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कैंटर ने रिटायर्ड शिक्षक को कुचला
Updated Sun, 10 Sep 2017 11:28 PM IST
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कैंटर ने रिटायर्ड शिक्षक को कुचला
- सुबह की सैर कर वापस लौट रहे थे मोहनलाल
अमर उजाला ब्यूरो
गुलावठी।
डीएन इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त शिक्षक मोहनलाल अग्रवाल (62) की रविवार सुबह सड़क दुर्घटना में मौत हो गई।
मोहनलाल सुबह करीब पांच बजे मॉर्निंग वॉक से लौट रहे थे। शहीद तिराहे के निकट जब वह सड़क पार कर रहे थे तो हापुड़ की ओर से तेज गति से आ रहे एक कैंटर ने उन्हें कुचल दिया। दुर्घटना के बाद कैंटर चालक मौके से फरार हो गया। दुर्घटना में मोहनलाल की दोनों टांगे क्षत-विक्षत हो गईं। उन्हें स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
लाला जयप्रकाश सरस्वती विद्या मंदिर के प्रबंधक रह चुके मोहनलाल डीएन इंटर कॉलेज में गणित एवं साइंस के शिक्षक थे। उन्होंने वीआरएस ले लिया था। उनकी मौत की खबर सुनते ही उनके घर पर बड़ी संख्या में लोग जुटने लगे। चिता को मुखाग्नि उनके बड़े पुत्र जतिन अग्रवाल ने दी।
... तो शायद बच जाती जान
मृतक मोहनलाल के परिजनों एवं प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दुर्घटना के बाद मोहनलाल को जल्द इलाज नहीं मिला। यदि समय रहते इलाज मिल जाता तो शायद उनकी जान बच सकती थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दुर्घटना के बाद मोहनलाल काफी देर तक सड़क पर तड़पते रहे। 100 नंबर फोन भी काफी देर से उठा। सरकारी एंबुलेंस को बुलाया गया तो चालक ने नोएडा के अस्पताल में जाने से मना कर दिया। चालक का कहना था कि वह बुलंदशहर ही जा सकता है। जबकि लोगों का कहना था कि मोहनलाल की हालत को देखते हुए बुलंदशहर इलाज संभव नहीं था। दुर्घटना के दो घंटे बाद तक मोहनलाल की मौत हो गई।
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- सुबह की सैर कर वापस लौट रहे थे मोहनलाल
अमर उजाला ब्यूरो
गुलावठी।
डीएन इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त शिक्षक मोहनलाल अग्रवाल (62) की रविवार सुबह सड़क दुर्घटना में मौत हो गई।
मोहनलाल सुबह करीब पांच बजे मॉर्निंग वॉक से लौट रहे थे। शहीद तिराहे के निकट जब वह सड़क पार कर रहे थे तो हापुड़ की ओर से तेज गति से आ रहे एक कैंटर ने उन्हें कुचल दिया। दुर्घटना के बाद कैंटर चालक मौके से फरार हो गया। दुर्घटना में मोहनलाल की दोनों टांगे क्षत-विक्षत हो गईं। उन्हें स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
लाला जयप्रकाश सरस्वती विद्या मंदिर के प्रबंधक रह चुके मोहनलाल डीएन इंटर कॉलेज में गणित एवं साइंस के शिक्षक थे। उन्होंने वीआरएस ले लिया था। उनकी मौत की खबर सुनते ही उनके घर पर बड़ी संख्या में लोग जुटने लगे। चिता को मुखाग्नि उनके बड़े पुत्र जतिन अग्रवाल ने दी।
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... तो शायद बच जाती जान
मृतक मोहनलाल के परिजनों एवं प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दुर्घटना के बाद मोहनलाल को जल्द इलाज नहीं मिला। यदि समय रहते इलाज मिल जाता तो शायद उनकी जान बच सकती थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दुर्घटना के बाद मोहनलाल काफी देर तक सड़क पर तड़पते रहे। 100 नंबर फोन भी काफी देर से उठा। सरकारी एंबुलेंस को बुलाया गया तो चालक ने नोएडा के अस्पताल में जाने से मना कर दिया। चालक का कहना था कि वह बुलंदशहर ही जा सकता है। जबकि लोगों का कहना था कि मोहनलाल की हालत को देखते हुए बुलंदशहर इलाज संभव नहीं था। दुर्घटना के दो घंटे बाद तक मोहनलाल की मौत हो गई।
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