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Bulandshahar News: 500 किलोमीटर सड़कें गड्ढों में, हर सफर बन रहा मुसीबत

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 14 Sep 2026 01:55 AM IST
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500 kilometers of roads riddled with potholes; every journey is becoming a nightmare.
बुलंदशहर। शहर के साथ जिलेभर की सड़कों में हुए गड्ढे इन दिनों लोगों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं। हालत यह है कि जिले में करीब 500 किलोमीटर सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। शहर से लेकर गांव तक शायद ही कोई ऐसा इलाका हो, जहां लोगों को जर्जर सड़कों से दो-चार न होना पड़ रहा हो। कहीं सड़क की परत पूरी तरह उखड़ चुकी है तो कहीं इतने गहरे गड्ढे हैं कि वाहन चालक उन्हें बचाने के लिए अचानक ब्रेक लगाने या दिशा बदलने को मजबूर हो जाते हैं। बारिश के बाद हालात और बदतर हो गए हैं। गड्ढों में भरे पानी के नीचे सड़क है या जानलेवा गड्ढा, इसका अंदाजा लगाना तक मुश्किल हो रहा है।
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सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को उठानी पड़ रही है। गड्ढों से बचने की कोशिश में वाहन अनियंत्रित होने का खतरा बना रहता है। कई मार्गों पर रात के समय स्थिति और खतरनाक हो जाती है। सड़क पर स्ट्रीट लाइट की पर्याप्त व्यवस्था न होने से गड्ढे दिखाई नहीं देते। ऐसे में अंधेरे में निकलना हादसे को न्योता देने जैसा है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को लेकर चलने वाले वाहनों के लिए भी खराब सड़कें बड़ी परेशानी बनी हुई हैं।
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शहर की सड़कें भी बदहाल
बुलंदशहर नगर में भी सड़कों की स्थिति कोई बेहतर नहीं है। काला आम से स्याना अड्डा, भूड़ चौराहा, चांदपुर रोड समेत अन्य मुख्य मार्गों के अलावा मोहल्लों और बाजारों को जोड़ने वाली अधिकतर सड़कें जगह-जगह टूट चुकी हैं। कहीं गड्ढों में पानी भरा है तो कहीं सड़क की गिट्टियां बाहर निकल आई हैं। वाहनों के गुजरने पर धूल उड़ती है और बारिश में यही रास्ते कीचड़ और जलभराव से घिर जाते हैं। लोगों का कहना है कि सड़कें बनाने और मरम्मत के नाम पर समय-समय पर काम तो होता है, लेकिन कुछ ही समय बाद सड़क फिर उसी हालत में पहुंच जाती है।
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देहात में संपर्क मार्गों की हालत और खराब
देहात क्षेत्र में गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने वाले संपर्क मार्गों पर समस्या ज्यादा गंभीर है। किसानों को खेतों तक पहुंचने, ग्रामीणों को बाजार और अस्पताल जाने व विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने में परेशानी होती है। कई जगह सड़क इतनी खराब है कि वाहन धीमी गति से चलाना मजबूरी बन गया है। बरसात में इन मार्गों पर बने गड्ढे पानी से भर जाने के कारण दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

मुख्यमंत्री के आदेश से जगी उम्मीद
मुख्यमंत्री की ओर से सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश के बाद जिले के लोगों में एक बार फिर उम्मीद जगी है। करीब 500 किलोमीटर सड़कों की बदहाली को देखते हुए यह अभियान महज कागजों तक सीमित न रहे, यही लोगों की सबसे बड़ी मांग है। लोगों का कहना है कि सड़कों पर रोजाना सफर करने वालों को गड्ढों से मुक्ति के लिए किसी घोषणा का नहीं, जमीन पर काम शुरू होने का इंतजार है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस बार गड्ढे भरने की औपचारिकता निभाते हैं या वास्तव में लोगों को सुरक्षित और सुगम सड़कें उपलब्ध कराते हैं।

डेढ़ साल पहले बनी सड़क में गहरे गड्ढे, ग्रामीण परेशान
चोला। चोला क्षेत्र के गांव नगला बंसी में चोला स्टेशन से खुर्जा जाने वाले मार्ग पर रेलवे लाइन के किनारे बनी सड़क में बड़े-बड़े और गहरे गड्ढे हो गए हैं। करीब डेढ़ वर्ष पहले पीडब्ल्यूडी विभाग ने सड़क का निर्माण कराया था, लेकिन अब सड़क की हालत खस्ताहाल हो गई है। इससे करीब 30 से 40 गांवों के लोगों को खुर्जा आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार नगला बंसी, गांगरोल, नगला इलाहाबाद, शेरपुर, बहोराबास, निठारी, खवासपुर, सुल्तानपुर, धनोरा, अरोड़ा वैर, खानपुर, दाउदपुर, कादिलपुर, खबरा, धरारी और चचोई समेत कई गांवों के लोग इस मार्ग से आवागमन करते हैं। समाजसेवी राजू ठाकुर ने बताया कि सड़क की मरम्मत के लिए मुख्यमंत्री पोर्टल, जिलाधिकारी, सांसद और विधायक से कई बार लिखित शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। बारिश होते ही गड्ढों में पानी भरने से स्कूली छात्र-छात्राओं की परेशानी और बढ़ जाती है।





लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन राहुल शर्मा का कहना है कि सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए योजना बनाई जा चुकी है। कुछ समय की बारिश शेष बची है। इसके बाद सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए काम शुरू कराया जाएगा।
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