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ईंट-भट्ठा महासंघ के अध्यक्ष पद को लेकर घमासान, दो घायल
अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sun, 03 Jan 2016 10:19 PM IST
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ईंट-टाइल्स निर्माता महासंघ के महासम्मलेन में राज्यमंत्री और सांसद के सामने ही भट्ठा- संचालकों में मारपीट हो गई। दरअसल, महासम्मलेन शुरू होते ही वेस्ट यूपी इकाई के अध्यक्ष पद पर हाल ही में किए गए बदलाव को लेकर विरोध शुरू हो गया।
करीब 1.45 बजे पूर्व वेस्ट यूपी अध्यक्ष केपी सिंह ने राष्ट्रीय महामंत्री रविंद्र सिंह तेवतिया से सवाल किया कि उन्हें पद से क्यों हटाया गया। यह सरासर गलत है।
नए अध्यक्ष के लिए चुनाव होना चहिए था, मनोनयन नहीं। तेवतिया ने इसका कोई जवाब नहीं दिया। इस पर केपी समर्थकों ने नारेबाजी शुरू करदी।
इसके जवाब में वर्तमान अध्यक्ष ओमवीर सिंह भाटी के समर्थक आ गए और दोनों गुट भिड़ गए। दोनों पक्षों में पहले गाली-गलौज हुई और राज्य मंत्री के सामने देखते ही देखते लात-घूंसे चलने लगे।
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स्थिति तब बेकाबू हो गई जब दो गुटों के लोगों ने एक-दूसरे पर कुर्सियां फेंकनी शुरू कर दीं। इससे वहां भगदड़ मच गई। सूचना पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स पहुंची।
पुलिस फोर्स के हस्तक्षेप और कार्रवाई की चेतावनी के बाद दोनों गुट शांत हुए। पुलिस की मौजूदगी में ही दोबारा सम्मेलन शुरू कराया गया। मारपीट में भट्ठा संचालक मुजफ्फरनगर के विक्रम सिंह राणा, रमेश चंद घायल हो गए।
क्या है पूरा मामला
अखिल भारतीय ईंट व टाइल्स निर्माता महासंघ के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पद पर मेरठ के केपी सिंह विराजमान थे। तीन माह पहले राष्ट्रीय संगठन ने केपी सिंह को हटाकर गौतमबुद्धनगर के ओमवीर सिंह भाटी को अध्यक्ष बनाया था।
इसके लिए चुनाव नहीं किया गया, बल्कि मनोनयन की प्रक्रिया अपनाई गई। यहीं बात केपी सिंह के समर्थकों को नागवार गुजरी। उन्होंने राष्ट्रीय महामंत्री से मनोनयन करने की मंशा पर सवाल उठाए, लेकिन राष्ट्रीय महामंत्री इस मुद्दे पर शांत रहे।
महासंघ में अध्यक्ष का निर्वाचन होता है, मनोनयन नहीं। स्वस्थ प्रक्रिया के तहत बदलाव किया जाना चाहिए था। हम सहयोग करते, जिसे भट्ठा संचालक चाहते वह अध्यक्ष बनता। हमने इसका ही विरोध किया।
केपी सिंह, पूर्व अध्यक्ष पश्चिमी यूपी।
नियमानुसार मनोनयन किया गया। अगर कोई आरोप लगा रहा है तो वह गलत है। संगठन भट्ठा संचालकों के हित में काम कर रहा है। -रविंद्र सिंह तेवतिया, राष्ट्रीय महामंत्री
अध्यक्ष बदले जाने को लेकर दोनों पक्षों में कुछ देर विवाद हुआ। उसके बाद सम्मेलन अपने तय एजेंडे पर संपन्न हुआ। सम्मेलन में उठी बातों के क्रम में जल्द सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद है। -संजय गोयल, प्रवक्ता महासंघ
मारपीट की सूचना पर पुलिस जब तक कार्यक्रम स्थल पर पहुंची तब तक विवाद शांत हो गया था। किसी भी तरह से तहरीर नहीं मिली है। आरके सिंह, इंस्पेक्टर कोतवाली
ईंट-भट्ठा संचालकों को राहत जल्द : सांसद
सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर को संघ पदाधिकारियों के साथ मिलकर समस्याओं से अवगत कराया है।
पर्यावरण मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही भट्ठा संचालकों को स्वच्छता प्रमाणपत्र से बाहर कर दिया जाएगा। सांसद ने कहा कि देश के विकास में ईंट बहुत महत्व रखती हैं।
ईंट बनाने से न तो जमीन को और न ही पर्यावरण को कोई नुकसान है। राज्यमंत्री रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि सरकार भट्ठा संचालकों के साथ है। भट्ठा संचालकों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
इस मौके पर हरीश कुमार रोहरा, रविन्द्र कुमार तेवतिया, अनिल कुमार गर्ग, संतोष कंसल, सुरेन्द्र प्रताप, स्वतंत्र गोयल, अनंत नाग सिंह, चौधरी लाल सिंह, मनीष कुमार, राजीव भार्गव, महेश गुप्ता, जयकिरण गुप्ता, प्रदीप गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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करीब 1.45 बजे पूर्व वेस्ट यूपी अध्यक्ष केपी सिंह ने राष्ट्रीय महामंत्री रविंद्र सिंह तेवतिया से सवाल किया कि उन्हें पद से क्यों हटाया गया। यह सरासर गलत है।
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नए अध्यक्ष के लिए चुनाव होना चहिए था, मनोनयन नहीं। तेवतिया ने इसका कोई जवाब नहीं दिया। इस पर केपी समर्थकों ने नारेबाजी शुरू करदी।
इसके जवाब में वर्तमान अध्यक्ष ओमवीर सिंह भाटी के समर्थक आ गए और दोनों गुट भिड़ गए। दोनों पक्षों में पहले गाली-गलौज हुई और राज्य मंत्री के सामने देखते ही देखते लात-घूंसे चलने लगे।
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स्थिति तब बेकाबू हो गई जब दो गुटों के लोगों ने एक-दूसरे पर कुर्सियां फेंकनी शुरू कर दीं। इससे वहां भगदड़ मच गई। सूचना पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स पहुंची।
पुलिस फोर्स के हस्तक्षेप और कार्रवाई की चेतावनी के बाद दोनों गुट शांत हुए। पुलिस की मौजूदगी में ही दोबारा सम्मेलन शुरू कराया गया। मारपीट में भट्ठा संचालक मुजफ्फरनगर के विक्रम सिंह राणा, रमेश चंद घायल हो गए।
क्या है पूरा मामला
अखिल भारतीय ईंट व टाइल्स निर्माता महासंघ के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पद पर मेरठ के केपी सिंह विराजमान थे। तीन माह पहले राष्ट्रीय संगठन ने केपी सिंह को हटाकर गौतमबुद्धनगर के ओमवीर सिंह भाटी को अध्यक्ष बनाया था।
इसके लिए चुनाव नहीं किया गया, बल्कि मनोनयन की प्रक्रिया अपनाई गई। यहीं बात केपी सिंह के समर्थकों को नागवार गुजरी। उन्होंने राष्ट्रीय महामंत्री से मनोनयन करने की मंशा पर सवाल उठाए, लेकिन राष्ट्रीय महामंत्री इस मुद्दे पर शांत रहे।
महासंघ में अध्यक्ष का निर्वाचन होता है, मनोनयन नहीं। स्वस्थ प्रक्रिया के तहत बदलाव किया जाना चाहिए था। हम सहयोग करते, जिसे भट्ठा संचालक चाहते वह अध्यक्ष बनता। हमने इसका ही विरोध किया।
केपी सिंह, पूर्व अध्यक्ष पश्चिमी यूपी।
नियमानुसार मनोनयन किया गया। अगर कोई आरोप लगा रहा है तो वह गलत है। संगठन भट्ठा संचालकों के हित में काम कर रहा है। -रविंद्र सिंह तेवतिया, राष्ट्रीय महामंत्री
अध्यक्ष बदले जाने को लेकर दोनों पक्षों में कुछ देर विवाद हुआ। उसके बाद सम्मेलन अपने तय एजेंडे पर संपन्न हुआ। सम्मेलन में उठी बातों के क्रम में जल्द सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद है। -संजय गोयल, प्रवक्ता महासंघ
मारपीट की सूचना पर पुलिस जब तक कार्यक्रम स्थल पर पहुंची तब तक विवाद शांत हो गया था। किसी भी तरह से तहरीर नहीं मिली है। आरके सिंह, इंस्पेक्टर कोतवाली
ईंट-भट्ठा संचालकों को राहत जल्द : सांसद
सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर को संघ पदाधिकारियों के साथ मिलकर समस्याओं से अवगत कराया है।
पर्यावरण मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही भट्ठा संचालकों को स्वच्छता प्रमाणपत्र से बाहर कर दिया जाएगा। सांसद ने कहा कि देश के विकास में ईंट बहुत महत्व रखती हैं।
ईंट बनाने से न तो जमीन को और न ही पर्यावरण को कोई नुकसान है। राज्यमंत्री रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि सरकार भट्ठा संचालकों के साथ है। भट्ठा संचालकों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
इस मौके पर हरीश कुमार रोहरा, रविन्द्र कुमार तेवतिया, अनिल कुमार गर्ग, संतोष कंसल, सुरेन्द्र प्रताप, स्वतंत्र गोयल, अनंत नाग सिंह, चौधरी लाल सिंह, मनीष कुमार, राजीव भार्गव, महेश गुप्ता, जयकिरण गुप्ता, प्रदीप गुप्ता आदि मौजूद रहे।