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जागरूकता बनी ढाल, ग्रामीणों ने दी कोरोना को मात
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जागरूकता बनी ढाल, ग्रामीणों ने दी कोरोना को मात
डिबाई। कर्णवास के ग्रामीणों की जागरूकता के चलते गांव में कोरोना संक्रमण की दर बेहद कम रही। करीब 7000 हजार की आबादी वाले इस गांव में दूसरी लहर में महज तीन लोग ही संक्रमित हुए और किसी की मृत्यु नहीं हुई। जिस वक्त कोरोना के कारण पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ था, उस वक्त भी इस गांव में लोग सुरक्षित थे। गांव में 18 वर्ष से ऊपर के करीब 3300 लोग हैं। इनमें से 1862 यानी करीब 62 फीसदी लोगों को टीका लग चुका है। शेष लोगों में से भी ज्यादातर टीकाकरण के लिए पंजीकरण करवा चुके हैं। ऐसे में उम्मीद है कि अगले माह तक गांव में ज्यादातर तक लोगों को टीका लग चुका होगा।
गांव का नाम : कर्णवास
कुल आबादी : 7000
टीकाकरण के पात्र : 3300
टीकाकरण : 1862
कोट
गांव में टीकाकरण के लिए शिविर लगवाए गए हैं। अब स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर लोगों की सूची तैयार कर टीकाकरण की योजना बना रहा है। महामारी से बचाव के लिए खुद भी वैक्सीन लगवाई थी। इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। - द्रोपदी शर्मा, ग्राम प्रधान, कर्णवास
बोले लोग
टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। मैं वैक्सीनेशन के लिए पंजीकरण करवा चुका हूं। जल्द ही स्लॉट के मुताबिक अस्पताल पहुंचकर वैक्सीन लगवाऊंगा। वैक्सीनेशन के दुष्प्रभाव के बारे में कोई जानकारी नहीं है। - एडवोकेट वेद प्रकाश
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अब सरकार ने बिना पंजीकरण के वैक्सीन लगवाने का आदेश दिया है। इसके बाद वैक्सीन लगवाने में आसानी होगी। जल्द ही अस्पताल पहुंचकर या गांव में शिविर लगेगा तो वैक्सीनेशन कराऊंगा। प्रत्येक व्यक्ति को महामारी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन कराना चाहिए। - अभय ठाकुर
मैंने कोविड से बचाव के लिए टीका लगवाया है। टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे अभी तक कोई परेशानी नहीं हुई है। गांव में लोगों को वैक्सीन की सुरक्षा के बारे में बताया जा रहा है। साथ ही यदि किसी व्यक्ति को वैक्सीनेशन के लिए केंद्र तक पहुंचने में असमर्थता है तो उसे केंद्र भी पहुंचाया जा रहा है। - आर्यन गौड़
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डिबाई। कर्णवास के ग्रामीणों की जागरूकता के चलते गांव में कोरोना संक्रमण की दर बेहद कम रही। करीब 7000 हजार की आबादी वाले इस गांव में दूसरी लहर में महज तीन लोग ही संक्रमित हुए और किसी की मृत्यु नहीं हुई। जिस वक्त कोरोना के कारण पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ था, उस वक्त भी इस गांव में लोग सुरक्षित थे। गांव में 18 वर्ष से ऊपर के करीब 3300 लोग हैं। इनमें से 1862 यानी करीब 62 फीसदी लोगों को टीका लग चुका है। शेष लोगों में से भी ज्यादातर टीकाकरण के लिए पंजीकरण करवा चुके हैं। ऐसे में उम्मीद है कि अगले माह तक गांव में ज्यादातर तक लोगों को टीका लग चुका होगा।
गांव का नाम : कर्णवास
कुल आबादी : 7000
टीकाकरण के पात्र : 3300
टीकाकरण : 1862
कोट
गांव में टीकाकरण के लिए शिविर लगवाए गए हैं। अब स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर लोगों की सूची तैयार कर टीकाकरण की योजना बना रहा है। महामारी से बचाव के लिए खुद भी वैक्सीन लगवाई थी। इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। - द्रोपदी शर्मा, ग्राम प्रधान, कर्णवास
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बोले लोग
टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। मैं वैक्सीनेशन के लिए पंजीकरण करवा चुका हूं। जल्द ही स्लॉट के मुताबिक अस्पताल पहुंचकर वैक्सीन लगवाऊंगा। वैक्सीनेशन के दुष्प्रभाव के बारे में कोई जानकारी नहीं है। - एडवोकेट वेद प्रकाश
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अब सरकार ने बिना पंजीकरण के वैक्सीन लगवाने का आदेश दिया है। इसके बाद वैक्सीन लगवाने में आसानी होगी। जल्द ही अस्पताल पहुंचकर या गांव में शिविर लगेगा तो वैक्सीनेशन कराऊंगा। प्रत्येक व्यक्ति को महामारी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन कराना चाहिए। - अभय ठाकुर
मैंने कोविड से बचाव के लिए टीका लगवाया है। टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे अभी तक कोई परेशानी नहीं हुई है। गांव में लोगों को वैक्सीन की सुरक्षा के बारे में बताया जा रहा है। साथ ही यदि किसी व्यक्ति को वैक्सीनेशन के लिए केंद्र तक पहुंचने में असमर्थता है तो उसे केंद्र भी पहुंचाया जा रहा है। - आर्यन गौड़