{"_id":"58f79ec64f1c1b1774473435","slug":"crores-of-books-sold-on-estimate","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस्टीमेट पर बेच दीं करोड़ों की कॉपी-किताबें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस्टीमेट पर बेच दीं करोड़ों की कॉपी-किताबें
अमर उजाला ब्यूरो / बुलंदशहर
Updated Wed, 19 Apr 2017 11:00 PM IST
विज्ञापन
फर्जी बिल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर के बुक सेलरों ने कोर्स की किताब-कॉपी बेचने में खुलेआम टैक्स चोरी की। छात्रों को कोर्स की किताब-कॉपी इस्टीमेट बनाकर बेच डालीं। टैक्स चोरी के इस खेल की परतें उधड़ चुकी हैं। वाणिज्य कर अफसरों ने फर्जी इस्टीमेट जब्त कर जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
नगर के चार बड़े बुक सेलरों ने हजारों बच्चों को फर्जी बिलों के आधार पर कोर्स की किताब-कॉपी बेच डालीं। कुछ अभिभावकों को असली बिल थमाए गए, जबकि अधिकांश अभिभावकों को एस्टीमेट थमाकर टैक्स चोरी की गई।
विज्ञापन
इन बुक सेलरों ने अभिभावकों को ऐसी स्लिप थमा दी, जिस पर न कोई टिन नंबर था और न ही दुकान का पता। स्लिप पर उपर सिर्फ स्कूल का नाम लिखकर इस्टीमेट संख्या डालकर बिल बनाकर अभिभावकों से वसूली की गई, जबकि कुछ अभिभावकों को दिए गए बिल में दुकानदार का नाम, टिन नंबर समेत सब कुछ अंकित था।
विज्ञापन
वाणिज्य कर अफसरों ने इन इस्टीमेटों की जांच शुरू कर दी है। बुक सेलरों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
बुक सेलरों द्वारा दोहरी बिलिंग की जा रही थी। एक बिल असली हैं, जबकि दूसरा बिल फर्जी है। इस बिल पर दुकानदार का नाम, पता, टिन नंबर अंकित नहीं है। फर्जी बिलों की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। - वीपी कटियार, ज्वाइंट कमिश्नर, सेल्स टैक्स