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वेस्ट यूपी के सभी संस्करणों के ध्यानार्थ
Updated Sat, 29 Jul 2017 10:26 PM IST
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कुख्यात बलराज भाटी पर एक लाख का इनाम
- शिकारपुर पुलिस ने एसएसपी के माध्यम से शासन को भेजी संस्तुति रिपोर्ट
- वेस्ट यूपी के जिलों में दर्ज हैं दो दर्जन से अधिक लूट, हत्या के मामले
अशोक शर्मा
शिकारपुर।
वेस्ट यूपी के लिए आतंक का पर्याय बन चुके बलराज भाटी को पकड़ने के लिए पुलिस ने इनाम की राशि को बढ़ा कर एक लाख करने की तैयारी कर दी है। फिलहाल बलराज पर 50 हजार रुपये का इनाम है। शिकारपुर पुलिस ने इनाम की राशि बढ़ाने के लिए एसएसपी के माध्यम से शासन को संस्तुति रिपोर्ट भेज दी है। शासन से अनुमति मिलने के बाद बलराज भाटी जिले का सबसे बड़ा इनामी अपराधी बन जाएगा। एसटीएफ की रडार पर बलराज पहले से ही है।
मारपीट से शुरू हुई गांव की रंजिश खूनी संघर्ष में बदल गई और देखते ही देखते बलराज अपराध जगत में तेजी से शामिल हो गया। भाटी सुपारी लेकर हत्या करने लगा, लेकिन पुलिस एक बार भी उसे गिफ्तार नहीं कर पाई। 19 नवंबर 2012 में शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव शिवनगर ढूंसरी निवासी बिशंभर सिंह के पुत्र पप्पू उर्फ कटार की कार को घेरकर जहांगीराबाद रोड स्थित गांव के मोड़ पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस घटना में कटार और उसकी पत्नी सुनीता की हत्या कर दी गई थी। वहीं कार में सवार उसके दो पुत्र सोनू व गोलू तथा पुत्री अंशु व भतीजी लवी पुत्री गुलाब बाल-बाल बच गए थे। इस मामले में मृतक के भाई गुलाब ने बलराज सिंह उर्फ भाटी पुत्र गजराज सिंह निवासी ढूंसरी समेत कई लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके बाद 17 फरवरी 2014 को पप्पू के भाई गुलाब की तैयबपुर के पास जहांगीराबाद रोड पर पुलिस की सुरक्षा में कार सवार बदमाशों ने हत्या कर दी थी। इस मामले में भी बलराज को नामजद किया गया था। कटार की हत्या में गिरफ्तारी न होने के बाद पुलिस ने उसकी अचल संपत्ति की कुर्की भी कर ली थी। अप्रैल 2014 में कटार के चचेरे भाई लाला की भी कोतवाली देहात क्षेत्र में हत्या कर दी थी। इस मामले में भी बलराज नामजद किया गया। गिरफ्तारी न होने पर पुलिस की संस्तुति के आधार शासन ने बलराज पर 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया था। करीब दो साल बाद एक बार फिर पुलिस बलराज पर इनाम बढ़ाने में लगी है। एसएचओ पीआर शर्मा ने बताया कि बलराज उर्फ भाटी के खिलाफ जनपद के अलावा कई स्थानों पर हत्या, लूट आदि के दर्जनों मामले दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार की इनाम की राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपये करने के लिए रिपोर्ट एसएसपी को भेजी गई है, जो शासन को भेजी जाएगी। शासन से स्वीकृति के बाद इनाम की राशि घोषित कर दी जाएगी।
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- शिकारपुर पुलिस ने एसएसपी के माध्यम से शासन को भेजी संस्तुति रिपोर्ट
- वेस्ट यूपी के जिलों में दर्ज हैं दो दर्जन से अधिक लूट, हत्या के मामले
अशोक शर्मा
शिकारपुर।
वेस्ट यूपी के लिए आतंक का पर्याय बन चुके बलराज भाटी को पकड़ने के लिए पुलिस ने इनाम की राशि को बढ़ा कर एक लाख करने की तैयारी कर दी है। फिलहाल बलराज पर 50 हजार रुपये का इनाम है। शिकारपुर पुलिस ने इनाम की राशि बढ़ाने के लिए एसएसपी के माध्यम से शासन को संस्तुति रिपोर्ट भेज दी है। शासन से अनुमति मिलने के बाद बलराज भाटी जिले का सबसे बड़ा इनामी अपराधी बन जाएगा। एसटीएफ की रडार पर बलराज पहले से ही है।
मारपीट से शुरू हुई गांव की रंजिश खूनी संघर्ष में बदल गई और देखते ही देखते बलराज अपराध जगत में तेजी से शामिल हो गया। भाटी सुपारी लेकर हत्या करने लगा, लेकिन पुलिस एक बार भी उसे गिफ्तार नहीं कर पाई। 19 नवंबर 2012 में शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव शिवनगर ढूंसरी निवासी बिशंभर सिंह के पुत्र पप्पू उर्फ कटार की कार को घेरकर जहांगीराबाद रोड स्थित गांव के मोड़ पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस घटना में कटार और उसकी पत्नी सुनीता की हत्या कर दी गई थी। वहीं कार में सवार उसके दो पुत्र सोनू व गोलू तथा पुत्री अंशु व भतीजी लवी पुत्री गुलाब बाल-बाल बच गए थे। इस मामले में मृतक के भाई गुलाब ने बलराज सिंह उर्फ भाटी पुत्र गजराज सिंह निवासी ढूंसरी समेत कई लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके बाद 17 फरवरी 2014 को पप्पू के भाई गुलाब की तैयबपुर के पास जहांगीराबाद रोड पर पुलिस की सुरक्षा में कार सवार बदमाशों ने हत्या कर दी थी। इस मामले में भी बलराज को नामजद किया गया था। कटार की हत्या में गिरफ्तारी न होने के बाद पुलिस ने उसकी अचल संपत्ति की कुर्की भी कर ली थी। अप्रैल 2014 में कटार के चचेरे भाई लाला की भी कोतवाली देहात क्षेत्र में हत्या कर दी थी। इस मामले में भी बलराज नामजद किया गया। गिरफ्तारी न होने पर पुलिस की संस्तुति के आधार शासन ने बलराज पर 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया था। करीब दो साल बाद एक बार फिर पुलिस बलराज पर इनाम बढ़ाने में लगी है। एसएचओ पीआर शर्मा ने बताया कि बलराज उर्फ भाटी के खिलाफ जनपद के अलावा कई स्थानों पर हत्या, लूट आदि के दर्जनों मामले दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार की इनाम की राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपये करने के लिए रिपोर्ट एसएसपी को भेजी गई है, जो शासन को भेजी जाएगी। शासन से स्वीकृति के बाद इनाम की राशि घोषित कर दी जाएगी।
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