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‘तीन माह में हैवानों को फांसी पर नहीं चढ़ाया तो कर लेंगे सुसाइड’
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Mon, 01 Aug 2016 09:00 PM IST
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बुलंदशहर गैंग रेप मामला
- फोटो : अमर उजाला
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‘बदमाशों ने जो कुछ किया, उससे ज्यादा खौफनाक कुछ हो ही नहीं सकता। अब दिल करता है कि पूरे परिवार के साथ जहर खा लूं।’ बुलंदशहर में एनएच-91 पर बदमाशों की दरिंदगी की शिकार हुईं बेटी और पत्नी का दर्द बताते हुए पीड़ित की आंखों से आंसू छलक आए।
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उन्होंने कहा कि अगर तीन माह में हैवानों को फांसी पर नहीं चढ़ाया गया तो उनके पास सुसाइड करने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा।अपनी आंखों के सामने परिवार के साथ दरिंदगी होती देख पिता के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। उन्होंने बताया कि बेटी स्कूल में मार्शल आर्ट सीखती है।
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बदमाश ने जब उसे पकड़ा तो उसने पूरा विरोध किया लेकिन उसके साथियों ने उनके और पत्नी की कनपटी पर तमंचा रख दिया। बेटी को धमकाया, अगर विरोध किया तो मां-बाप जान से जाएंगे। पिता ने बताया कि बेटी ने उनकी जान के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया। जो बेटी दिनभर हंसाती थी, वह गहरे सदमे में हैं और कुछ बोल तक नहीं रही।
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गैंगरेप मामले में डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने कंट्रोल रूम प्रभारी और एक कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, कुछ और पुलिसकर्मियों पर तलवार लटकी हुई है। बता दें कि अब तक इस पूरे मामले में एसएसपी समेत 9 पुलिसवालों पर गाज गिर चुकी है।
2008 बैच के आईपीएस अफसर अनीस अंसारी को बुलंदशहर का नया एसएसपी बनाया गया है जबकि एसपी सिटी राममोहन सिंह की जगह मान सिंह चौहान और सीओ के रूप में विभा सिंह को तैनाती दी गई है।
उधर, सोमवार को पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने आरोपियों रईस, साबिज और जबर सिंह को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस जल्द ही इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। पुलिस के मुताबिक सरगना समेत कई आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
रविवार को पुलिस लाइन में डीजीपी जावीद अहमद और प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पंडा ने खुलासा किया था कि वारदात को अंजाम देने में बबलू निवासी फरीदाबाद, नरेश निवासी बठिंडा (पंजाब) और रईस निवासी सुतारी शामिल हैं लेकिन डीजीपी के जाते ही पुलिस की लिस्ट बदल गई और रविवार रात दो आरोपियों के नाम हटाकर उनकी जगह दो अन्य नाम जोड़ दिए।
डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि वारदात में रहीसुद्दीन उर्फ रईस पुत्र सोहराब निवासी सुतारी थाना कोतवाली देहात, साबिज पुत्र आस मोहम्मद निवासी आजरू दहपा थाना पिलखुवा (जिला हापुड़) और जबर सिंह पुत्र रामू निवासी नगला श्रीगोपाल थाना रबूपुरा (जिला गौतमबुद्धनगर) शामिल थे।