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Bulandshahar News: महिला अस्पताल की दीवारों में आई दरारें
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अस्पताल की दीवार में आई दरार।
- फोटो : संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। जिला महिला अस्पताल के ओपीडी परिसर में मोटी दरारें आनी शुरू हो गई हैं। जो लगातार बढ़ती जा रही है। दरार पड़ने पर शौचालय गेट पर ताला लगा दिया है लेकिन इस ओर किसी भी जिम्मेदार के ध्यान न देने पर महिलाएं गेट तोड़कर अंदर जा रही हैं। ऐसे में इससे हादसा होने का अंदेशा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जल्द ही मरम्मत का कार्य करवा दिया जाएगा।
जिला अस्पताल परिसर में बने मेटरनिटी विंग में पिछले चार साल पूर्व से जिला महिला अस्पताल संचालित हो रहा है। संचालन होने के बाद से अस्पताल परिसर में कोई ना कोई खामी सामने आती रहती है। पिछले दिनों ओपीडी परिसर में कई स्थानों पर छत से पानी टपकने का मामला सामने आया तो अब ओपीडी परिसर में बने शौचालय में जगह-जगह दरार पड़नी शुरू हो गई है। जो लगातार बढ़ती जा रही है। इसके चलते पिछले दिनों शौचालय पर ताला लगा दिया। ताला लगा होने पर किसी ने गेट तोड़ दिया। अब महिलाएं बंद गेट में टूटे हुए स्थान से होकर अंदर जा रही है। वहीं, स्टाफ ने इस मामले से उच्च अफसरों को अवगत करा दिया है। जल्द ध्यान न देने पर कभी भी कोई हादसा हो सकता है। बावजूद इसके क्षतिग्रस्त भवन की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अधिकारियों का गैरजिम्मेदार रवैया कभी भी किसी हादसे का कारण बन सकता है। प्रशासन को भी मामले पर संज्ञान लेकर क्षतिग्रस्त भवन की दशा सुधारने की तरफ ध्यान देना चाहिए।
वर्ष 2016 में हुआ था निर्माण, डीएम ने जताई थी आपत्ति
जिला अस्पताल परिसर में वर्ष 2016 में करीब 18.91 करोड़ की लागत से मेटरनिटी विंग का निर्माण कार्य कराया गया। तत्कालीन डीएम शुभ्रा सक्सेना ने निरीक्षण के दौरान मेटरनिटी विंग के निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के प्रयोग की पोल खोली थी। साथ ही घटिया निर्माण कार्य को तोड़कर दोबारा निर्माण करने के भी निर्देश दिए थे लेकिन उनके स्थानांतरण होने के बाद निर्माण कार्य जारी रहा।
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जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ.अजय पटेल ने बताया कि मामले की जानकारी मिल गई है। गेट को सही करवाया जा रहा है और शौचालय में पड़ी दरार की कुटेशन तैयार कराई जा रही है। जल्द ही मरम्मत का कार्य करवा दिया जाएगा।
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बुलंदशहर। जिला महिला अस्पताल के ओपीडी परिसर में मोटी दरारें आनी शुरू हो गई हैं। जो लगातार बढ़ती जा रही है। दरार पड़ने पर शौचालय गेट पर ताला लगा दिया है लेकिन इस ओर किसी भी जिम्मेदार के ध्यान न देने पर महिलाएं गेट तोड़कर अंदर जा रही हैं। ऐसे में इससे हादसा होने का अंदेशा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जल्द ही मरम्मत का कार्य करवा दिया जाएगा।
जिला अस्पताल परिसर में बने मेटरनिटी विंग में पिछले चार साल पूर्व से जिला महिला अस्पताल संचालित हो रहा है। संचालन होने के बाद से अस्पताल परिसर में कोई ना कोई खामी सामने आती रहती है। पिछले दिनों ओपीडी परिसर में कई स्थानों पर छत से पानी टपकने का मामला सामने आया तो अब ओपीडी परिसर में बने शौचालय में जगह-जगह दरार पड़नी शुरू हो गई है। जो लगातार बढ़ती जा रही है। इसके चलते पिछले दिनों शौचालय पर ताला लगा दिया। ताला लगा होने पर किसी ने गेट तोड़ दिया। अब महिलाएं बंद गेट में टूटे हुए स्थान से होकर अंदर जा रही है। वहीं, स्टाफ ने इस मामले से उच्च अफसरों को अवगत करा दिया है। जल्द ध्यान न देने पर कभी भी कोई हादसा हो सकता है। बावजूद इसके क्षतिग्रस्त भवन की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अधिकारियों का गैरजिम्मेदार रवैया कभी भी किसी हादसे का कारण बन सकता है। प्रशासन को भी मामले पर संज्ञान लेकर क्षतिग्रस्त भवन की दशा सुधारने की तरफ ध्यान देना चाहिए।
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वर्ष 2016 में हुआ था निर्माण, डीएम ने जताई थी आपत्ति
जिला अस्पताल परिसर में वर्ष 2016 में करीब 18.91 करोड़ की लागत से मेटरनिटी विंग का निर्माण कार्य कराया गया। तत्कालीन डीएम शुभ्रा सक्सेना ने निरीक्षण के दौरान मेटरनिटी विंग के निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के प्रयोग की पोल खोली थी। साथ ही घटिया निर्माण कार्य को तोड़कर दोबारा निर्माण करने के भी निर्देश दिए थे लेकिन उनके स्थानांतरण होने के बाद निर्माण कार्य जारी रहा।
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जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ.अजय पटेल ने बताया कि मामले की जानकारी मिल गई है। गेट को सही करवाया जा रहा है और शौचालय में पड़ी दरार की कुटेशन तैयार कराई जा रही है। जल्द ही मरम्मत का कार्य करवा दिया जाएगा।