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जीजा-साले ने मिलकर की थी खुर्जा चेयरमैन से ठगी
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sun, 24 Jul 2016 11:56 PM IST
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- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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खुर्जा चेयरमैन हाजी रफीक फड्डा से मुख्यमंत्री का ओएसडी बनकर 40 लाख की ठगी की वारदात को जीजा-साले ने मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने इटावा निवासी गिरोह के सरगना समेत पांचों आरोपियों को दबोच लिया है। पकड़े गए शातिरों में आगरा के एक बैंक का रिटायर्ड कर्मचारी भी शामिल है।
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पुलिस ने ठगी की राशि में से करीब 20 लाख रुपये भी बरामद कर लिए हैं। इन लोगों ने फर्जी आईडी पर बैंक एकाउंट खुलवाया और फर्जी आईडी पर मोबाइल नंबर लेकर चेयरमैन और एसडीएम को फोन किया। पुलिस जल्द ही बड़े खुलासे की बात कह रही है।
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बता दें कि करीब खुर्जा चेयरमैन हाजी रफीक फड्डा ने 30 जून को खुर्जा कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई थी। रफीक ने पुलिस को बताया था कि उसकी अल्तमश फ्रोजन फूड की एनओसी के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ के यहां फाइल चल रही है।
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22 जून को किसी व्यक्ति ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ओएसडी अशीष यादव बनकर फोन किया। उसने एनओसी की एवज में पार्टी फंड में 40 लाख रुपये जमा कराने के लिए कहा था। चेयरमैन ने दो बार में खाते में 40 लाख रुपये जमा करा दिए। बाद में ठगी का अहसास हुआ।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने जब तफ्तीश की तो पता चला कि ठगों ने जिस नंबर से फोन किया था वह फर्ज आईडी पर थे। साथ ही जिस एकाउंट में रुपये डलवाए थे वह नरेंद्र सिंह पुत्र अनिल सिंह निवासी न्यू आबादी, ताज नगरी ताज गंज आगरा के नाम पर खुला था।
ठगों ने उस खाते से रुपये निकालकर दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए थे। सूत्रों का कहना है किगिरोह का सरगना इटावा का रहने वाला था। वह इटावा में दुकान करता है। उसका बेहनोई आगरा में रहकर मजदूरी करता था। दोनों जीजा-साले ने मुरादनगर निवासी एक व्यक्ति से संपर्क किया। तीनों ने मिलकर आगरा के दो लोगों से संपर्क किया।
जिसमें एक व्यक्ति बैंक का रिटायर्ड कर्मचारी है, जिसका नाम हरिओम शर्मा बताया जा रहा है। वह बैंक में फील्ड ऑफिसर के रूप में काम करता था। हरिओम शर्मा ने ही फर्जी तरीके से बैंक में खाता खुलवाया था।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने पांचों को दबोच लिया है। उनके पास से ठगी की राशि में से 20 लाख रुपये से अधिक बरामद कर लिए हैं। जल्द ही पुलिस मामले से पर्दा उठाएगी।