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गाय सांड़ घूम रहे सड़कों पर, 50 लाख की गोशाला बनी गैराज
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गाय सांड़ घूम रहे सड़कों पर, 50 लाख की गोशाला बनी गैराज
बुलंदशहर। नगर पालिका ने 50 लाख की लागत से बनाई गोशाला को वाहनों की गैराज बना दिया है। जबकि बेसहारा गाय और सांड़ खुले में घूम रहे हैं। यह आए दिन न केवल हादसे का कारण बन रहे हैं, बल्कि खेतों में घुसकर फसलों को भी बर्बाद कर रहे हैं। करीब चार वर्ष पूर्व गोशाला का शुभारंभ किया गया था।
पिछले बोर्ड के कार्यकाल में नगर पालिका ने मोहनकुटी के पास स्थित करीब साढ़े तीन हजार मीटर जमीन पर 50 लाख रुपये की लागत से कान्हा गोशाला संचालित करने का प्रस्ताव पास किया था। इसके बाद नए बोर्ड के कार्यकाल में जमीन को कब्जा मुक्त कराते हुए, चहारदीवारी करने, टीन शेड व गायों को रखने के लिए व्यवस्था करने के बाद गोशाला का चार वर्ष पूर्व शुभारंभ किया गया था। गोशाला में बेसहारा गोवंशों को रखते हुए खुले में घूमने से रोक लगाने का उद्देश्य था। करीब चार वर्षों तक यह संचालित भी हुई लेकिन अब इस गोशाला को बंद कर नगर पालिका का गैराज बना दिया गया है। बताया जा रहा है कि नगर पालिका ने नई मंडी परिसर में दूसरी गोशाला बनाकर सभी पशुओं को वहां शिफ्ट करते हुए इस जमीन को गैराज के तौर पर प्रयोग करना शुरू कर दिया है।
1.57 करोड़ की लागत से बनी है नई गोशाला
नई मंडी क्षेत्र में नगर पालिका ने नई गोशाला का संचालन शुरू किया है। एक करोड़ 57 लाख 54 हजार की लागत से शुरू की गई गोशाला में करीब 400 पशुओं को रखने की व्यवस्था है। बताया जा रहा है कि सरकार के नियम के मुताबिक स्थायी गोशाला के लिए करीब साढ़े पांच हजार मीटर जमीन की आवश्यकता होती है। नगर पालिका ने इस जमीन की व्यवस्था करते हुए नई गोशाला शुरू की है।
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कौंदू में एक करोड़ की गोशाला को संचालन का इंतजार
सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव कौंदू में शासन के निर्देश पर करीब पांच हजार मीटर जमीन पर करीब एक करोड़ की लागत से गोशाला का निर्माण कराया गया है। बताया जा रहा है कि निर्माण पूरा होने के बाद भी अभी तक इसका संचालन नहीं किया जा सका है। जिसके चलते क्षेत्र में बेहसहारा पशु खुले में घूम रहे हैं और खेतों में घुसकर किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं।
आए दिन हो रहे हैं धरना प्रदर्शन, फिर भी कार्रवाई नहीं
बेसहारा पशुओं के फसल बर्बाद करने और उन पर रोक लगाने के लिए आए दिन किसान और किसान संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। अब चार जनवरी को भाकियू महा शक्ति ने शिकारपुर क्षेत्र में बेसहारा पशुओं के आतंक को लेकर धरना प्रदर्शन करने के लिए योजना बनाई है। इसके लिए किसानों से अधिक से अधिक संख्या में तहसील पहुंचने का आह्वान किया गया है।
कान्हा उपवन गोशाला का संचालन अस्थाई तौर पर किया गया था। स्थाई गोशाला का निर्माण करने के लिए बजट और जमीन की उपलब्धता के बाद निर्माण कराया गया। कान्हा गोशाला की गायों को नई गोशाला में शिफ्ट कर दिया गया है। जमीन पर अवैध कब्जा न हो, इसके लिए नगर पालिका ने वाहन खड़े करने शुरू कर दिए हैं। - मनोज गर्ग, नगर पालिका अध्यक्ष
अस्थाई गोशाला को नई मंडी में सिफ्ट कर दिया गया है। नई गोशाला में करीब 400 पशुओं को रखने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। आवश्यकता पड़ने पर पुरानी गोशाला को भी प्रयोग में लिया जाएगा। - डॉ. प्रशांत कुमार, एडीएम प्रशासन
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बुलंदशहर। नगर पालिका ने 50 लाख की लागत से बनाई गोशाला को वाहनों की गैराज बना दिया है। जबकि बेसहारा गाय और सांड़ खुले में घूम रहे हैं। यह आए दिन न केवल हादसे का कारण बन रहे हैं, बल्कि खेतों में घुसकर फसलों को भी बर्बाद कर रहे हैं। करीब चार वर्ष पूर्व गोशाला का शुभारंभ किया गया था।
पिछले बोर्ड के कार्यकाल में नगर पालिका ने मोहनकुटी के पास स्थित करीब साढ़े तीन हजार मीटर जमीन पर 50 लाख रुपये की लागत से कान्हा गोशाला संचालित करने का प्रस्ताव पास किया था। इसके बाद नए बोर्ड के कार्यकाल में जमीन को कब्जा मुक्त कराते हुए, चहारदीवारी करने, टीन शेड व गायों को रखने के लिए व्यवस्था करने के बाद गोशाला का चार वर्ष पूर्व शुभारंभ किया गया था। गोशाला में बेसहारा गोवंशों को रखते हुए खुले में घूमने से रोक लगाने का उद्देश्य था। करीब चार वर्षों तक यह संचालित भी हुई लेकिन अब इस गोशाला को बंद कर नगर पालिका का गैराज बना दिया गया है। बताया जा रहा है कि नगर पालिका ने नई मंडी परिसर में दूसरी गोशाला बनाकर सभी पशुओं को वहां शिफ्ट करते हुए इस जमीन को गैराज के तौर पर प्रयोग करना शुरू कर दिया है।
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1.57 करोड़ की लागत से बनी है नई गोशाला
नई मंडी क्षेत्र में नगर पालिका ने नई गोशाला का संचालन शुरू किया है। एक करोड़ 57 लाख 54 हजार की लागत से शुरू की गई गोशाला में करीब 400 पशुओं को रखने की व्यवस्था है। बताया जा रहा है कि सरकार के नियम के मुताबिक स्थायी गोशाला के लिए करीब साढ़े पांच हजार मीटर जमीन की आवश्यकता होती है। नगर पालिका ने इस जमीन की व्यवस्था करते हुए नई गोशाला शुरू की है।
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कौंदू में एक करोड़ की गोशाला को संचालन का इंतजार
सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव कौंदू में शासन के निर्देश पर करीब पांच हजार मीटर जमीन पर करीब एक करोड़ की लागत से गोशाला का निर्माण कराया गया है। बताया जा रहा है कि निर्माण पूरा होने के बाद भी अभी तक इसका संचालन नहीं किया जा सका है। जिसके चलते क्षेत्र में बेहसहारा पशु खुले में घूम रहे हैं और खेतों में घुसकर किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं।
आए दिन हो रहे हैं धरना प्रदर्शन, फिर भी कार्रवाई नहीं
बेसहारा पशुओं के फसल बर्बाद करने और उन पर रोक लगाने के लिए आए दिन किसान और किसान संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। अब चार जनवरी को भाकियू महा शक्ति ने शिकारपुर क्षेत्र में बेसहारा पशुओं के आतंक को लेकर धरना प्रदर्शन करने के लिए योजना बनाई है। इसके लिए किसानों से अधिक से अधिक संख्या में तहसील पहुंचने का आह्वान किया गया है।
कान्हा उपवन गोशाला का संचालन अस्थाई तौर पर किया गया था। स्थाई गोशाला का निर्माण करने के लिए बजट और जमीन की उपलब्धता के बाद निर्माण कराया गया। कान्हा गोशाला की गायों को नई गोशाला में शिफ्ट कर दिया गया है। जमीन पर अवैध कब्जा न हो, इसके लिए नगर पालिका ने वाहन खड़े करने शुरू कर दिए हैं। - मनोज गर्ग, नगर पालिका अध्यक्ष
अस्थाई गोशाला को नई मंडी में सिफ्ट कर दिया गया है। नई गोशाला में करीब 400 पशुओं को रखने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। आवश्यकता पड़ने पर पुरानी गोशाला को भी प्रयोग में लिया जाएगा। - डॉ. प्रशांत कुमार, एडीएम प्रशासन