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बिना बॉक्स के ही मैनहोल की कर रहे खुदाई
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बिना बॉक्स के ही मैनहोल की कर रहे खुदाई
बुलंदशहर। शनिवार को मानसरोवर कॉलोनी में सीवर की खुदाई में हुई लापरवाही से ढकौली निवासी एक श्रमिक की मौत हो गई थी। इसके बाद भी सीवर का कार्य करने वाली कार्यदायी संस्था लापरवाह रवैया अख्तियार किए हुए हैं। सीवर के मैनहोल बनाने के लिए गलियों व सड़कों पर गड्डे खोदे जा रहे है। लेकिन कहीं भी बाक्स का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि अगर शनिवार को गड्ढा खुदाई के दौरान बाक्स लगाकर कार्य किया जाता तो श्रमिक की जान नहीं जाती। रविवार को अमर उजाला की टीम ने सीवर की खुदाई के कार्य का लाइव किया। जहां कहीं भी बाक्स लगाकर श्रमिक गड्ढे में उतरते नहीं मिले। हालांकि गड्ढे में उतरने वाले श्रमिकों ने सेफ्टी बेल्ट पहन रखी थी। लेकिन अगर अंदर घुसने के बाद उसके ऊपर मिट्टी की ढांग गिर गई तो उसका बचना मुश्किल ही होगा। जानकारों ने बताया कि जहां बाक्स नहीं पहुंच पाते है वहां लकड़ी के तख्तों से बाक्स की शक्ल दी जाती है। लेकिन साइट पर कहीं भी ऐसा देखने को नहीं मिला।
स्थान : मामन रोड, मोहल्ला मदरसा, समय 10.45 मिनट सुबह
अमर उजाला की टीम जब मामन रोड स्थित मोहल्ला मदरसा पहुंची तो वहां पर करीब डेढ़ मीटर का गड्ढा खोदकर मैनहोल बनाया जा रहा था। नीचे उतरने वाले श्रमिक ने सेफ्टी बेल्ट पहन रखी थी और बेल्ट का दूसरा सिरा अन्य श्रमिक ने पकड़ रखा था, लेकिन वहां बाक्स अथवा लड़की के तख्तों का इंतजाम नहीं था।
स्थान: डीएम रोड, समय 11.15 मिनट
ऐसा ही हाल डीएम रोड स्थित एक गली के बाहर मैनहोल के लिए गड्ढा खोदते सामने आया। वहां भी सिर्फ सेफ्टी बेल्ट के सहारे श्रमिक 1.5 मीटर नीचे उतरा हुआ था। वहां भी न तो बाक्स लगा हुआ था और न ही लकड़ी के तख्ते लगे हुए थे। वहां भी हादसा होने की संभावना बनी हुई थी।
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स्थान: नीलकंठ कालोनी, समय 11.45 मिनट
अमर उजाला की टीम आवास विकास कालोनी स्थित नीलकंठ कॉलोनी पहुंची। वहां पर भी चौड़ी सड़क होने के बावजूद भी बिना बाक्स के ही खुदाई की जा रही थी। जबकि गड्ढे के ऊपर काफी मिट्टी जमा थी। अगर मिट्टी की ढांग गड्ढा खोदते श्रमिक के ऊपर गिर गई तो उसकी जान पर आ बनेगी।
सभी स्थानों पर नियमों और सुरक्षा के मानकों को ध्यान में रखकर कार्य कराया जा रहा है। जहां भी लापरवाही सामने आएगी। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- एसके शर्मा, एक्सईएन जल निगम
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बुलंदशहर। शनिवार को मानसरोवर कॉलोनी में सीवर की खुदाई में हुई लापरवाही से ढकौली निवासी एक श्रमिक की मौत हो गई थी। इसके बाद भी सीवर का कार्य करने वाली कार्यदायी संस्था लापरवाह रवैया अख्तियार किए हुए हैं। सीवर के मैनहोल बनाने के लिए गलियों व सड़कों पर गड्डे खोदे जा रहे है। लेकिन कहीं भी बाक्स का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि अगर शनिवार को गड्ढा खुदाई के दौरान बाक्स लगाकर कार्य किया जाता तो श्रमिक की जान नहीं जाती। रविवार को अमर उजाला की टीम ने सीवर की खुदाई के कार्य का लाइव किया। जहां कहीं भी बाक्स लगाकर श्रमिक गड्ढे में उतरते नहीं मिले। हालांकि गड्ढे में उतरने वाले श्रमिकों ने सेफ्टी बेल्ट पहन रखी थी। लेकिन अगर अंदर घुसने के बाद उसके ऊपर मिट्टी की ढांग गिर गई तो उसका बचना मुश्किल ही होगा। जानकारों ने बताया कि जहां बाक्स नहीं पहुंच पाते है वहां लकड़ी के तख्तों से बाक्स की शक्ल दी जाती है। लेकिन साइट पर कहीं भी ऐसा देखने को नहीं मिला।
स्थान : मामन रोड, मोहल्ला मदरसा, समय 10.45 मिनट सुबह
अमर उजाला की टीम जब मामन रोड स्थित मोहल्ला मदरसा पहुंची तो वहां पर करीब डेढ़ मीटर का गड्ढा खोदकर मैनहोल बनाया जा रहा था। नीचे उतरने वाले श्रमिक ने सेफ्टी बेल्ट पहन रखी थी और बेल्ट का दूसरा सिरा अन्य श्रमिक ने पकड़ रखा था, लेकिन वहां बाक्स अथवा लड़की के तख्तों का इंतजाम नहीं था।
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स्थान: डीएम रोड, समय 11.15 मिनट
ऐसा ही हाल डीएम रोड स्थित एक गली के बाहर मैनहोल के लिए गड्ढा खोदते सामने आया। वहां भी सिर्फ सेफ्टी बेल्ट के सहारे श्रमिक 1.5 मीटर नीचे उतरा हुआ था। वहां भी न तो बाक्स लगा हुआ था और न ही लकड़ी के तख्ते लगे हुए थे। वहां भी हादसा होने की संभावना बनी हुई थी।
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स्थान: नीलकंठ कालोनी, समय 11.45 मिनट
अमर उजाला की टीम आवास विकास कालोनी स्थित नीलकंठ कॉलोनी पहुंची। वहां पर भी चौड़ी सड़क होने के बावजूद भी बिना बाक्स के ही खुदाई की जा रही थी। जबकि गड्ढे के ऊपर काफी मिट्टी जमा थी। अगर मिट्टी की ढांग गड्ढा खोदते श्रमिक के ऊपर गिर गई तो उसकी जान पर आ बनेगी।
सभी स्थानों पर नियमों और सुरक्षा के मानकों को ध्यान में रखकर कार्य कराया जा रहा है। जहां भी लापरवाही सामने आएगी। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- एसके शर्मा, एक्सईएन जल निगम