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मां-बेटी से गैंगरेप के आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
Updated Tue, 22 Nov 2016 01:23 AM IST
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गैंगरेप
- फोटो : फाइल फोटो
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हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप के मामले में नौ अगस्त को जेल गए तीन आरोपियों की न्यायिक हिरासत कोर्ट ने पांच दिसंबर तक बढ़ा दी। साथ ही तीनों आरोपियों को चार्जशीट की एक-एक प्रति भी सौंप दी। वहीं आरोपियों के अधिवक्ता ने जेल में हुई तीनों आरोपियों की शिनाख्त को गलत बताया है।
बता दें कि 29 जुलाई 2016 की रात हाईवे पर मां-बेटी के साथ गैंगरेप के आरोप में नौ अगस्त को पुलिस ने कन्नौज निवासी सलीम, जुबेर और साजिद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपियों के अधिवक्ता मोहम्मद असलम ने बताया कि सोमवार को तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया।
न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को चार्जशीट की एक-एक प्रति दी। साथ ही न्यायिक हिरासत पांच दिसंबर तक बढ़ा दी। अधिवक्ता ने कहा कि तीनों आरोपियों की सीबीआई टीम ने जेल में शिनाख्त परेड कराई है उसका तरीका गलत है।
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नियम के तहत शिनाख्त परेड के दौरान मजिस्ट्रेट और अधिवक्ता भी होना चाहिए लेकिन सीबीआई ने अधिवक्ता को साथ नहीं लिया। मोहम्मद असलम ने कहा कि इसके खिलाफ कोर्ट में दोबारा शिनाख्त कराने की मांग की जाएगी।
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बता दें कि 29 जुलाई 2016 की रात हाईवे पर मां-बेटी के साथ गैंगरेप के आरोप में नौ अगस्त को पुलिस ने कन्नौज निवासी सलीम, जुबेर और साजिद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपियों के अधिवक्ता मोहम्मद असलम ने बताया कि सोमवार को तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया।
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न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को चार्जशीट की एक-एक प्रति दी। साथ ही न्यायिक हिरासत पांच दिसंबर तक बढ़ा दी। अधिवक्ता ने कहा कि तीनों आरोपियों की सीबीआई टीम ने जेल में शिनाख्त परेड कराई है उसका तरीका गलत है।
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नियम के तहत शिनाख्त परेड के दौरान मजिस्ट्रेट और अधिवक्ता भी होना चाहिए लेकिन सीबीआई ने अधिवक्ता को साथ नहीं लिया। मोहम्मद असलम ने कहा कि इसके खिलाफ कोर्ट में दोबारा शिनाख्त कराने की मांग की जाएगी।