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गन्ने के साथ सब्जी व दलहन की खेती करते हैं किसान रतनपाल और नागेंद्र
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गन्ने के साथ सब्जी व दलहन की खेती करते हैं किसान रतनपाल और नागेंद्र
बुलंदशहर। गन्ना विकास विभाग की ओर से जिले के जिन दो किसानों को चयन पुरस्कार के लिए किया गया है। वह गन्ने के साथ सब्जी व दलहन की खेती करते हैं। किसान रतनपाल और नागेंद्र सहफसली से अतिरिक्त मुनाफा लेने रहे हैं तो गन्ने की फसल भी बंपर ले रहे हैं। साथ ही वह पानी बचाने समेत कई पहल करते हुए अन्य किसानों को भी जागरू करने का काम कर रहे हैं।
स्याना क्षेत्र के गांव एत्मादपुर निवासी किसान रतनपाल सिंह को गन्ना विभाग की उत्कृष्ट कार्य योजना वर्ष 2021-22 में प्रदेश भर में दूसरा स्थान मिला है। उन्होंने पुरस्कार स्वरूप 31 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। इसी तरह जहांगीराबाद क्षेत्र के गांव चरौरा निवासी नागेंद्र का तीसरे पुरस्कार के लिए चयन किया गया है। उन्हें 21 हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। विभाग की इस योजना में प्रदेश भर से चुने गए पांच किसानों में से दो किसान बुलंदशहर के शामिल किए गए हैं। विभाग की ओर से इन किसानों को बधाई दी गई है।
रतनपाल 10 हेक्टेयर में करते गन्ना व सब्जी की फसल
किसान रतनपाल ने बताया कि इस समय 10 हेक्टेयर भूमि में गन्ने की फसल की है। इसके साथ ही सहफसली के तहत टमाटर, लहसुन, पत्ता गोभी, तरबूज, करेला, बैगन आदि की फसल कर अतिरिक्त आय भी प्राप्त कर रहे हैं। गन्ने का 90 क्विंटल से अधिक प्रति बीघा उत्पादन कर भी अच्छी कमाई हो जाती है। उन्होंने कहा कि किसानों को यदि अपनी आय बढ़ानी है तो सहफसली खेती को अपनाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए लगातार किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
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45 बीघा में करते हैं गन्ना व सब्जी
किसान नागेंद्र ने बताया कि हर वर्ष 45 बीघा गन्ने की फसल के साथ मूंग, उड़द, चुकंदर, पत्ता गोभी, कासीफल आदि की फसल कर अच्छी आमदनी मिल जाती है। गन्ने की खेती में नई तकनीक और अन्य किसानों को जागरूक किया जा रहा है। सबसे अच्छी पहल यह है कि गन्ना और इसके साथ बोई जाने वाली अन्य फसलों में पानी की भी अधिक आवश्यकता नहीं होती है। गन्ने की फसल ट्रंच विधि और सिंचाई ड्रिप सिस्टम से करते हैं। सहफसली खेती कर किसान कई तरह से आय बढ़ा सकते हैं।
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बुलंदशहर। गन्ना विकास विभाग की ओर से जिले के जिन दो किसानों को चयन पुरस्कार के लिए किया गया है। वह गन्ने के साथ सब्जी व दलहन की खेती करते हैं। किसान रतनपाल और नागेंद्र सहफसली से अतिरिक्त मुनाफा लेने रहे हैं तो गन्ने की फसल भी बंपर ले रहे हैं। साथ ही वह पानी बचाने समेत कई पहल करते हुए अन्य किसानों को भी जागरू करने का काम कर रहे हैं।
स्याना क्षेत्र के गांव एत्मादपुर निवासी किसान रतनपाल सिंह को गन्ना विभाग की उत्कृष्ट कार्य योजना वर्ष 2021-22 में प्रदेश भर में दूसरा स्थान मिला है। उन्होंने पुरस्कार स्वरूप 31 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। इसी तरह जहांगीराबाद क्षेत्र के गांव चरौरा निवासी नागेंद्र का तीसरे पुरस्कार के लिए चयन किया गया है। उन्हें 21 हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। विभाग की इस योजना में प्रदेश भर से चुने गए पांच किसानों में से दो किसान बुलंदशहर के शामिल किए गए हैं। विभाग की ओर से इन किसानों को बधाई दी गई है।
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रतनपाल 10 हेक्टेयर में करते गन्ना व सब्जी की फसल
किसान रतनपाल ने बताया कि इस समय 10 हेक्टेयर भूमि में गन्ने की फसल की है। इसके साथ ही सहफसली के तहत टमाटर, लहसुन, पत्ता गोभी, तरबूज, करेला, बैगन आदि की फसल कर अतिरिक्त आय भी प्राप्त कर रहे हैं। गन्ने का 90 क्विंटल से अधिक प्रति बीघा उत्पादन कर भी अच्छी कमाई हो जाती है। उन्होंने कहा कि किसानों को यदि अपनी आय बढ़ानी है तो सहफसली खेती को अपनाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए लगातार किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
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45 बीघा में करते हैं गन्ना व सब्जी
किसान नागेंद्र ने बताया कि हर वर्ष 45 बीघा गन्ने की फसल के साथ मूंग, उड़द, चुकंदर, पत्ता गोभी, कासीफल आदि की फसल कर अच्छी आमदनी मिल जाती है। गन्ने की खेती में नई तकनीक और अन्य किसानों को जागरूक किया जा रहा है। सबसे अच्छी पहल यह है कि गन्ना और इसके साथ बोई जाने वाली अन्य फसलों में पानी की भी अधिक आवश्यकता नहीं होती है। गन्ने की फसल ट्रंच विधि और सिंचाई ड्रिप सिस्टम से करते हैं। सहफसली खेती कर किसान कई तरह से आय बढ़ा सकते हैं।