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नए सिरे से शुरू हुई अन्नू की ‘हत्या’ की जांच
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sun, 14 Aug 2016 11:25 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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नगर कोतवाली क्षेत्र में दो माह पहले हुई महिला की मौत के मामले की नए विवेचक ने विवेचना नए सिरे से शुरू कर दी है। मृतका की बेटियों से अभद्रता पर नगर कोतवाल और सही विवेचना न करने पर एसएसआई को एसएसपी ने शनिवार शाम सस्पेंड कर दिया था।
बता दें कि देवीपुरा निवासी अन्नू की शादी वर्ष 2000 में चांदपुर निवासी मनोज से हुई थी। शादी के बाद अन्नू ने दो पुत्रियों को जन्म दिया था। 14 जून 2016 को अन्नू संदिग्ध परिस्थितियों में झुलस गई थी। उसने 20 जून को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
21 जून को मृतका की मां ओमवति ने पति समेत आठ लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि बेटा न होने पर इन लोगों ने अन्नू को जलाकर मार डाला। विवेचक कमलेश शुक्ला ने जांच के बाद आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मृतका के पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था जबकि अन्य आरोपियों को क्लीन चिट दे दी थी।
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मृतका की बेटी लतिका और तान्या ने नगर कोतवाल आरके सिंह पर अभद्रता और विवेचक पर सही विवेचना न करने का आरोप लगाया था। सीएम को खून से पत्र लिखने से मामले ने तूल पकड़ा तो एसएसपी ने दोनों पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिय्रा औ इंस्पेक्टर अगौता प्रभात कुमार वर्मा को विवेचना सौंपी।
नए विवेचक प्रभात कुमार वर्मा ने नए सिरे से विवेचना शुरू कर दी है। मृतका की बेटियों ने विवेचक को दिए बयान न्यायालय में अहम साबित होंगे। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने के बाद और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
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बता दें कि देवीपुरा निवासी अन्नू की शादी वर्ष 2000 में चांदपुर निवासी मनोज से हुई थी। शादी के बाद अन्नू ने दो पुत्रियों को जन्म दिया था। 14 जून 2016 को अन्नू संदिग्ध परिस्थितियों में झुलस गई थी। उसने 20 जून को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
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21 जून को मृतका की मां ओमवति ने पति समेत आठ लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि बेटा न होने पर इन लोगों ने अन्नू को जलाकर मार डाला। विवेचक कमलेश शुक्ला ने जांच के बाद आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मृतका के पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था जबकि अन्य आरोपियों को क्लीन चिट दे दी थी।
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मृतका की बेटी लतिका और तान्या ने नगर कोतवाल आरके सिंह पर अभद्रता और विवेचक पर सही विवेचना न करने का आरोप लगाया था। सीएम को खून से पत्र लिखने से मामले ने तूल पकड़ा तो एसएसपी ने दोनों पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिय्रा औ इंस्पेक्टर अगौता प्रभात कुमार वर्मा को विवेचना सौंपी।
नए विवेचक प्रभात कुमार वर्मा ने नए सिरे से विवेचना शुरू कर दी है। मृतका की बेटियों ने विवेचक को दिए बयान न्यायालय में अहम साबित होंगे। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने के बाद और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।