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बाल विवाह की सूचना पर दौड़े अफसर

Sat, 18 Feb 2017 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Sat, 18 Feb 2017 12:13 AM IST
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Information officer rushed over child marriage
क्राइम - फोटो : अमर उजाला

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सदर क्षेत्र के एक गांव में बाल-विवाह की सूचना पर पहुंची पुलिस-प्रशासन की टीम ने लड़की के परिजनों से पूछताछ की। परिजन लड़की के बालिग होने के सबूत एसडीएम सदर और नायब तहसीलदार को नहीं दिखा पाए। वहीं शिकायतकर्ता भी लड़की के नाबालिग-बालिग होने का कोई सबूत नहीं दे पाया। जिसके बाद एसडीएम सदर ने लड़की का मेडिकल कराने के बाद ही विवाह कराने को कहा है।

एसडीएम सदर अरुण कुमार यादव ने बताया कि शुक्रवार दोपहर कुछ ग्रामीण डीएम आन्जनेय कुमार सिंह के पास पहुंचे। उन्होंने बताया कि गांव के एक व्यक्ति ने अपनी 12 वर्षीय पुत्री का ऊंचागांव क्षेत्र के एक अधेड़ से विवाह तय कर दिया है।
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18 फरवरी को बारात आनी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बच्ची के पिता ने बिचौलियों द्वारा सात लाख रुपये लिए हैं। जबकि तीन लाख रुपये बिचौलियों ने आपस में बांटे हैं। ग्रामीणों ने डीएम से बाल-विवाह को रुकवाने की मांग की। डीएम ने एसडीएम सदर को मामले की जांच के आदेश दिए।
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एसडीएम पुलिस के साथ गांव पहुंचे और परिजनों से लड़की के बालिग  होने के दस्तावेज मांगे, लेकिन परिजन कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके।  वहीं शिकायतकर्ता भी लड़की के नाबालिग होने का दस्तावेज नहीं दिखा पाए। एसडीएम सदर ने बताया कि देखने में लड़की नाबालिग प्रतीत हो रही है।

जांच के लिए एक टीम ऊंचागांव स्थित युवक के घर भेजी गई है। नई मंडी पुलिस को आदेश दिए हैं कि वह लड़की का मेडिकल कराकर आयु का पता करें। मेडिकल में बालिग होने केे बाद ही विवाह हो पाएगा।


लड़की के स्कूल टीचर को किया तलब
गांव में जांच के लिए पहुंचे एसडीएम ने मौके पर लड़की के स्कूल टीचरों को भी बुलाया। उनमें एक टीचर ने अपने स्कूल लड़की के न पढ़ाने की बात बताई। जबकि एक अन्य शिक्षक ने कहा कि उसने लड़की को स्कूल में कक्षा पांच तक शिक्षा दी है। हालांकि टीचर लड़की के बालिग होने का प्रमाण नहीं दे सके। एसडीएम स्कूल से उपस्थिति पंजिका का रिकॉर्ड मांगा है।


 

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