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जिले में पहुंची 1300 एमटी डीएपी और 2064 एमटी यूरिया की रैक
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जिले में पहुंची 1300 एमटी डीएपी और 2064 एमटी यूरिया की रैक
बुलंदशहर। गेहूं बुआई में किसानों के सामने आ रहे यूरिया और डीएपी के संकट को कृषि विभाग ने दूर करने का प्रयास किया है। जिले के लिए शासन से आईपीएल यानि इंडिया पोटाश लिमिटेड से यूरिया और डीएपी की रैक मिली हैं। साथ ही प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना में जिले को यूरिया की पहली रैक मिली है।
जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया ने बताया कि यूरिया और डीएपी को सोसायटी व दुकानों पर पहुंचाया जा रहा है। विभाग के पास अभी 26,165 मीट्रिक टन यूरिया और 4,493 एमटी डीएपी है। बुधवार को जिले में इंडिया पोटाश लिमिटेड से 2064 मीट्रिक टन यूरिया की रैक आ गई है। जबकि 1300 मीट्रिक टन डीएपी की रैक और आई है। जिले में दोनों प्रकार के खाद की कोई कमी नहीं है। सोसायटी एवं दुकानों पर लिमिट के हिसाब से खाद भेजा जा रहा है।
जिले में हो चुकी है गेहूं की 50 फीसदी बुआई, फिर भी समितियों पर लाइन
जिले में यूरिया और डीएपी लेने के लिए किसानों में मारामारी मची है। कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जिले में डीएपी और यूरिया की कमी नहीं है। फिर भी किसानों की सोसायटी आदि उर्वरक की दुकानों पर रोजाना लाइन लग रही है। वहीं, दूसरी ओर जिले में करीब 50 फीसदी गेहूं की बुआई हो चुकी है। जिले में इस बार करीब दो लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुआई होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
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बुलंदशहर। गेहूं बुआई में किसानों के सामने आ रहे यूरिया और डीएपी के संकट को कृषि विभाग ने दूर करने का प्रयास किया है। जिले के लिए शासन से आईपीएल यानि इंडिया पोटाश लिमिटेड से यूरिया और डीएपी की रैक मिली हैं। साथ ही प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना में जिले को यूरिया की पहली रैक मिली है।
जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया ने बताया कि यूरिया और डीएपी को सोसायटी व दुकानों पर पहुंचाया जा रहा है। विभाग के पास अभी 26,165 मीट्रिक टन यूरिया और 4,493 एमटी डीएपी है। बुधवार को जिले में इंडिया पोटाश लिमिटेड से 2064 मीट्रिक टन यूरिया की रैक आ गई है। जबकि 1300 मीट्रिक टन डीएपी की रैक और आई है। जिले में दोनों प्रकार के खाद की कोई कमी नहीं है। सोसायटी एवं दुकानों पर लिमिट के हिसाब से खाद भेजा जा रहा है।
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जिले में हो चुकी है गेहूं की 50 फीसदी बुआई, फिर भी समितियों पर लाइन
जिले में यूरिया और डीएपी लेने के लिए किसानों में मारामारी मची है। कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जिले में डीएपी और यूरिया की कमी नहीं है। फिर भी किसानों की सोसायटी आदि उर्वरक की दुकानों पर रोजाना लाइन लग रही है। वहीं, दूसरी ओर जिले में करीब 50 फीसदी गेहूं की बुआई हो चुकी है। जिले में इस बार करीब दो लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुआई होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
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