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कोर्ट के आदेश पर गांव कांरौजी के प्रधान पर मुकदमा दर्ज
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कोर्ट के आदेश पर गांव कांरौजी के प्रधान पर मुकदमा दर्ज
जहांगीराबाद। कोर्ट के आदेश पर स्थानीय पुलिस ने कोतवाली क्षेत्र के गांव कांरौजी के प्रधान समेत चार लोगों के विरुद्ध फर्जी चयन कर व सरकारी कार्यों में हेराफेरी कर भतीजे की बहू को लाभ पहुंचाने का मुकदमा दर्ज किया है। इसके अलावा वादी की पत्नी के साथ घर में घुसकर अभद्रता करने आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
कोतवाली में एसीजेएम प्रथम के आदेश पर दर्ज हुई रिपोर्ट में गांव के ही वादी राजपाल ने आरोप लगाया है कि नामजद आरोपी ग्राम प्रधान संतोष ने विगत आठ मई 2016 को एक फर्जी प्रस्ताव पास कर आशा कार्यकत्री के पद पर नियुक्त कर दिया। वादी की शिकायत पर स्थानीय सीएचसी स्तर से तीन सदस्यीय कमेटी ने मामले की जांच की। कमेटी ने 21 जून 2016 को रिपोर्ट में बताया कि आठ मई 2016 को कोई बैठक ही नही हुई। रीना के चयन को पूरी तरह अवैध बताते हुए जांच समिति ने इस चयन को निरस्त करने की सिफारिश भी कर दी।
वादी राजपाल का आरोप है कि उसकी शिकायत से नामजद लोग बुरी तरह चिढ़ गए और विगत पांच जनवरी 2019 को उसकी गैर मौजूदगी में आरोपी महेश व गांव प्रधान संतोष ने उसके घर में घुसकर उसकी पत्नी गायत्री के साथ अभद्रता भी की।
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वादी राजपाल की तहरीर व कोर्ट के आदेश पर ग्राम प्रधान संतोष, रीना, रीनू व महेश के खिलाफ आइपीसी की धारा 452, 354, 504, 506, 420, 467, 468 व 471 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
जेके तिवारी, कोतवाल जहांगीराबाद
लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उनकी लोकप्रियता से डरकर गांव के कुछ लोग उन पर फर्जी आरोप लगा रहे हैं। जांच में सब कुछ साफ हो जाएगा।
संतोष कुमार, ग्राम प्रधान-कांरौजी
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जहांगीराबाद। कोर्ट के आदेश पर स्थानीय पुलिस ने कोतवाली क्षेत्र के गांव कांरौजी के प्रधान समेत चार लोगों के विरुद्ध फर्जी चयन कर व सरकारी कार्यों में हेराफेरी कर भतीजे की बहू को लाभ पहुंचाने का मुकदमा दर्ज किया है। इसके अलावा वादी की पत्नी के साथ घर में घुसकर अभद्रता करने आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
कोतवाली में एसीजेएम प्रथम के आदेश पर दर्ज हुई रिपोर्ट में गांव के ही वादी राजपाल ने आरोप लगाया है कि नामजद आरोपी ग्राम प्रधान संतोष ने विगत आठ मई 2016 को एक फर्जी प्रस्ताव पास कर आशा कार्यकत्री के पद पर नियुक्त कर दिया। वादी की शिकायत पर स्थानीय सीएचसी स्तर से तीन सदस्यीय कमेटी ने मामले की जांच की। कमेटी ने 21 जून 2016 को रिपोर्ट में बताया कि आठ मई 2016 को कोई बैठक ही नही हुई। रीना के चयन को पूरी तरह अवैध बताते हुए जांच समिति ने इस चयन को निरस्त करने की सिफारिश भी कर दी।
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वादी राजपाल का आरोप है कि उसकी शिकायत से नामजद लोग बुरी तरह चिढ़ गए और विगत पांच जनवरी 2019 को उसकी गैर मौजूदगी में आरोपी महेश व गांव प्रधान संतोष ने उसके घर में घुसकर उसकी पत्नी गायत्री के साथ अभद्रता भी की।
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वादी राजपाल की तहरीर व कोर्ट के आदेश पर ग्राम प्रधान संतोष, रीना, रीनू व महेश के खिलाफ आइपीसी की धारा 452, 354, 504, 506, 420, 467, 468 व 471 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
जेके तिवारी, कोतवाल जहांगीराबाद
लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उनकी लोकप्रियता से डरकर गांव के कुछ लोग उन पर फर्जी आरोप लगा रहे हैं। जांच में सब कुछ साफ हो जाएगा।
संतोष कुमार, ग्राम प्रधान-कांरौजी