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दाम मिल रहा कम... किसानों का निकला दम
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
Updated Mon, 02 May 2016 10:48 PM IST
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टमाटर की फसल
- फोटो : अमर उजाला
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टमाटर की फसल ने किसानों का दीवाला निकाल दिया है। किसानों को लागत से भी कम दाम फसलों के मिल रहे हैं, जिनसे उनका दम निकल रहा है और टमाटर की खेती से उनका मोहभंग हो रहा है। काफी संख्या में किसानाें ने अपनी टमाटर की फसल खेतों में ही छोड़ दी है।
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किसान कुंदन सिंह ने बताया कि बसीबांगर, भगवानपुर, घुंघरावली, निजामपुर, फरीदाबांगर आदि गांवों में सैकड़ों किसान भारी मात्रा में टमाटर की खेती करते रहे हैं। इस वर्ष टमाटर की स्थिति काफी खराब है। एक बीघा खेत में बीज, पानी, खाद, स्प्रे व लेबर आदि सहित लगभग 20 हजार रुपये का खर्चा आता है।
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टमाटर में कोई रोग नहीं लगता है तो अधिकतम प्रति बीघा 60 कुंतल तक टमाटर निकल आता है। रोग लगने की दशा में टमाटर की संख्या घटकर आधी तक रह जाती है। वर्तमान में मंडी में टमाटर की स्थिति काफी खराब है। बुगरासी व स्याना की मंडी में 20 किलो टमाटर की कैरेट लगभग 40 से 50 रुपये की बिक रही है।
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ऐसे में किसानाें के हाथ लागत मूल्य का लगभग आधा दाम ही हाथ आ पा रहा है। किसान टमाटर की तुड़ाई तक करने से बच रहे हैं। काफी खेतों में किसानों का टमाटर ऐसे ही पड़ा हुआ है। क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
कुंदन सिंह ने सात बीघा, नानक ने सात बीघा, गोपाल ने पांच बीघा, तालेवर सिंह नौ बीघा, लल्लू सिंह ने पांच बीघा, कैलाश चंद 25 बीघा, दीना ने आठ बीघा, राकेश ने छह बीघा जमीन पर टमाटर लगाया हुआ है। लाखाें का कर्जा लेकर टमाटर लगाने वाले किसानों को भारी नुकसान है।
बुगरासी और स्याना की मंडियों के अतिरिक्त किसान दिल्ली, रुड़की, हरिद्वार आदि मंडियों में भी टमाटर ले जाते हैं। बुगरासी व स्याना की मंडी से शहर की मंडियाें में लगभग दो गुना भाव मिल रहा है, लेकिन ज्यादा खर्चे के चलते किसानों को खास लाभ नहीं होता है।