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नुमाइश में मासूम गुम, नगर कोतवाल बोले चौकी पर जाओ..
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नुमाइश में मासूम गुम, नगर कोतवाल बोले चौकी पर जाओ
बुलंदशहर। जिला पुलिस की संवेदनहीनता का एक और मामला सामने आया है। पुलिस मासूमों की जिंदगी के प्रति कितनी सचेत है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नुमाइश में गुम हुए बच्चे की शिकायत नगर कोतवाल से की गई तो उन्होंने नुमाइश चौकी पर जाने की सलाह दे डाली। मामले में एक व्यक्ति ने ट्विटर के जरिए आला अफसरों से शिकायत की है। जिसके बाद नगर कोतवाली पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बता दें कि बुधवार देर रात करीब 12 बजे जिला प्रदर्शनी के दिल्ली रोड स्थित एक गेट की तरफ करीब ढाई वर्षीय मासूम अपने माता-पिता से भटक गया था। जिसे वहां मौजूद दुकानदारों व राहगीरों ने रोते हुए देखा तो उससे पूछताछ की। लेकिन, मासूम बच्चा अपने मां-पिता को याद कर बार-बार बिलख रहा था। लोगों ने इस दौरान मासूम के परिजनों की आसपास खोज की, लेकिन उनका पता नहीं लग सका। जिसके बाद एक व्यक्ति ने अपने फोन से नगर कोतवाल के सीयूजी नंबर पर फोन किया। साथ ही बताया कि नुमाइश में एक मासूम बच्चा अपने परिजनों से बिछड़ गया है, वह फिलहाल उनके साथ है। जिस पर नगर कोतवाल की तरफ से कहा गया कि बच्चे को नुमाइश चौकी पर लेकर जाओ, यहां फोन करने का क्या मतलब है। जिसके बाद उक्त व्यक्ति व स्थानीय लोगों ने एक बार फिर बच्चे के परिजनों की तलाश की। करीब आधे घंटे बाद मासूम के परिजन मिलने पर उन्हें उनका बच्चा लोगों ने सौंप दिया। इसके बाद नगर कोतवाल को फोन करने वाले व्यक्ति ने पुलिस के इस संवेदनहीन कार्य की शिकायत ट्विटर के जरिए यूपी पुलिस, आईजी मेरठ रेंज व बुलंदशहर पुलिस से की। जिसके बाद देर रात ही यूपी पुलिस के ट्विटर से बुलंदशहर पुलिस को मामले को संज्ञान मे लेकर कार्रवाई की बात कही गई थी। जिस पर बुलंदशहर पुलिस ने जवाब देते हुए कहा कि ऐसा कोई फोन नहीं आया है और मासूम को उसके परिजनों को सौंप दिया गया।
एसएसपी एन कोलांची ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। मासूम को रात में ही उसके परिजनों को सौंप दिया गया था। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बुलंदशहर। जिला पुलिस की संवेदनहीनता का एक और मामला सामने आया है। पुलिस मासूमों की जिंदगी के प्रति कितनी सचेत है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नुमाइश में गुम हुए बच्चे की शिकायत नगर कोतवाल से की गई तो उन्होंने नुमाइश चौकी पर जाने की सलाह दे डाली। मामले में एक व्यक्ति ने ट्विटर के जरिए आला अफसरों से शिकायत की है। जिसके बाद नगर कोतवाली पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बता दें कि बुधवार देर रात करीब 12 बजे जिला प्रदर्शनी के दिल्ली रोड स्थित एक गेट की तरफ करीब ढाई वर्षीय मासूम अपने माता-पिता से भटक गया था। जिसे वहां मौजूद दुकानदारों व राहगीरों ने रोते हुए देखा तो उससे पूछताछ की। लेकिन, मासूम बच्चा अपने मां-पिता को याद कर बार-बार बिलख रहा था। लोगों ने इस दौरान मासूम के परिजनों की आसपास खोज की, लेकिन उनका पता नहीं लग सका। जिसके बाद एक व्यक्ति ने अपने फोन से नगर कोतवाल के सीयूजी नंबर पर फोन किया। साथ ही बताया कि नुमाइश में एक मासूम बच्चा अपने परिजनों से बिछड़ गया है, वह फिलहाल उनके साथ है। जिस पर नगर कोतवाल की तरफ से कहा गया कि बच्चे को नुमाइश चौकी पर लेकर जाओ, यहां फोन करने का क्या मतलब है। जिसके बाद उक्त व्यक्ति व स्थानीय लोगों ने एक बार फिर बच्चे के परिजनों की तलाश की। करीब आधे घंटे बाद मासूम के परिजन मिलने पर उन्हें उनका बच्चा लोगों ने सौंप दिया। इसके बाद नगर कोतवाल को फोन करने वाले व्यक्ति ने पुलिस के इस संवेदनहीन कार्य की शिकायत ट्विटर के जरिए यूपी पुलिस, आईजी मेरठ रेंज व बुलंदशहर पुलिस से की। जिसके बाद देर रात ही यूपी पुलिस के ट्विटर से बुलंदशहर पुलिस को मामले को संज्ञान मे लेकर कार्रवाई की बात कही गई थी। जिस पर बुलंदशहर पुलिस ने जवाब देते हुए कहा कि ऐसा कोई फोन नहीं आया है और मासूम को उसके परिजनों को सौंप दिया गया।
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एसएसपी एन कोलांची ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। मासूम को रात में ही उसके परिजनों को सौंप दिया गया था। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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