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धारा हटाने के नाम पर दरोगा ने ऐंठ लिए 50 हजार रुपये
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Tue, 21 Feb 2017 11:34 PM IST
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जानलेवा हमले की धारा हटाने के नाम पर एक दरोगा ने 50 हजार रुपये ऐंठ लिए। आरोप है कि रुपये लेने के बाद भी दरोगा ने उन्हीं धाराओं में चार्जशीट लगाई और रकम लौटाने से इनकार कर दिया। इसकी शिकायत एसपी सिटी से की गई है। एसपी सिटी ने दरोगा के खिलाफ जांच बैठा दी है।
कोतवाली देहात के गांव धमरावली निवासी शीशपाल ने एसपी सिटी को शिकायती पत्र दिया कि जमीन के विवाद में दो मार्च 2016 को उसका झगड़ा हुआ था। इस मामले में दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने उसके पक्ष की ओर से रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
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पुलिस ने दूसरे पक्ष की तहरीर पर जानलेवा हमले की धाराओं में शीशपाल, सतपाल और रेशमपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एक माह 13 दिन तक जेल में रहने के बाद तीनों कोर्ट से जमानत पर छूटे।
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शीशपाल का आरोप है कि जेल से छूटने के बाद कोतवाली देहात में तैनात विवेचक सतपाल ने केस में से आईपीसी की धारा 307 को हटाने की बात कही। इसके एवज में दरोगा ने पचास हजार रुपये की मांग की। उसने ग्राम प्रधान और बीडीसी के सामने दरोगा सतपाल को 50 हजार रुपये दिए।
चार माह बीत जाने पर भी दरोगा ने धारा नहीं हटाई और उन्हीं धाराओं में चार्जशीट लगा दी। शीशपाल का आरोप है कि जब दरोगा से बात की तो उसने अधिकारियों से सेटिंग न हो पाने की बात कहकर रुपये लौटाने से इनकार कर दिया। शीशपाल की शिकायत पर एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने आरोपी दरोगा के खिलाफ जांच बैठा दी है। वहीं, दरोगा सतपाल ने इन आरोपों को गलत बताया है।