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मरीजों को गोद और पीठ पर लादकर ले जा रहे तीमारदार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jun 2022 10:12 PM IST
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district hospital
मरीजों को गोद और पीठ पर लादकर ले जा रहे तीमारदार
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बुलंदशहर। जिला अस्पताल में मरीजों को घिसटकर या कंधों का सहारा देकर इमरजेंसी या वार्ड तक पहुंचाया जा रहा है। शुक्रवार को जिला अस्पताल उपचार कराने आए अधिकांश मरीजों और तीमारदारों को स्ट्रेचर व व्हील चेयर नहीं मिल पाया। न ही किसी वार्ड ब्यॉय द्वारा कोई मदद की गई। ऐसे में मरीजों को अपनों से सहारा लेकर या घसीटकर चलना पड़ा। वहीं, उन्हें देखकर आते-जाते लोग पूछते रहे कि क्या दिक्कत है, लेकिन किसी ने कोई सहारा नहीं दिया। ऐसा नहीं है कि अस्पताल में स्ट्रेचर या व्हील चेयर न हो, लेकिन इनका इस्तेमाल स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा अक्सर दवाओं को ढोने में किया जाता है।
पैरों से दिव्यांग को पड़ा घसीटना
दोनों पैरों से दिव्यांग केपी सिंह शुक्रवार को पेट में दर्द होने पर अपने को दिखाने के लिए आया। दिव्यांग होने के कारण उसे अकेले आना पड़ा। इस दौरान चिकित्सकों द्वारा अल्ट्रासाउंड करा लेने की सलाह दी। इस पर उसे सड़क पर घिसटकर चलना पड़ा। उसे न स्ट्रेचर मिला और न ही व्हील चेयर। आते जाते लोग भी उनसे पूछते हैं कि क्या दिक्कत है। उसे घिसटते-घिसटते अस्पताल के बाहर तक जाना पड़ा।
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छोटे भाई की गोदी का मिला सहारा
जिला अस्पताल में पैर में फैक्चर होने पर परिजनों संग आए धमेड़ा नारा निवासी ओमवीर गुप्ता को परिवार के लोग स्ट्रेचर नहीं मिलने पर परेशान नजर आए। बाद में छोटे भाई को गोदी में ले जाकर एक्सरे कराना पड़ा। इसके बाद वापस आने पर भी स्ट्रेचर व व्हील चेयर न मिलने पर छोटे भाई ने गोदी में उठाकर भाई को राहत देने का प्रयास किया।
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कंधे का मिला सहारा
लखावटी ब्लॉक क्षेत्र के गांव सूरजपुर टीकरी निवासी प्रदीप की पैर में फैक्चर होने पर रिश्तेदार उसे दिखाने के लिए जिला अस्पताल लाए। इस दौरान स्ट्रेचर न मिलने पर रिश्तेदार दंपती को कंधों का सहारा देना पड़ा। इस बीच वे कई बार रुकते भी रहे। प्रदीप द्वारा चला नहीं जाने को कहे जाने पर रिश्तेदार उसकी हिम्मत बंधाते रहे कि थोड़ी ही दूर जाना है। जैसे-तैसे मरीज एक-एक कदम गिन गिन कर चलते रहे।

व्हील चेयर कम है लेकिन स्ट्रेचर पर्याप्त है। वार्ड में भी स्ट्रेचर रहती है। यदि कोई कर्मचारी स्ट्रेचर का गलत इस्तेमाल कर रहा है तो उस पर रोक लगाई जाएगी। प्रयास किए जाएंगे कि मरीजों को कोई परेशानी न हो। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल
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