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हत्या के छह आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा
Updated Sun, 16 Sep 2018 12:09 AM IST
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हत्या के छह आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा
बुलंदशहर। 20 वर्ष पूर्व हुई युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने सभी छह आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एक आरोपी के फरार होने पर कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए पुलिस को गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। साथ ही आरोपियों पर 39 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मो. शारिक ने बताया कि पांच जुलाई 1998 को जहांगीराबाद के गांव नवीनगर निवासी महेन्द्र पुत्र फकीरचंद की जमीनी विवाद में गला घोटकर हत्या कर दी गई थी। मामले में पीड़ित पक्ष ने गांव के ही कुछ दबंगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए दो अन्य लोगों के साथ मारपीट का भी आरोप लगाया था। आरोप है कि तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने पहले तो मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपियों को क्लीन चिट देते हुए अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी। जिसके खिलाफ पीड़ित ने कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर की थी। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय विकास कुमार ने मामले में अंतिम सुनवाई करते हुए सभी छह आरोपियों माता प्रसाद, विजय, महेश ,अमरनाथ, भुवनेश व किशन को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने फरार आरोपी किशन के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए एसएसपी को आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए आदेश दिए हैं। साथ ही आरोपियों पर धारा 302 में 25 हजार, 307 में 10 हजार, 147 व 148 में दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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बुलंदशहर। 20 वर्ष पूर्व हुई युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने सभी छह आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एक आरोपी के फरार होने पर कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए पुलिस को गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। साथ ही आरोपियों पर 39 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मो. शारिक ने बताया कि पांच जुलाई 1998 को जहांगीराबाद के गांव नवीनगर निवासी महेन्द्र पुत्र फकीरचंद की जमीनी विवाद में गला घोटकर हत्या कर दी गई थी। मामले में पीड़ित पक्ष ने गांव के ही कुछ दबंगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए दो अन्य लोगों के साथ मारपीट का भी आरोप लगाया था। आरोप है कि तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने पहले तो मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपियों को क्लीन चिट देते हुए अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी। जिसके खिलाफ पीड़ित ने कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर की थी। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय विकास कुमार ने मामले में अंतिम सुनवाई करते हुए सभी छह आरोपियों माता प्रसाद, विजय, महेश ,अमरनाथ, भुवनेश व किशन को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने फरार आरोपी किशन के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए एसएसपी को आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए आदेश दिए हैं। साथ ही आरोपियों पर धारा 302 में 25 हजार, 307 में 10 हजार, 147 व 148 में दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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