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पीतल को सोना बनाकर बेचने वाले ठग गिरफ्तार
अमर उजाला, सिकंदराबाद
Updated Fri, 04 Dec 2015 11:46 PM IST
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पीतल पर सोने की पालिस चढ़ाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक गिरोह के सात ठगों को पुलिस ने शुक्रवार को धर दबोचा।
ठगों के पास से पुलिस ने एक किलो पीतल का दाना बरामद किया है। पीतल दाने पर सोने की पालिस चढ़ी हुई थी। पुलिस ने सभी ठगों को जेल भेज दिया।
जानकारी के अनुसार उड़ीसा के रहने वाले विप्पीदास पुत्र रंजन दास, प्रदीपदास पुत्र भीमदास, सुकुटा प्रधान पुत्र भगवत प्रधान, दुर्गादास पुत्र दास रामराव, मनोजदास पुत्र मधुनदास, नियमदास पुत्र श्रारावणदास और कृष्णादास पुत्र गोरंगदास नगर के जेवर अड्डा पर डेरा डालकर रह रहे थे।
कायस्थवाड़ा निवासी रमेशचंद्र सर्राफ पुत्र चोखेलाल सैनी ने सातों ठगों के खिलाफ तहरीर दी थी। रमेशचंद्र ने बताया कि ठगों ने उनसे 10 लाख रुपये में चार सौ ग्राम सोने देने की बात कही थी।
ठगों ने बतौर एडवांस 50 हजार रुपये लेकर सैंपल के तौर पर कुछ सोने के दाने दिए थे। रमेशचंद्र ने बताया कि जब उन्होंने सोने के दानों को दुकान पर लाकर चेक किया तो वह पीतल निकला।
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रमेश की तहरीर पर पुलिस ने सभी सात ठगों को गिरफ्तार कर लिया है।
पीतल के दानों में सोने के दाने मिलाकर करते थे ठगी
एसआई अनिल कुमार ने बताया कि पूछताछ के दौरान ठगों ने बताया कि उन्होेंने उड़ीसा में पीतल के दाने बनवाकर उनपर सोने की पॉलिस चढ़वा रखी थी। पीतल के दानों में वह असली सोने के दानों को मिलाकर रखते थे।
डीलिंग के दौरान वह पोटली से असली सोने के दाने देकर लोगों का विश्वास जीत लेते थे। उसके बाद नकली सोने के दाने देकर ठगी करते थे। एक जगह ठगी में कामयाब होने पर वह जगह बदल देते थे।
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ठगों के पास से पुलिस ने एक किलो पीतल का दाना बरामद किया है। पीतल दाने पर सोने की पालिस चढ़ी हुई थी। पुलिस ने सभी ठगों को जेल भेज दिया।
जानकारी के अनुसार उड़ीसा के रहने वाले विप्पीदास पुत्र रंजन दास, प्रदीपदास पुत्र भीमदास, सुकुटा प्रधान पुत्र भगवत प्रधान, दुर्गादास पुत्र दास रामराव, मनोजदास पुत्र मधुनदास, नियमदास पुत्र श्रारावणदास और कृष्णादास पुत्र गोरंगदास नगर के जेवर अड्डा पर डेरा डालकर रह रहे थे।
कायस्थवाड़ा निवासी रमेशचंद्र सर्राफ पुत्र चोखेलाल सैनी ने सातों ठगों के खिलाफ तहरीर दी थी। रमेशचंद्र ने बताया कि ठगों ने उनसे 10 लाख रुपये में चार सौ ग्राम सोने देने की बात कही थी।
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ठगों ने बतौर एडवांस 50 हजार रुपये लेकर सैंपल के तौर पर कुछ सोने के दाने दिए थे। रमेशचंद्र ने बताया कि जब उन्होंने सोने के दानों को दुकान पर लाकर चेक किया तो वह पीतल निकला।
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रमेश की तहरीर पर पुलिस ने सभी सात ठगों को गिरफ्तार कर लिया है।
पीतल के दानों में सोने के दाने मिलाकर करते थे ठगी
एसआई अनिल कुमार ने बताया कि पूछताछ के दौरान ठगों ने बताया कि उन्होेंने उड़ीसा में पीतल के दाने बनवाकर उनपर सोने की पॉलिस चढ़वा रखी थी। पीतल के दानों में वह असली सोने के दानों को मिलाकर रखते थे।
डीलिंग के दौरान वह पोटली से असली सोने के दाने देकर लोगों का विश्वास जीत लेते थे। उसके बाद नकली सोने के दाने देकर ठगी करते थे। एक जगह ठगी में कामयाब होने पर वह जगह बदल देते थे।