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जिला अस्पताल में मरीज के पास मिलीं प्रतिबंधित दवाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sat, 02 Apr 2016 12:37 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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जिला अस्पताल में एक मरीज के पास प्रतिबंधित दवाएं मिलने से हड़कंप मच गया। जिसके बाद पूरे अस्पताल में सर्चिंग अभियान चलाया गया, लेकिन अन्य मरीजों के पास कोई प्रतिबंधित दवाएं नहीं मिली।
महिला ड्रग एडिक्ट है उसके शरीर की सभी नसें ब्लॉक हैं। डीएम के निर्देश पर उसका इलाज चल रहा है। जिला अस्पताल के सीएमएस ने पूरे मामले की जानकारी सीएमओ, औषधि विभाग के अफसरों और कोतवाली पुलिस को दी गई।
इमलिया गांव निवासी आशा शर्मा को सेलोलाइटिस नामक बीमारी है। उसका जिला अस्पताल में पिछले 12 साल से उपचार चल रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि कभी छह माह तो कभी एक साल वह अस्पताल में रुकती है, फिर चली जाती है।
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पूर्व डीएम बी. चंद्रकला के निर्देश पर महिला को 15 हजार रुपये की आर्थिक मदद देकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार सुबह राउंड के दौरान चिकित्सकों ने देखा कि महिला मरीज प्रतिबंधित दवाओं का सेवन कर रही है।
जिला अस्पताल में प्रतिबंधित दवाएं देख डॉक्टरों के होश उड़ गए। महिला मरीज से सभी प्रतिबंधित दवाएं कब्जे में ली गईं। सूचना पाकर सीएमएस मौके पर पहुंच गए।
अन्य मरीजों की दवाओं की सर्चिंग की गई, अन्य किसी मरीज के पास प्रतिबंधित दवाएं नहीं मिलीं। महिला ड्रग एडिक्ट है। उसके परिवार ने भी उसका बहिष्कार किया हुआ है।
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महिला ड्रग एडिक्ट है उसके शरीर की सभी नसें ब्लॉक हैं। डीएम के निर्देश पर उसका इलाज चल रहा है। जिला अस्पताल के सीएमएस ने पूरे मामले की जानकारी सीएमओ, औषधि विभाग के अफसरों और कोतवाली पुलिस को दी गई।
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इमलिया गांव निवासी आशा शर्मा को सेलोलाइटिस नामक बीमारी है। उसका जिला अस्पताल में पिछले 12 साल से उपचार चल रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि कभी छह माह तो कभी एक साल वह अस्पताल में रुकती है, फिर चली जाती है।
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पूर्व डीएम बी. चंद्रकला के निर्देश पर महिला को 15 हजार रुपये की आर्थिक मदद देकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार सुबह राउंड के दौरान चिकित्सकों ने देखा कि महिला मरीज प्रतिबंधित दवाओं का सेवन कर रही है।
जिला अस्पताल में प्रतिबंधित दवाएं देख डॉक्टरों के होश उड़ गए। महिला मरीज से सभी प्रतिबंधित दवाएं कब्जे में ली गईं। सूचना पाकर सीएमएस मौके पर पहुंच गए।
अन्य मरीजों की दवाओं की सर्चिंग की गई, अन्य किसी मरीज के पास प्रतिबंधित दवाएं नहीं मिलीं। महिला ड्रग एडिक्ट है। उसके परिवार ने भी उसका बहिष्कार किया हुआ है।