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कोर्ट में पीड़िताओं ने किया रिपोर्ट का समर्थन
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Tue, 04 Apr 2017 12:28 AM IST
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gangrape
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जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में हुई शर्मनाक घटना के बाद दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज कराई रेप के प्रयास की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने दोनों पीड़िताओं के कोर्ट में बयान दर्ज करा दिए हैं। विवेचक के मुताबिक, पीड़िताओं ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराए बयानों में एफआईआर का समर्थन किया है। पुलिस अब गवाह और सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।
14 मार्च की रात गांव में दबंगों ने किशोरी से तमंचे के बल पर सामूहिक दुष्कर्म की कोशिश की थी। बाद में पीड़ित परिवार के घर में आग लगा दी थी। कई दिन तक पुलिस मामले को दबाने में लगी रही। एसएसपी के आदेश पर 18 मार्च को रिपोर्ट दर्ज हुई। मामला दिल्ली में बैठे अफसरों तक पहुंचा तो पुलिस हरकत में आई।
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पुलिस पर आरोप लगे कि उसकी मौजूदगी में दबंगों ने घर में आग लगाई। इस मामले में एसएसपी ने एक दरोगा समेत दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। वहीं पुलिस ने दूसरे पक्ष की ओर से महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की कोशिश के मामले में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। पुलिस ने किशोरी के कपड़ों को लैब टेस्ट के लिए भेज दिया है।
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विवेचक सीओ अनूपशहर श्रेष्ठा ठाकुर ने बताया कि रेप की कोशिश का आरोप लगाने वाली किशोरी और महिला के मजिस्ट्रेट के समक्ष कोर्ट में बयान दर्ज करा दिए हैं। दोनों ही मामलों में पीड़िताओं ने केस का समर्थन किया है।
निर्दोष के खिलाफ नहीं होगी कार्रवाईः सीओ श्रेष्ठा ठाकुर ने बताया कि दोनों ही ओर से दर्ज हुई एफआईआर में कई नाम फर्जी हैं। कई ऐसे लोग हैं जो घटना के वक्त गांव में ही नहीं थे। ऐसे लोगों के खिलाफ जांच में निर्दोष पाए जाने पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।