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पूर्व बैंक अधिकारी पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप
Updated Tue, 17 Oct 2017 11:43 PM IST
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पूर्व बैंक अधिकारी पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप
- लोन की रकम ब्याज सहित पीड़ित ने कर दी थी वापस
- आरोप, लोन वापसी के बाद भी नहीं लौटाई जा रही उसकी चेक बुक
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जहांगीराबाद थाना क्षेत्र निवासी एक व्यापारी ने एक बैंक अधिकारी पर धोखाधड़ी व जालसाजी करने का आरोप लगाया है। स्थानीय पुलिस के कार्रवाई न करने पर पीड़ित ने अब एसएसपी से न्याय की गुहार लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
जहांगीराबाद के पाठक पूर्व मोहल्ला निवासी धीरेंद्र सिंह व्यापारी हैं। एसएसपी को भेजे प्रार्थना पत्र में उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में उन्होंने एक बैंक से तीन लाख रुपये का लोन लिया था। तत्कालीन बैंक मैनेजर ने लोन पर आडिटर की आपत्ति बताकर वर्ष 2012 में व्यापारी से दस चेक खाली ले लिए थे, इसके बाद लोन भी पास कर दिया गया। धीरेंद्र ने बताया कि 11 जुलाई 2013 में उसने बैंक का पूरा लोन अदा कर दिया था। उसके बाद उसने बैंक मैनेजर से लोन लेने के दौरान मैनेजर द्वारा लिए गए खाली चेक व नोड्यूज सर्टिफिकेट देने की बात कही, लेकिन बैंक मैनेजर व अन्य अधिकारी आनाकानी करते रहे। इसी बीच बैंक मैनेजर का तबादला भी हो गया। उसके बाद पीड़ित व्यापारी नए बैंक मैनेजर के पास नोड्यूज सर्टिफिकेट और चेक वापसी के लिए गया, लेकिन उसे केवल नोड्यूज सर्टिफिकेट ही दिया गया। पीड़ित ने बताया कि जिस बैंक मैनेजर ने उन्हें लोन दिया था, वह सेवानिवृत्त हो चुके हैं। व्यापारी ने बताया कि 15 दिन पूर्व उन्हें एक नोटिस मिला था, जिसमें तत्कालीन बैंक मैनेजर ने तीन लाख रुपये उधार के दर्शा कर चेक पर चार लाख नब्बे हजार रुपये की रकम भर चेक को बाउंस करा दिया है, जबकि उसने बैंक मैनेजर से कोई उधार की रकम नहीं ली थी। पीड़ित ने बताया कि आरोपी बैंक मैनेजर के खिलाफ एक इसी तरह का मामला पूर्व में भी जहांगीराबाद थाने में दर्ज है। एसएसपी मुनीराज जी ने मामले में पीड़ित को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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- लोन की रकम ब्याज सहित पीड़ित ने कर दी थी वापस
- आरोप, लोन वापसी के बाद भी नहीं लौटाई जा रही उसकी चेक बुक
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जहांगीराबाद थाना क्षेत्र निवासी एक व्यापारी ने एक बैंक अधिकारी पर धोखाधड़ी व जालसाजी करने का आरोप लगाया है। स्थानीय पुलिस के कार्रवाई न करने पर पीड़ित ने अब एसएसपी से न्याय की गुहार लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
जहांगीराबाद के पाठक पूर्व मोहल्ला निवासी धीरेंद्र सिंह व्यापारी हैं। एसएसपी को भेजे प्रार्थना पत्र में उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में उन्होंने एक बैंक से तीन लाख रुपये का लोन लिया था। तत्कालीन बैंक मैनेजर ने लोन पर आडिटर की आपत्ति बताकर वर्ष 2012 में व्यापारी से दस चेक खाली ले लिए थे, इसके बाद लोन भी पास कर दिया गया। धीरेंद्र ने बताया कि 11 जुलाई 2013 में उसने बैंक का पूरा लोन अदा कर दिया था। उसके बाद उसने बैंक मैनेजर से लोन लेने के दौरान मैनेजर द्वारा लिए गए खाली चेक व नोड्यूज सर्टिफिकेट देने की बात कही, लेकिन बैंक मैनेजर व अन्य अधिकारी आनाकानी करते रहे। इसी बीच बैंक मैनेजर का तबादला भी हो गया। उसके बाद पीड़ित व्यापारी नए बैंक मैनेजर के पास नोड्यूज सर्टिफिकेट और चेक वापसी के लिए गया, लेकिन उसे केवल नोड्यूज सर्टिफिकेट ही दिया गया। पीड़ित ने बताया कि जिस बैंक मैनेजर ने उन्हें लोन दिया था, वह सेवानिवृत्त हो चुके हैं। व्यापारी ने बताया कि 15 दिन पूर्व उन्हें एक नोटिस मिला था, जिसमें तत्कालीन बैंक मैनेजर ने तीन लाख रुपये उधार के दर्शा कर चेक पर चार लाख नब्बे हजार रुपये की रकम भर चेक को बाउंस करा दिया है, जबकि उसने बैंक मैनेजर से कोई उधार की रकम नहीं ली थी। पीड़ित ने बताया कि आरोपी बैंक मैनेजर के खिलाफ एक इसी तरह का मामला पूर्व में भी जहांगीराबाद थाने में दर्ज है। एसएसपी मुनीराज जी ने मामले में पीड़ित को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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