फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   डाक्टर के साथ धोखाधड़ी, एफआइआर दर्ज

डाक्टर के साथ धोखाधड़ी, एफआइआर दर्ज

Sun, 21 Jan 2018 10:17 PM IST
Updated Sun, 21 Jan 2018 10:17 PM IST
विज्ञापन
चिकित्सक के साथ धोखाधड़ी, एफआइआर दर्ज
विज्ञापन

- पूर्व बैंक मैनेजर, उसकी पत्नी समेत अन्य लोगाें के खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। नगर निवासी एक बुजुर्ग चिकित्सक से एक पूर्व बैंक मैनेजर ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर धोखाधड़ी की। आरोपियों ने चिकित्सक की बिल्डिंग खरीदने का झांसा देकर पूरी रकम दिए बगैर बैंक से करोड़ों का लोन ले लिया। नगर पुलिस ने चिकित्सक की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

नगर निवासी चिकित्सक बीके गुप्ता ने कोतवाली में तहरीर दी है। उसने बताया कि अंसारी रोड के पास उनका एक्सरे और अल्ट्रासाउंड सेंटर है। सेंटर पर उनका पुत्र डा. बीनू पंकज भी सहयोग करता था, लेकिन कैंसर के कारण उनके पुत्र की मृत्यु हो गई थी। बेटे के मौत के बाद से उनकी तबियत खराब रहने लगी। ऐसे में उन्होंने अपने 200 वर्ग गज के क्लीनिक को बेचने का मन बना लिया। इसी दौरान एक व्यक्ति ने कमीशन पर बिल्डिंग बिकवाने के लिए उनसे संपर्क किया और उनका संजीव वर्मा व उनकी पत्नी शैफाली वर्मा से संपर्क कराया। उन्होंने बताया कि संजीव वर्मा एक बैंक में प्रबंधक के पद पर नौकरी कर चुके हैं। इसके बाद चिकित्सक और पूर्व बैंक मैनेजर के बीच 2.70 करोड़ रुपये में बिल्डिंग का सौदा तय हुआ। संजीव ने पीड़ित चिकित्सक को अलग-अलग तारीखों के चार चेकों के माध्यम से 1.20 करोड़ रुपये दे दिए। आरोप है कि 20 मई 2015 को आरोपी दंपती गाजियाबाद के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मिड कार्पोरेशन ब्रांच के मैनेजर रावत के साथ आकर उनकी बिल्डिंग देखी। आरोपी संजीव वर्मा ने बैनामा के कागजात तैयार कराने की बात कहकर चिकित्सक से बिल्डिंग के असली कागजात ले लिए। बाद में उन्हें 50-50 लाख रुपये के तीन चैक देकर कुछ कागजातों पर दस्तखत करा लिए गए। इसमें से एक चेक बाउंस हो गया। बाद में बैंक के नोटिस के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली कि उनकी बिल्डिंग पर चार करोड़ रुपये का लोन ले लिया गया है। नगर कोतवाल धनंजय मिश्र ने बताया कि चिकित्सक की तहरीर के आधार पर गाजियाबाद निवासी पूर्व बैंक मैनेजर संजीव वर्मा, उनकी पत्नी शैफाली वर्मा के अलावा यूनियन बैंक आफ इंडिया की मिड कार्पोरेशन ब्रांच शाखा कौशांबी गाजियाबाद के मैनेजर रावत समेत अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed