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ठगी के बाद लोगों को गुमराह कर रहे एजेंट

Fri, 03 Feb 2017 11:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Fri, 03 Feb 2017 11:09 PM IST
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After cheating agents are misleading people
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ठगी के शिकार लोगों का गुबार कहीं फूट न जाए, इसे देखते हुए ठगी में शामिल रहे एजेंट गुमराह कर रहे हैं। सोशल ट्रेड के नाम पर ठगी का शिकार हुए लोगों के पास सोशल मीडिया द्वारा मैसेज भेजे जा रहे हैं कि सब कुछ ठीक है। ठगे हुए लोगों से नहीं घबराने और सब कुछ ठीक रहने की सांत्वना दी जा रही है।

सोशल ट्रेड के नाम पर सात लाख लोगों से 37 अरब रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आते ही देशभर में हड़कंप मच गया था। बड़ी संख्या में एनसीआर के लोग इस फर्जीवाड़े की चपेट में आ गए। अब ठगी के शिकार लोगों को एजेंट गुमराह करने में लगे हुए हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे मैसेज वायरल किए जा रहे हैं कि एसटीएफ की कार्रवाई से घबराने की जरूरत नहीं है।
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सब कुछ ठीक है। जल्द ही एकाउंट में पैसे आने और काम दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। सोशल मीडिया पर ठगे हुए लोगों को संदेश भेजे जा रहे हैं कि सब कुछ ठीक हो जाएगा। ठगे हुए लोगों से नहीं घबराने की भी अपील की जा रही है। यह सब कुछ वह एजेंट कर रहे हैं, जिन्होंने बड़ी संख्या में चैन चला रखी थी।
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अब इन पर दबाव बढ़ता देख ऐसे मैसेज वायरल कराए जा रहे हैं, ताकि लोगों का गुबार न फूट सके। ठगी का शिकार हुए योगेश कुमार ने बताया कि उनके व्हाट्सएप पर मैसेज आ रहे हैं कि एसटीएफ की कार्रवाई से घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सोशल ट्रेड कुछ दिनों में दोबारा शुरू हो जाएगा और फिर से पैसे एकाउंट में आने लगेंगे।

हजारों महिलाओं की चली गई पूंजी
पाई-पाई कर जोड़ने वाली हजारों महिलाओं की जमापूंजी एक झटके में चली गई। घर बैठे पैसे कमाने के चक्कर में महिलाओं ने अपनी जमापूंजी गवां दी। पीड़ित महिला नीतू शर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें सोशल ट्रेड की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने 5750 रुपये जमा कराके आईडी बना ली। एकाउंट में पैसे भी आने लगे।

जब लगातार पैसे आने लगे तो उन्होंने अपने नाम से 57500 और अपनी बेटी के नाम से भी 57500 रुपये जमा कराके आईडी बनवा ली। उन्हें कुछ दिन तो कुछ पैसे एकाउंट में आए लेकिन बाद में पैसा आना ही बंद हो गया। अब पता चला कि वह ठगी का शिकार हुई हैं।

घर बैठे पैसे कमाने के लालच में वह ठगी का शिकार हो गईं। वहीं एक महिला के पति दिनेश कुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी से इस प्रकार पैसे नहीं लगाने के लिए कहा, लेकिन इसके बावजूद पैसा लगा दिया गया। अब ठगी का अहसास हो रहा है।

ठगी के शिकार लोगों में कर्मी से लेकर अफसर तक
ठगी के शिकार लोगों में सरकारी कर्मचारी से लेकर अफसर तक शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग से लेकर बेसिक शिक्षा, पावर कारपोरेशन, प्रशासन, वाणिज्य कर विभाग समेत तमाम विभागों के कर्मचारी और अधिकारी तक इस मकड़जाल में फंस गए। स्वास्थ्य विभाग में तो बड़ी संख्या में बाबू इस खेल में फंसे बताए जा रहे हैं।

लाइक्स करने के चक्कर में यह कर्मी-अफसर पैसा गंवाते चले गए। सीएमओ कार्यालय के कई बाबू अपना और अपने परिवार की आईडी बनाकर इस खेल में लाखों रुपये गवां चुके हैं।

इनकम टैक्स की टीम देखकर बिगड़ी दादी की तबीयत
पुलिस के साथ इनकम टैक्स की टीम को देखकर अनुभव मित्तल की दादी मूर्ति मित्तल की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बाद में चिकित्सक द्वारा दवाई देने पर उनकी तबीयत में सुधार हुआ। टीम के सदस्यों ने उन्हें परेशान नहीं होने और सवालों के जवाब देने को कहा।

पिलखुवा के मोहल्ला कृष्णगंज स्थित अनुभव के घर पर शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे नोएडा आयकर विभाग की टीम ने पुलिस के साथ छापा मारा। टीम के सदस्यों को घर पर सिर्फ अनुभव की दादी और मां मिलीं। अनुभव का भाई, पिता और दादा घर से बाहर बताए गए।

टीम के सदस्यों द्वारा अनुभव की पढ़ाई लिखाई, पिलखुवा में बैंक एकाउंट, परिवार के सभी सदस्यों के बैंक एकाउंट, जमीन, जायदाद की जानकारियां लीं। इस दौरान परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन बंद कर पुलिस ने अपने पास रख लिए थे।


अनुभव मित्तल की दादी बोली: निर्दोष है हमारा पोता, गलत फंसाया
अनुभव मित्तल की दादी मूर्ति मित्तल ने अपने पोते को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाने का दावा किया है। अनुभव मित्तल की दादी मूर्ति मित्तल का कहना है कि अनुभव पढ़ाई में बेहद तेज था। उसने बीटेक किया था। उन्हें पूरा विश्वास है कि वह किसी को धोखा नहीं दे सकता। उसे गलत तरीके से फंसाया गया है। वह निर्दोष है। उन्होंने कहा कि जब उसे लोगों को धोखा ही देना था तो उनके पैसे अकाउंट में टीडीएस काटकर क्यों भिजवाता।


 

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