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जिले में कुपोषण से सिसक रहा ‘बचपन’

Mon, 06 Mar 2017 10:24 PM IST
अमर उजाला/बुलंदशहर
अमर उजाला/बुलंदशहर Updated Mon, 06 Mar 2017 10:24 PM IST
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malnutrition old district 'childhood'
कुपोषण से सिसक रहा ‘बचपन’ - फोटो : ब्यूरो

करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी जिले में कुपोषण का खात्मा नहंी किया जा सका है। यह खुलासा वजन दिवस की रिपोर्ट में हुआ है। पिछले साल अतिकुपोषित (लाल श्रेणी) बच्चों की संख्या 27,945 थी, जो अब बढ़कर 28895 हो गई है। कुपोषित (पीली श्रेणी) के बच्चों की संख्या में थोड़ी गिरावट जरूर दर्ज की गई है।

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वजन दिवसों की रिपोर्ट के हिसाब से जिले में 58994 बच्चे कुपोषित (पीली श्रेणी) पाए गए हैं। 28895 बच्चे लाल श्रेणी में थे। लाल श्रेणी वाले बच्चे स्वास्थ्य के लिहाज से कमजोर होते हैं। 2.96 हजार बच्चों की सेहत सामान्य है। कुल मिलाकर जनपद में कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चे 87 हजार 889 हैं।
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पिछले साल जिले में 27945 बच्चे अतिकुपोषित की श्रेणी में थे। कुपोषित बच्चों की संख्या 77371 थी। 3.15 लाख बच्चे सामान्य श्रेणी में थे। लाल श्रेणी के बच्चों की संख्या गत वर्ष की तुलना में 950  अधिक है।
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पिछली साल 77371 बच्चे पीली श्रेणी और 27945 बच्चे लाल श्रेणी में थे। इस साल अतिकुपोषित बच्चे 28895 हो गई है। पीली श्रेणी वाले बच्चों की संख्या में कमी आई है। कुपोषण को मिटाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जसजीत कौरसीडीओ, बुलंदशहर

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