ग्राहकों से की जा रही अवैध वसूली

अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर Updated Thu, 26 May 2016 10:49 PM IST
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जनसेवा केंद्र
जनसेवा केंद्र - फोटो : अमर उजाला

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जनसेवा केंद्रों पर प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर किसान, स्टूडेंटस और आम आदमी को लूटा जा रहा है। केंद्र संचालक लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर अवैध वसूली में मशगूल हैं। वहीं, निगरानी के नाम पर सरकारी स्तर पर बस खानापूर्ति की जा रही है।
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जनसेवा केंद्रोें का हाल जानने के लिए अमर उजाला की टीम तीन केंद्रों पर पहुंची, जहां केंद्रों पर खुलेआम अवैध वसूली का खेल सामने आया।

समय: दोपहर-2:30 बजे
स्थान: बंचावली जनसेवा केंद्र
केंद्र पर जितेंद्र नाम का युवक मूल निवास प्रमाण पत्र लेने के लिए बैठा मिला। जितेंद्र ने बताया कि उसने 15 दिन पहले मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। संचालक को सर्टिफिकेट बनाने के लिए 50 रुपये फीस दी थी। केंद्र संचालक ने दो गुने से अधिक फीस भी वसूल ली और अब तक मूल निवास प्रमाण पत्र नहीं मिला है।


केंद्र पर आने जाने में रोजाना 10-15 रुपये अलग से खर्च हो जाते हैं। इस केंद्र पर आय, जाति और मूल निवास संबंधित 20 सर्टिफिकेट पेंडिंग हैं।

दोपहर-2:30 बजे
स्थान: चोला चौकी स्थित जनसेवा केंद्र
जनसेवा केंद्र पर सोनू चौधरी नाम का स्टूडेंट बैठा था। उसने बताया कि उसको अब तक मूल निवास प्रमाण पत्र नहीं मिला है। प्रमाण पत्र की एवज में वह 100 रुपये भी संचालक को अदा कर चुका है। इसके बावजूद उससे रोजाना चक्कर लगवाए जा रहे हैं।  प्रमाण पत्र की उसको सख्त जरूरत है। वहीं, केंद्र पर 17 आवेदन पेंडिंग सूची में पाए गए।     

समय-दोपहर: 1.30 बजे
स्थान बुगरासी लोकवाणी केंद्र
लोकवाणी केंद्र पर संचालक एक प्रमाण पत्र बनाने के कम से कम 80 से 100 रुपये वसूलता है। ऐसा केंद्र पर आय और मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने आए कई लोगों ने बताया। हालंाकि, यहां केंद्र संचालक प्रमाण पत्रों की डिलीवरी ग्राहकों को एक सप्ताह के भीतर कर रहा था। संचालक का कहना है कि सरकारी रेट बेहद कम है। इससे खर्चा निकालना मुश्किल हो जाता है।

किसी भी सेंटर पर अगर अवैध वसूली की जा रही है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बहुत जल्द ही चेकिंग अभियान चलाया जाएगा,
ताकि किसी से अवैध वसूली न होने पाए। - पीयूष चौधरी, प्रबंधक ई-गवर्नेंस

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