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हर-हर महादेव से शुरू हुआ जाम, जुमे की नमाज के बाद खोला
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कालाआम चौराहे पर खाट डालकर हुक्का गुड़गुड़ाते किसान।
- फोटो : BULANDSHAHR
हर-हर महादेव से शुरू हुआ जाम, जुमे की नमाज के बाद खोला
बुलंदशहर। कृषि कानून के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसानों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भाकियू सहित अन्य किसान संगठनों ने शुक्रवार को पूरे जनपद में विरोध प्रदर्शन किया। नगर क्षेत्र के किसान दोपहर 12 बजे भाकियू के बैनर तले कालाआम चौराहे पर एकत्रित हुए। हर-हर महादेव के जयकारे के साथ किसानों ने कालाआम से गुजरने वाले पांच मार्गों को ट्रैक्टर और मानव श्रृंखला बनाकर रोक दिया। दोपहर करीब ढाई बजे आंदोलन में शामिल मुस्लिम समाज के किसानों ने कालाआम चौराहे पर ही जुमे की नमाज अदा की। इसके बाद किसानों ने जाम खोल दिया और कलक्ट्रेट गेट पर जाकर धरने पर बैठ गए। शाम करीब चार बजे किसानों ने धरना समाप्त किया।
शुक्रवार को जनपद भर में किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जगह-जगह जाम लगाकर प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 12 बजे किसान कालाआम चौराहे पर एकत्रित होने लगे। चौराहे पर किसान ट्रैक्टर के साथ हुक्का और खाट लगाकर बैठ गए। हर-हर महादेव के जयघोष के साथ किसानों ने कालाआम से भूड़ रोड, डीएम रोड, मोतीबाग रोड, अस्पताल रोड, कचहरी रोड पर ट्रैक्टर खड़े कर और मानव श्रृंखला बनाकर ट्रैफिक जाम कर दिया। इसके कुछ देर बाद किसान सिलिंडर और उर्वरक का कट्टा लेकर आए और माल्यार्पण कर महंगाई का विरोध जताया। किसानों ने जाम के दौरान लोगों से अपनी और किसानों की समस्या भी बताईं। इस दौरान एक इंस्पेक्टर कार से कालाआम चौराहे पर आए गए, जिन्हें किसानों ने आगे नहीं जाने दिया। किसानों ने कार को धक्का लगाकर पीछे कर दिया। भाकियू के एनसीआर महासचिव मांगेराम त्यागी ने बताया कि एक ओर सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करती है। वहीं, दूसरी ओर डीएपी के दामों में लगातार बढ़ोतरी से किसानों की कमर टूट रही है। डीएपी के दाम 300 रुपये बढ़ाकर सरकार ने अपनी मंशा साफ कर दी है कि वह किसानों की हितैषी नहीं है। वहीं, गैस सिलिंडर के दामों में बढ़ोतरी कर सरकार ने आम आदमी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कभी 300 रुपये में मिलने वाला गैस सिलिंडर आज 900 रुपये में मिल रहा है।
भाकियू किसानों के साथ-साथ आम आदमी की भी लड़ाई लड़ रहा है। जब तक सरकार कृषि कानून वापस नहीं ले लेती है, तब तक आंदोलन चलता रहेगा। चौराहे पर ही किसानों ने जुमे की नमाज भी पढ़ी। कालाआम चौराहे पर जाम समाप्त करने के बाद किसान जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए। करीब चार बजे एसडीएम सदर और सीओ सिटी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देने के बाद किसान धरने से उठे।
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जाम से ढाई घंटे जूझा शहर
किसानों के आंदोलन के चलते करीब ढाई घंटे तक आवागमन बाधित रहा। कालाआम पर जाम लगने से यहां से गुजरने वाले पांच मार्गों पर जाम लग गया। वाहन चालक और राहगीर दूसरे लंबे और संकरे मार्ग से अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। हालांकि किसानाें ने महिलाओं, वृद्धाें, बीमारों, छात्र-छात्राओं और एंबुलेंस को रास्ता दिया।
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बुलंदशहर। कृषि कानून के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसानों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भाकियू सहित अन्य किसान संगठनों ने शुक्रवार को पूरे जनपद में विरोध प्रदर्शन किया। नगर क्षेत्र के किसान दोपहर 12 बजे भाकियू के बैनर तले कालाआम चौराहे पर एकत्रित हुए। हर-हर महादेव के जयकारे के साथ किसानों ने कालाआम से गुजरने वाले पांच मार्गों को ट्रैक्टर और मानव श्रृंखला बनाकर रोक दिया। दोपहर करीब ढाई बजे आंदोलन में शामिल मुस्लिम समाज के किसानों ने कालाआम चौराहे पर ही जुमे की नमाज अदा की। इसके बाद किसानों ने जाम खोल दिया और कलक्ट्रेट गेट पर जाकर धरने पर बैठ गए। शाम करीब चार बजे किसानों ने धरना समाप्त किया।
शुक्रवार को जनपद भर में किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जगह-जगह जाम लगाकर प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 12 बजे किसान कालाआम चौराहे पर एकत्रित होने लगे। चौराहे पर किसान ट्रैक्टर के साथ हुक्का और खाट लगाकर बैठ गए। हर-हर महादेव के जयघोष के साथ किसानों ने कालाआम से भूड़ रोड, डीएम रोड, मोतीबाग रोड, अस्पताल रोड, कचहरी रोड पर ट्रैक्टर खड़े कर और मानव श्रृंखला बनाकर ट्रैफिक जाम कर दिया। इसके कुछ देर बाद किसान सिलिंडर और उर्वरक का कट्टा लेकर आए और माल्यार्पण कर महंगाई का विरोध जताया। किसानों ने जाम के दौरान लोगों से अपनी और किसानों की समस्या भी बताईं। इस दौरान एक इंस्पेक्टर कार से कालाआम चौराहे पर आए गए, जिन्हें किसानों ने आगे नहीं जाने दिया। किसानों ने कार को धक्का लगाकर पीछे कर दिया। भाकियू के एनसीआर महासचिव मांगेराम त्यागी ने बताया कि एक ओर सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करती है। वहीं, दूसरी ओर डीएपी के दामों में लगातार बढ़ोतरी से किसानों की कमर टूट रही है। डीएपी के दाम 300 रुपये बढ़ाकर सरकार ने अपनी मंशा साफ कर दी है कि वह किसानों की हितैषी नहीं है। वहीं, गैस सिलिंडर के दामों में बढ़ोतरी कर सरकार ने आम आदमी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कभी 300 रुपये में मिलने वाला गैस सिलिंडर आज 900 रुपये में मिल रहा है।
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भाकियू किसानों के साथ-साथ आम आदमी की भी लड़ाई लड़ रहा है। जब तक सरकार कृषि कानून वापस नहीं ले लेती है, तब तक आंदोलन चलता रहेगा। चौराहे पर ही किसानों ने जुमे की नमाज भी पढ़ी। कालाआम चौराहे पर जाम समाप्त करने के बाद किसान जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए। करीब चार बजे एसडीएम सदर और सीओ सिटी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देने के बाद किसान धरने से उठे।
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जाम से ढाई घंटे जूझा शहर
किसानों के आंदोलन के चलते करीब ढाई घंटे तक आवागमन बाधित रहा। कालाआम पर जाम लगने से यहां से गुजरने वाले पांच मार्गों पर जाम लग गया। वाहन चालक और राहगीर दूसरे लंबे और संकरे मार्ग से अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। हालांकि किसानाें ने महिलाओं, वृद्धाें, बीमारों, छात्र-छात्राओं और एंबुलेंस को रास्ता दिया।