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Syana Violence Case: स्याना हिंसा मामले में 38 अभियुक्त दोषी करार, एक अगस्त को सुनाई जाएगी सजा, पढ़ें मामला
Wed, 30 Jul 2025 01:16 PM IST
विजय पुंडीर
संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर
संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 30 Jul 2025 01:16 PM IST
सार
पुलिस ने मामले में चार दिसंबर 2018 को कई नामजद व अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। 44 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। एफआईआर में हिंसा में मारे गए युवक सुमित कुमार को भी आरोपी बनाया था। मामले की जांच के लिए बाद में एसआईटी गठित की गई थी।
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Syana Violence Case
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
स्याना हिंसा में छह साल, सात माह और 27 दिन बाद अदालत ने 38 अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। पांच अभियुक्त हत्या के मामले में व 33 अभियुक्त जानलेवा हमला समेत 14 धाराओं में दोष करार दिए गए हैं। मामले में एक अगस्त को सजा सुनाई जाएगी। अदालत के फैसले के बाद सभी दोषियों को हिरासत में लेकर जिला कारागार भेज दिया गया।
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स्याना की चिंगरावठी चौकी क्षेत्र के गांव महाब के जंगल में तीन दिसंबर 2018 की सुबह गोवंश के अवशेष मिले थे। इसके विरोध में बजरंगदल, विश्व हिंदू परिषद समेत अन्य संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता ग्रामीणों के साथ गोवंश के अवशेष को एक ट्रैक्टर ट्रॉली में लादकर चिंगरावठी चौकी पहुंच गए थे। वहां उन्होंने जमकर बवाल किया। दोपहर तक मामला इतना बढ़ा कि उग्र प्रदर्शनकारियों ने चिंगरावठी चौकी और वहां खड़े माल बरामदगी के वाहनों में आग लगा दी थी। उग्र भीड़ को शांत करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। बलवे में तत्कालीन स्याना कोतवाल सुबोध कुमार सिंह व गांव चिंगरावठी निवासी युवक सुमित कुमार की गोली लगने से मौत हो गई थी। सभी पर राजद्रोह की धाराएं लगाई गई थी लेकिन इसमें दोष सिद्ध नहीं हुआ।
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पुलिस ने मामले में चार दिसंबर 2018 को कई नामजद व अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। 44 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। एफआईआर में हिंसा में मारे गए युवक सुमित कुमार को भी आरोपी बनाया था। मामले की जांच के लिए बाद में एसआईटी गठित की गई। एसआईटी ने जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। प्रशांत नट, डेविड, राहुल, जॉनी और लोकेंद्र उर्फ मामा को हत्या का आरोपी बनाया गया था। योगेश राज समेत अन्य सभी पर जानलेवा हमला, डकैती, आगजनी, बलवा, धमकी देने समेत आईपीसी की 14 धाराएं लगाई गई थीं। सभी आरोपियों पर राजद्रोह की धारा भी लगाई गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान पांच आरोपी चंद्रपाल, अजय उर्फ दीवला, कुलदीप, आशीष उर्फ छोटे व ओमेंद्र की मृत्यु हो गई। एक आरोपी की पत्रावली पृथक कर बाल न्यायालय भेज दी गई थी, उसका मामला अभी तक विचाराधीन है।
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अदालत ने मंगलवार को दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों को अवलोकन कर सुनवाई पूरी कर ली थी। बुधवार को जमानत पर छूटे सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश होने के आदेश दिए गए थे। दोपहर करीब तीन बजे सभी आरोपी न्यायालय पहुंचे, इसके बाद एडीजे 12 गोपाल जी के न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया। न्यायालय ने चार्जशीट के आधार पर प्रशांत नट, डेविड, राहुल, जॉनी और लोकेंद्र को हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी करार दिया है। जिला पंचायत सदस्य योगेश राज समेत अन्य सभी अभियुक्तों को चार्जशीट में लगे जानलेवा हमले समेत 14 आरोपों में दोषी करार दिया है। इनकी सजा पर फैसला एक अगस्त को होगा। इसके बाद सभी दोषियों को हिरासत में लेकर जिला कारागार भेज दिया गया।
जानलेवा हमला समेत 14 गंभीर धाराओं के 33 दोषी
जिपं सदस्य योगेश राज, चमन, देवेंद्र, आशीष चौहान, चंद्रपाल सिंह, कुलदीप कुमार, रोहित कुमार राघव, जितेंद्र लाला उर्फ गुर्जर, सोनू, जितेंद्र कुमार मलिक, राजपाल सिंह, नितिन, मोहित, रमेश जोगी, विशाल त्यागी, हेमू उर्फ हेमराज, अंकुर, अमित उर्फ अंटी, आशीष कुमार, हरेंद्र, टिंकू उर्फ भूपेश, गुड्डू उर्फ मुकेश, सचिन उर्फ कोबरा, अजय, सतेंद्र राजपूत, सतीश, विनीत, राजीव कुमार उर्फ कलुआ, सचिन, पवन कुमार, शिखर अग्रवाल उर्फ शेखर अग्रवाल, उपेंद्र राघव और सौरभ।