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दो वर्षों के मुकाबले 2017 में दोगुने हुए रेप-गैंगरेप
Updated Tue, 19 Dec 2017 10:49 PM IST
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दो वर्षों के मुकाबले 2017 में दोगुने हुए रेप-गैंगरेप
नेशनल हाईवे-91 गैंगरेप कांड के बाद लगातार बढ़ रहीं वारदातें
सबसे अधिक खुर्जा में दर्ज हुए रेप के मामले, दूसरे नंबर पर सिकंदराबाद
विकास वत्स
बुलंदशहर। जनपदभर में बीते दो वर्षोें के मुकाबले 2017 में नवंबर माह तक दोगुनी रेप व गैंगरेप की वारदातों को अंजाम दिया गया। खुद पुलिस के आंकड़े इसकी गवाही देते हैं। दूसरी ओर पुलिस-प्रशासन आधी आबादी को सुरक्षा देने के मामले में बुरी तरह फेल साबित हो रहा है।
जनपद में हुए नेशनल हाईवे-91 कांड को करीब 17 माह का समय बीत चुका है। इस कांड की गूंज लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में गूंजी थी। इसके बाद आधी आबादी की सुरक्षा के लिए बड़े-बड़े दावे करने का दंभ भरा जाने लगा, लेकिन हाईवे कांड के बाद जनपदभर में महिलाओें की सुरक्षा तो दूर की बात रही, रेप और गैंगरेप की वारदातों में वर्ष 2015 व 2016 की अपेक्षा नवंबर 2017 तक दोगुने मामले दर्ज किए गए। बीते दो वर्षों में जहां जनपदभर में कुल 124 मुकदमे दर्ज किए गए, वहीं 2017 के नवंबर माह तक यानी 11 माह में जनपदभर के भीतर करीब 129 मामले दर्ज किए गए। इस साल औसतन 12 से 15 महिलाओं व युवतियों के साथ रेप व गैंगरेप की वारदातें दर्ज की गईं। जबकि 2016 में यह आंकड़ा 5 से 6 प्रतिमाह तक था। 2015 में यह आंकड़ा 4 से 5 रेप या गैंगरेप प्रति माह था।
लोगों की गिरती मानसिकता भी मुख्य कारण
मनोवैज्ञानिक रेप व गैंगरेप का मुख्य कारण इंटरनेट व टीवी पर परोसी जा रही अश्लीलता को भी मानते हैं। मनोवैज्ञानिक डॉ. संध्या द्विवेदी का कहना है कि कम उम्र में ही किशोर व युवकों का नजरिया औरतों के प्रति गिरता नजर आ रहा है। इसमें सुधार के लिए खुद परिजनों को आगे आकर अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखनी होगी। इन लोगों को मानसिक रूप से बीमार भी कह सकते हैं। सख्त सजा देना भी इस तरह के अपराध में कमी ला सकता है।
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खुर्जा में दर्ज हुए सर्वाधिक मामले
जनवरी 2017 से अगस्त 2017 तक सर्वाधिक 11 मामले खुर्जा नगर कोतवाली में दर्ज किए गए हैं। दूसरे नंबर पर सिंकदराबाद में नौ मामले दर्ज किए गए। नगर कोतवाली, औरंगाबाद व छतारी थाने में भी रेप के सात-सात मामले दर्ज किए गए हैं।
जनपद का तीन वर्ष का सर्किलवार आंकड़ा
सर्किल नाम वर्ष 2015 वर्ष 2016 वर्ष 2017
नगर 9 17 24
सिकंदराबाद 8 11 21
स्याना 10 9 17
खुर्जा 9 9 27
शिकारपुर 4 8 9
अनूपशहर 8 7 11
डिबाई 8 7 20
कुल योग 56 68 129
नोट:- सभी आंकड़े पुलिस विभाग से लिए गए हैं।
कोट
जनपद में अपराध नियंत्रण करने के लिए प्रत्येक तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। कुछ रेप व गैंगरेप के मामलों में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जांच की गई, तो वे फर्जी निकले। महिला सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। - प्रमोद कुमार, एएसपी (आईपीएस)
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नेशनल हाईवे-91 गैंगरेप कांड के बाद लगातार बढ़ रहीं वारदातें
सबसे अधिक खुर्जा में दर्ज हुए रेप के मामले, दूसरे नंबर पर सिकंदराबाद
विकास वत्स
बुलंदशहर। जनपदभर में बीते दो वर्षोें के मुकाबले 2017 में नवंबर माह तक दोगुनी रेप व गैंगरेप की वारदातों को अंजाम दिया गया। खुद पुलिस के आंकड़े इसकी गवाही देते हैं। दूसरी ओर पुलिस-प्रशासन आधी आबादी को सुरक्षा देने के मामले में बुरी तरह फेल साबित हो रहा है।
जनपद में हुए नेशनल हाईवे-91 कांड को करीब 17 माह का समय बीत चुका है। इस कांड की गूंज लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में गूंजी थी। इसके बाद आधी आबादी की सुरक्षा के लिए बड़े-बड़े दावे करने का दंभ भरा जाने लगा, लेकिन हाईवे कांड के बाद जनपदभर में महिलाओें की सुरक्षा तो दूर की बात रही, रेप और गैंगरेप की वारदातों में वर्ष 2015 व 2016 की अपेक्षा नवंबर 2017 तक दोगुने मामले दर्ज किए गए। बीते दो वर्षों में जहां जनपदभर में कुल 124 मुकदमे दर्ज किए गए, वहीं 2017 के नवंबर माह तक यानी 11 माह में जनपदभर के भीतर करीब 129 मामले दर्ज किए गए। इस साल औसतन 12 से 15 महिलाओं व युवतियों के साथ रेप व गैंगरेप की वारदातें दर्ज की गईं। जबकि 2016 में यह आंकड़ा 5 से 6 प्रतिमाह तक था। 2015 में यह आंकड़ा 4 से 5 रेप या गैंगरेप प्रति माह था।
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लोगों की गिरती मानसिकता भी मुख्य कारण
मनोवैज्ञानिक रेप व गैंगरेप का मुख्य कारण इंटरनेट व टीवी पर परोसी जा रही अश्लीलता को भी मानते हैं। मनोवैज्ञानिक डॉ. संध्या द्विवेदी का कहना है कि कम उम्र में ही किशोर व युवकों का नजरिया औरतों के प्रति गिरता नजर आ रहा है। इसमें सुधार के लिए खुद परिजनों को आगे आकर अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखनी होगी। इन लोगों को मानसिक रूप से बीमार भी कह सकते हैं। सख्त सजा देना भी इस तरह के अपराध में कमी ला सकता है।
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खुर्जा में दर्ज हुए सर्वाधिक मामले
जनवरी 2017 से अगस्त 2017 तक सर्वाधिक 11 मामले खुर्जा नगर कोतवाली में दर्ज किए गए हैं। दूसरे नंबर पर सिंकदराबाद में नौ मामले दर्ज किए गए। नगर कोतवाली, औरंगाबाद व छतारी थाने में भी रेप के सात-सात मामले दर्ज किए गए हैं।
जनपद का तीन वर्ष का सर्किलवार आंकड़ा
सर्किल नाम वर्ष 2015 वर्ष 2016 वर्ष 2017
नगर 9 17 24
सिकंदराबाद 8 11 21
स्याना 10 9 17
खुर्जा 9 9 27
शिकारपुर 4 8 9
अनूपशहर 8 7 11
डिबाई 8 7 20
कुल योग 56 68 129
नोट:- सभी आंकड़े पुलिस विभाग से लिए गए हैं।
कोट
जनपद में अपराध नियंत्रण करने के लिए प्रत्येक तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। कुछ रेप व गैंगरेप के मामलों में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जांच की गई, तो वे फर्जी निकले। महिला सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। - प्रमोद कुमार, एएसपी (आईपीएस)