{"_id":"eb7c981396934cb05d5211cd1f0d82ab","slug":"duplicate-medicine-were-distributed-by-non-registered-doctors-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपंजीकृत चिकित्सक खपा रहे नकली दवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपंजीकृत चिकित्सक खपा रहे नकली दवाई
बुलंदशहर, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Feb 2016 12:43 AM IST
विज्ञापन
यदि आप अपने बच्चे का इलाज किसी अपंजीकृत चिकित्सक से करा रहे हैं तो सावधान हो जाएं। अपंजीकृत चिकित्सक द्वारा दी जा रही दवा नकली भी हो सकती है।
ब्रांडेड कंपनी की नकली दवा बनाने के लिए एक रैकेट बड़े स्तर पर काम कर रहा है। पिछले कई माह से अफसर इस रैकेट की तलाश में है, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है।
बता दें कि बृहस्पतिवार को सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव हृदयपुर में ब्रांडेड कंपनियों की नकली दवाओं का जखीरा पकड़ा गया था। यह नकली दवाएं बच्चों के प्रयोग और जख्म में उपयोग करने वाली थीं।
इन नकली दवाओं को बनाने वालों तो गिरफ्त में नहीं आ सके, लेकिन इसका खुलासा हो गया है कि यह वही रैकेट है, जो मेरठ में करीब तीन माह पूर्व पकड़ा गया था।
बड़ी बात यह है कि इस रैकेट का कोई भी सुराग अभी तक अफसरों के हाथ नहीं लगा है। औषधि अफसरों की जांच में पता चल रहा है कि यह दवाएं गांव और देहात क्षेत्र में बनाई जा रही हैं।
विज्ञापन
आशंका जताई जा रही है कि इन दवाओं को देहात क्षेत्र में दुकान खोलकर बैठे अपंजीकृत चिकित्सक के पास खपाई गई हैं। औषधि विभाग मेरठ के बाद जनपद में भी इन दवाओं की खपत को जानने के लिए सर्च अभियान चलाया जाएगा।
गांवों में काम कर रहा रैकेट
औषधि विभाग के एक अफसर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह रैकेट शहरों की अपेक्षा गांव देहात में काम कर रहा है।
देहात क्षेत्रों में नकली दवाओं को आसानी से खपाए जाने के कारण रैकेट के सरगना जगह-जगह इन्हें बना रहे हैं। अफसर ने बताया कि यह रैकेट कई अन्य ब्लॉकों के गांवों में भी नकली दवाओं का गोरखधंधा कर रहा है।
विज्ञापन
ब्रांडेड कंपनी की नकली दवा बनाने के लिए एक रैकेट बड़े स्तर पर काम कर रहा है। पिछले कई माह से अफसर इस रैकेट की तलाश में है, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है।
बता दें कि बृहस्पतिवार को सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव हृदयपुर में ब्रांडेड कंपनियों की नकली दवाओं का जखीरा पकड़ा गया था। यह नकली दवाएं बच्चों के प्रयोग और जख्म में उपयोग करने वाली थीं।
विज्ञापन
इन नकली दवाओं को बनाने वालों तो गिरफ्त में नहीं आ सके, लेकिन इसका खुलासा हो गया है कि यह वही रैकेट है, जो मेरठ में करीब तीन माह पूर्व पकड़ा गया था।
बड़ी बात यह है कि इस रैकेट का कोई भी सुराग अभी तक अफसरों के हाथ नहीं लगा है। औषधि अफसरों की जांच में पता चल रहा है कि यह दवाएं गांव और देहात क्षेत्र में बनाई जा रही हैं।
विज्ञापन
आशंका जताई जा रही है कि इन दवाओं को देहात क्षेत्र में दुकान खोलकर बैठे अपंजीकृत चिकित्सक के पास खपाई गई हैं। औषधि विभाग मेरठ के बाद जनपद में भी इन दवाओं की खपत को जानने के लिए सर्च अभियान चलाया जाएगा।
गांवों में काम कर रहा रैकेट
औषधि विभाग के एक अफसर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह रैकेट शहरों की अपेक्षा गांव देहात में काम कर रहा है।
देहात क्षेत्रों में नकली दवाओं को आसानी से खपाए जाने के कारण रैकेट के सरगना जगह-जगह इन्हें बना रहे हैं। अफसर ने बताया कि यह रैकेट कई अन्य ब्लॉकों के गांवों में भी नकली दवाओं का गोरखधंधा कर रहा है।