बुगरासी, अहार समेत अन्य 50 से अधिक पीएचसी पर एक भी नेत्र विशेषज्ञ तैनात नहीं है। ऐसे में मरीजों को अन्य विशेषज्ञ से इलाज कराने काे मजबूर होना पड़ता है। अधिकांश पीएचसी पर विशेषज्ञ के साथ फार्मासिस्ट की भी तैनाती न होने पर नर्सिंग स्टाफ परामर्श और दवा का वितरण करते हैं। खानपुर, अहार व छतारी में नर्सिंग स्टाफ दवा का वितरण कर रहे हैं।
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बुलंदशहर।
शहर से लेकर गांव तक लोग आई फ्लू की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में अधिकांश लोग सरकारी चिकित्सालयों में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं तो वहां पर उन्हें विशेषज्ञ न मिलने पर अन्य रोग के विशेषज्ञ, फार्मासिस्ट या नर्सिंग स्टाफ से उपचार करवाने को मजबूर होना पड़ रहा है। जिले की समस्त सीएचसी-पीएचसी पर प्रतिदिन 60 से 90 मरीज आई फ्लू से पीड़ित पहुंच रहे हैं। हालात यह है कि ऊंचागांव सीएचसी पर आई ड्रॉप समाप्त हो जाने पर मरीजों से बाहर से मंगवाई जा रही है। वहीं, देहात क्षेत्रों से प्रतिदिन करीब 300 मरीज जिला अस्पताल में आई फ्लू का इलाज कराने को आ रहे हैं।
सीएमओ डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताय कि जिले में नेत्र विशेषज्ञ समेत अन्य रोग के विशेषज्ञ की कमी है। सीएमएसडी स्टोर में आई ड्रॉप पर्याप्त है। यदि कहीं पर समाप्त हो गई है तो भिजवा दी जाएगी। आंखों में परेशानी होने पर लापरवाही न बरतें। तत्काल चिकित्सक को दिखा इलाज करवाएं। डिबाई सीएचसी पर चिकित्सकों के मौजूद न होने की रिपोर्ट मांगी जा रही है।
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ऊंचागांव सीएचसी पर न विशेषज्ञ न आंखों की ड्रॉप
ऊंचागांव सीएचसी पर प्रतिदिन 100 से अधिक आई फ्लू के मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां पर उनको उपचार ही नहीं मिल पा रहा है। यहां पर न तो आंखों का विशेषज्ञ है और न ही आई ड्रॉप है। जबकि इस सीएचसी से करीब 20 से अधिक गांव जुड़े हैं। जिनकी आबादी करीब 35 हजार से अधिक है। शुक्रवार को सीएचसी पर पहुंचे देवेंद्र, मोहित और सोनू व राजेंद्री देवी ने बताया कि आंखों में दिक्कत होने के कारण यहां आए थे। यहां न तो चिकित्सक मिला और न ही दवा। आंखों में दिक्कत ज्यादा हो रही है। अब मजबूरी में निजी चिकित्सक को दिखवाना पड़ेगा। सीएचसी प्रभारी डाॅ. शुलभ भारती ने बताया कि आई ड्रॉप समाप्त हो जाने पर डिमांड भेज दी गई है। आपूर्ति आने पर मरीजों को वितरित होने लगेगी।
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सुबह 10:15 बजे तक डिबाई सीएचसी पर नहीं पहुंचे चिकित्सक
डिबाई सीएचसी पर शुक्रवार को 50 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इसमें आई फ्लू के साथ-साथ अन्य बीमारी के मरीज शामिल रहे। लेकिन 10:15 बजे तक भी चिकित्सक सीएचसी पर नहीं पहुंचे। सभी मरीज चिकित्सकों के आने का इंतजार करते रहे। सोनिया, जगवती और रामफल ने बताया कि चिकित्सकों का इंतजार करके वापस लौटना पड़ा। अब निजी चिकित्सक से दवा लेंगे। जबकि कुछ मरीज उसके बाद भी चिकित्सक का इंतजार करते रहे। सीएचसी प्रभारी डॉ. आनंद ने बताया कि कंप्यूटर रूम में जरूर कार्य कर रहा था। उसके बाद मरीजों को देखा गया।
पीएचसी पर नर्सिंग स्टाफ या फार्मासिस्ट करते हैं उपचार
खानपुर पीएचसी पर पिछले छह माह पूर्व से एक भी चिकित्सक तैनात नहीं है। वहीं, छतारी, बुगरासी, अहार समेत अन्य 50 से अधिक पीएचसी पर एक भी नेत्र विशेषज्ञ तैनात नहीं है। ऐसे में मरीजों को अन्य विशेषज्ञ से इलाज कराने काे मजबूर होना पड़ता है। अधिकांश पीएचसी पर विशेषज्ञ के साथ फार्मासिस्ट की भी तैनाती न होने पर नर्सिंग स्टाफ परामर्श और दवा का वितरण करते हैं। खानपुर, अहार व छतारी में नर्सिंग स्टाफ दवा का वितरण कर रहे हैं।