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Bulandshahar News: आठ घंटे गुल रही जिला अस्पताल की बिजली, अटके काम
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जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में भर्ती मरीज। संवाद
- फोटो : इटावा रेलवे स्टेशन पर खिलाड़ी मनीष का स्वागत करते शिक्षक।
बुलंदशहर। बंदरों के उत्पाद की वजह से बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की बिजली गुल हो गई। आठ घंटे तक बिजली गुल रहने से एक्सरे, डायलिसिसि और पैथोलॉजी में काम नहीं हो सका। शाम करीब पांच बजे बिजली बहाल हो सकी।
बारिश के दौरान जिला अस्पताल में बुधवार रात से समय-समय पर बिजली गुल होने की समस्या बनी रही। वहीं, बृहस्पतिवार सुबह अस्पताल में एक केबिल का बक्सा फट गया। इसके बाद इसे सही किया तो बिजली के तार पर बंदरों के झूलने से तार टूट कर गिर गया। जिससे बिजली आपूर्ति फिर से बाधित हो गई।
काफी समय तक बिजली गुल होने पर इन्वर्टर भी जवाब दे गए। ऐसे में अस्पताल की पैथोलॉजी में लगी ब्लड जांच मशीन, डायलिसिस यूनिट, एक्सरे और अन्य उपकरण भी बंद हो गए। उपकरणों को चलाने के लिए जनरेटर भी नहीं चलाया गया। दोपहर एक बजे करीब कर्मचारियों ने बिजली का टूटा हुआ तार देखा और उसे जोड़ने का प्रयास किया। इसके बाद एक्सरे कक्ष की लाइन में फाल्ट आ गया। सुबह से गुल बिजली शाम करीब पांच बजे सभी कक्षों में सुचारू हो सकी।
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बिजली गुल रहने पर डायलिसिस और एक्सरे कराने आए मरीजों को इंतजार करना पड़ा। वहीं, खून की जांच के लिए शाम पांच बजे नमूने मशीन में लगाए गए। बृहस्पतिवार को लैब में 216 मरीजों की 3,925 जांच के लिए खून के नूमने लिए गए।
डायलिसिस यूनिट में 12 मरीजों में छह मरीजों की डायलिसिस सुबह तो शेष छह की बिजली आने के बाद शुरू हुई।
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बारिश के दौरान जिला अस्पताल में बुधवार रात से समय-समय पर बिजली गुल होने की समस्या बनी रही। वहीं, बृहस्पतिवार सुबह अस्पताल में एक केबिल का बक्सा फट गया। इसके बाद इसे सही किया तो बिजली के तार पर बंदरों के झूलने से तार टूट कर गिर गया। जिससे बिजली आपूर्ति फिर से बाधित हो गई।
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काफी समय तक बिजली गुल होने पर इन्वर्टर भी जवाब दे गए। ऐसे में अस्पताल की पैथोलॉजी में लगी ब्लड जांच मशीन, डायलिसिस यूनिट, एक्सरे और अन्य उपकरण भी बंद हो गए। उपकरणों को चलाने के लिए जनरेटर भी नहीं चलाया गया। दोपहर एक बजे करीब कर्मचारियों ने बिजली का टूटा हुआ तार देखा और उसे जोड़ने का प्रयास किया। इसके बाद एक्सरे कक्ष की लाइन में फाल्ट आ गया। सुबह से गुल बिजली शाम करीब पांच बजे सभी कक्षों में सुचारू हो सकी।
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बिजली गुल रहने पर डायलिसिस और एक्सरे कराने आए मरीजों को इंतजार करना पड़ा। वहीं, खून की जांच के लिए शाम पांच बजे नमूने मशीन में लगाए गए। बृहस्पतिवार को लैब में 216 मरीजों की 3,925 जांच के लिए खून के नूमने लिए गए।
डायलिसिस यूनिट में 12 मरीजों में छह मरीजों की डायलिसिस सुबह तो शेष छह की बिजली आने के बाद शुरू हुई।

जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में भर्ती मरीज। संवाद- फोटो : इटावा रेलवे स्टेशन पर खिलाड़ी मनीष का स्वागत करते शिक्षक।