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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के दांव से चित हुई बुलंदशहर पुलिस
Updated Fri, 13 Apr 2018 11:24 PM IST
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दाऊद के गुर्गों की गतिविधियां
भांपने में फेल हुई जिला पुलिस
- दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की कार्रवाई की जानकारी भी घंटों बाद पुलिस अधिकारियों को मिली
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। दाऊद के गुर्गों की गतिविधियां भांपने में एक बार फिर खुफिया विभाग और जिला पुलिस फेल साबित हुई, यहां तक कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने नगर कोतवाली क्षेत्र से दाऊद के तीन गुर्गों को दबोच लिया। फिर भी जिले के किसी अधिकारी को भनक तक नहीं लगी। आरोपियों को यूपी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन की हत्या का टास्क मिला था। यही नहीं, स्पेशल टीम ने बुलंदशहर पुलिस को घंटों बाद दाऊद के गुर्गों को दबोचने की जानकारी दी।
बता दें कि बृहस्पतिवार दोपहर बाद नगर के मोहल्ला शांतिनगर भूड़ स्थित फारुख के घर पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने दबिश दी थी। इस दौरान मौके से पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया और अपने साथ लेकर चली गई। किसी को कानों कान खबर नहीं हो सकी कि ये लोग कब आए और कब चले गए। यहां तक कि जिला पुलिस को भी स्पेशल टीम के द्वारा दबिश देने की भनक तक नहीं लगी। देर रात जिला पुलिस अधिकारियों को जानकारी मिली कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने शांतिनगर भूड़ में दबिश देकर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, हालांकि जिला पुलिस की मानें तो आरोपियों के खिलाफ दिल्ली के हसनगंज में उत्तर प्रदेश सेंट्रल शिया बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी को फोन पर धमकी देने का मामला दर्ज था। इस मामले में दिल्ली पुलिस आरोपियों को अपने साथ ले गई है। जिला पुलिस के साथ खुफिया विभाग भी पूरे प्रकरण में फेल नजर आ रहा है। पूर्व में भी जनपद से आतंकवादियों का कनेक्शन जुड़ा है, इसके बावजूद जिले में पुलिस व्यवस्था लचर है। पश्चिमी यूपी में जिला बुलंदशहर आतंकवादियों के लिए मुफीद जिला बनता नजर आ रहा है।
सलीम गुलावठी से दवाई लेने के लिए निकला था
दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े दाऊद गैंग के मुख्य सरगना सलीम का परिवार बुलंदशहर स्थित सुशीला विहार भूड़ स्थित एक किराए के कमरे में रहता है। जहां सलीम, उसकी पत्नी रुकसाना व चार बच्चे रहते हैं। सलीम की पत्नी रुकसाना ने बताया कि सलीम को किडनी में पथरी की समस्या थी। बीते माह 14 मार्च को ही वह वापस वतन लौटा था और गुलावठी से देसी दवाई ले रहा था। बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे सलीम घर से गुलावठी दवाई लेने जाने की बात कह कर निकला था, लेकिन देर रात तक भी वापस नहीं लौटा।
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आरिफ गया था काम ढूंढने
स्पेशल टीम के द्वारा पकड़े गए डी कंपनी के दूसरे गुर्गे आरिफ पुत्र निसार अहमद नगर के शांतिनगर भूड़ स्थित अपने घर में रहता है। घर में उसकी पत्नी, दो बच्चे, भाई व पिता रहते हैं। आरिफ की पत्नी मुमताज व पिता निसार अहमद ने बताया कि आरिफ बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे घर से काम ढूंढने के लिए गया था। वह मजदूरी कर जाली-गेट बनाने का काम करता था। देर रात तक भी वह वापस घर नहीं लौटा था। परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की लेकिन उनका कहीं कोई सुराग नहीं लग सका था।
सलीम के फोन आने पर ढाई बजे निकला था अबरार
नगर के मोहल्ला शास्त्री पार्क निवासी अबरार के परिजनों ने बताया कि वह टैक्सी ड्राइवर था। जल्द ही वह दिल्ली में ओला कैब चलाने के लिए जाने वाला था। गत 15 मार्च को ही वह जेल से एक हत्या की कोशिश के मामले में जमानत पर बाहर आया था। परिजनों ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर को अबरार घर पर मौजूद था। दोपहर करीब ढाई बजे उसके फोन पर सलीम का फोन आया था। जिसके बाद सलीम ने अपनी तबियत खराब होने की बात कहते हुए मिलने से मना किया था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। शुक्रवार दोपहर दिल्ली निवासी एक रिश्तेदार ने उन्हें टीवी पर अबरार का फोटो देखने के बाद परिजनों को गिरफ्तारी की जानकारी दी थी।
आरिफ-सलीम के परिजनों को पुलिस ने दी सूचना
आरिफ और सलीम के परिजनों की मानें तो शुक्रवार सुबह करीब दस बजे उनके पास दिल्ली पुलिस का फोन आया था, तब पुलिस ने उन्हे सलीम और आरिफ को अपने साथ ले जाने की बात कही थी। इसके बाद से ही परिजन बेचैन नजर आ रहे हैं।
कोट...
तीनों आरोपियों को दबोचने के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम आई थी। टीम ने दबिश देने से पूर्व कोई जानकारी नहीं दी थी। आरोपियों को अपने साथ ले जाने के बाद जिला पुलिस को सूचित किया गया। - मुनीराज जी, एसएसपी
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भांपने में फेल हुई जिला पुलिस
- दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की कार्रवाई की जानकारी भी घंटों बाद पुलिस अधिकारियों को मिली
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। दाऊद के गुर्गों की गतिविधियां भांपने में एक बार फिर खुफिया विभाग और जिला पुलिस फेल साबित हुई, यहां तक कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने नगर कोतवाली क्षेत्र से दाऊद के तीन गुर्गों को दबोच लिया। फिर भी जिले के किसी अधिकारी को भनक तक नहीं लगी। आरोपियों को यूपी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन की हत्या का टास्क मिला था। यही नहीं, स्पेशल टीम ने बुलंदशहर पुलिस को घंटों बाद दाऊद के गुर्गों को दबोचने की जानकारी दी।
बता दें कि बृहस्पतिवार दोपहर बाद नगर के मोहल्ला शांतिनगर भूड़ स्थित फारुख के घर पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने दबिश दी थी। इस दौरान मौके से पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया और अपने साथ लेकर चली गई। किसी को कानों कान खबर नहीं हो सकी कि ये लोग कब आए और कब चले गए। यहां तक कि जिला पुलिस को भी स्पेशल टीम के द्वारा दबिश देने की भनक तक नहीं लगी। देर रात जिला पुलिस अधिकारियों को जानकारी मिली कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने शांतिनगर भूड़ में दबिश देकर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, हालांकि जिला पुलिस की मानें तो आरोपियों के खिलाफ दिल्ली के हसनगंज में उत्तर प्रदेश सेंट्रल शिया बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी को फोन पर धमकी देने का मामला दर्ज था। इस मामले में दिल्ली पुलिस आरोपियों को अपने साथ ले गई है। जिला पुलिस के साथ खुफिया विभाग भी पूरे प्रकरण में फेल नजर आ रहा है। पूर्व में भी जनपद से आतंकवादियों का कनेक्शन जुड़ा है, इसके बावजूद जिले में पुलिस व्यवस्था लचर है। पश्चिमी यूपी में जिला बुलंदशहर आतंकवादियों के लिए मुफीद जिला बनता नजर आ रहा है।
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सलीम गुलावठी से दवाई लेने के लिए निकला था
दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े दाऊद गैंग के मुख्य सरगना सलीम का परिवार बुलंदशहर स्थित सुशीला विहार भूड़ स्थित एक किराए के कमरे में रहता है। जहां सलीम, उसकी पत्नी रुकसाना व चार बच्चे रहते हैं। सलीम की पत्नी रुकसाना ने बताया कि सलीम को किडनी में पथरी की समस्या थी। बीते माह 14 मार्च को ही वह वापस वतन लौटा था और गुलावठी से देसी दवाई ले रहा था। बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे सलीम घर से गुलावठी दवाई लेने जाने की बात कह कर निकला था, लेकिन देर रात तक भी वापस नहीं लौटा।
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आरिफ गया था काम ढूंढने
स्पेशल टीम के द्वारा पकड़े गए डी कंपनी के दूसरे गुर्गे आरिफ पुत्र निसार अहमद नगर के शांतिनगर भूड़ स्थित अपने घर में रहता है। घर में उसकी पत्नी, दो बच्चे, भाई व पिता रहते हैं। आरिफ की पत्नी मुमताज व पिता निसार अहमद ने बताया कि आरिफ बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे घर से काम ढूंढने के लिए गया था। वह मजदूरी कर जाली-गेट बनाने का काम करता था। देर रात तक भी वह वापस घर नहीं लौटा था। परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की लेकिन उनका कहीं कोई सुराग नहीं लग सका था।
सलीम के फोन आने पर ढाई बजे निकला था अबरार
नगर के मोहल्ला शास्त्री पार्क निवासी अबरार के परिजनों ने बताया कि वह टैक्सी ड्राइवर था। जल्द ही वह दिल्ली में ओला कैब चलाने के लिए जाने वाला था। गत 15 मार्च को ही वह जेल से एक हत्या की कोशिश के मामले में जमानत पर बाहर आया था। परिजनों ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर को अबरार घर पर मौजूद था। दोपहर करीब ढाई बजे उसके फोन पर सलीम का फोन आया था। जिसके बाद सलीम ने अपनी तबियत खराब होने की बात कहते हुए मिलने से मना किया था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। शुक्रवार दोपहर दिल्ली निवासी एक रिश्तेदार ने उन्हें टीवी पर अबरार का फोटो देखने के बाद परिजनों को गिरफ्तारी की जानकारी दी थी।
आरिफ-सलीम के परिजनों को पुलिस ने दी सूचना
आरिफ और सलीम के परिजनों की मानें तो शुक्रवार सुबह करीब दस बजे उनके पास दिल्ली पुलिस का फोन आया था, तब पुलिस ने उन्हे सलीम और आरिफ को अपने साथ ले जाने की बात कही थी। इसके बाद से ही परिजन बेचैन नजर आ रहे हैं।
कोट...
तीनों आरोपियों को दबोचने के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम आई थी। टीम ने दबिश देने से पूर्व कोई जानकारी नहीं दी थी। आरोपियों को अपने साथ ले जाने के बाद जिला पुलिस को सूचित किया गया। - मुनीराज जी, एसएसपी
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