फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   crime

महिला अपराधों पर नहीं लग रहा ब्रेक, कानून व्यवस्था हुई फेल

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 06 Dec 2020 10:27 PM IST
विज्ञापन
crime
महिला अपराधों पर नहीं लग रहा ब्रेक, कानून व्यवस्था हुई फेल
विज्ञापन

बुलंदशहर। महिला अपराध पर लगाम लगा पाना पुलिस के लिए चुनौती साबित हो रहा है। लगातार बढ़ रहे महिला अपराधों के मामले पुलिस के लिए सिरदर्द बन गए हैं। महिला अपराध के कई मामलों में पुलिस की लापरवाही भी उजागर हुई, जिस कारण वह अपराध बड़ी वारदातों में तब्दील भी हो गए।
गौरतलब है कि बीते कुछ वर्षों में महिला अपराधों पर लगाम लगा पाना पुलिस के लिए कड़ी चुनौती साबित हो रहा है। दिन प्रतिदिन यह मामले बढ़ते ही नजर आ रहे हैं। इन अपराधों पर लगाम लगाने की पुलिस की कोशिशें नाकाफी साबित हो रही हैं। यही, कारण रहा कि बीते करीब तीन माह में यह आंकड़ा इस वर्ष सबसे अधिक बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। यही नहीं, जनपद में बीते कुछ दिनों में दुष्कर्म पीड़िता को न्याय न मिलने के मामले भी प्रकाश में आए। खासतौर पर जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के एक गांव में दुष्कर्म पीड़िता की आरोपियों ने घर में घुसकर जलाकर हत्या कर दी थी। उक्त मामले में पांच आरोपी जेल जा चुके हैं। लेकिन, अभी भी एक आरोपी दंपती फरार है, जिस पर पुलिस ने इनाम घोषित किया हुआ है। इस वारदात से एक दिन पूर्व ही अनूपशहर थाना क्षेत्र में एक बीए एलएलबी की छात्रा ने सामूहिक दुष्कर्म मामले में कार्रवाई न होने पर आत्महत्या कर ली थी। सुसाइड नोट में पीड़िता ने इस संबंध में अपनी आपबीती भी लिखी थी। यहीं नहीं गत तीन वर्षों का आंकड़ा देखें तो महिला अपराध बीते दो सालों में बहुत बढ़े हैं।
विज्ञापन

ये हैं आंकड़े
वर्ष दुष्कर्म दुष्कर्म की कोशिश दहेज उत्पीड़न
2018 51 144 276
2019 43 135 224
2020 51 110 291
नोट :- वर्ष 2020 के आंकड़े अक्तूबर माह के अंत तक।
महिला अपराध के मामलों को तत्काल दर्ज कर उन पर कार्रवाई की जाती है। हालांकि, बीते कुछ माह में कई मामले गलत दर्ज कराए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई, लेकिन बाद में फर्जी पाए जाने पर उन्हें कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। महिला अपराधों पर लगाम लगाने के लिए जनपद पुलिस प्राथमिक तौर पर काम कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed