{"_id":"5b0ee6334f1c1bf16e8b55d1","slug":"15277030973-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरचना में एक दिन में पांच चिताएं जलीं, लोग बिलख पड़े","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हरचना में एक दिन में पांच चिताएं जलीं, लोग बिलख पड़े
Updated Wed, 30 May 2018 11:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरचना में एक दिन में पांच चिताएं जलीं, बिलख पड़े लोग
गुलावठी। अलग-अलग हादसे में गांव हरचना में हुई पांच मौत के बाद मंगलवार रात्रि अंतिम संस्कार किया गया। गांव में पांच चिताएं जलने से शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के साथ ग्रामवासी भी बिलख पड़े ।
ग्रेटर नोएडा के दनकौर क्षेत्र में ट्रेन की टक्कर से हुई महिला मधु रानी(25) पत्नी पंकज शर्मा तथा उसकी पुत्रियों दिव्या (6)व गौरा(4) के शव गांव में आने पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। मधु के पति पंकज शर्मा ने तीनों चिताओं को मुखाग्नि दी। वहीं दूसरी ओर ग्राम हरचना निवासी गौरव (24) जिसकी ग्रेटर नोएडा में ट्रेन की टक्कर से मौत हो गई थी, उसका भी गांव में अंतिम संस्कार किया गया। चिता को मुखाग्नि मृतक के बड़े भाई दीपक ने दी। उधर, ग्रामवासी एक किसान दयाल सिंह (65) पुत्र उदयचंद का बीमारी के बाद निधन हो गया। पांचों मृतकों का अंतिम संस्कार एक ही दिन मंगलवार की शाम हुआ। गांव में मातम का माहौल था।
विज्ञापन
गुलावठी। अलग-अलग हादसे में गांव हरचना में हुई पांच मौत के बाद मंगलवार रात्रि अंतिम संस्कार किया गया। गांव में पांच चिताएं जलने से शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के साथ ग्रामवासी भी बिलख पड़े ।
ग्रेटर नोएडा के दनकौर क्षेत्र में ट्रेन की टक्कर से हुई महिला मधु रानी(25) पत्नी पंकज शर्मा तथा उसकी पुत्रियों दिव्या (6)व गौरा(4) के शव गांव में आने पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। मधु के पति पंकज शर्मा ने तीनों चिताओं को मुखाग्नि दी। वहीं दूसरी ओर ग्राम हरचना निवासी गौरव (24) जिसकी ग्रेटर नोएडा में ट्रेन की टक्कर से मौत हो गई थी, उसका भी गांव में अंतिम संस्कार किया गया। चिता को मुखाग्नि मृतक के बड़े भाई दीपक ने दी। उधर, ग्रामवासी एक किसान दयाल सिंह (65) पुत्र उदयचंद का बीमारी के बाद निधन हो गया। पांचों मृतकों का अंतिम संस्कार एक ही दिन मंगलवार की शाम हुआ। गांव में मातम का माहौल था।
विज्ञापन