फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   corona

कोरोना से जंग में हीरो बनकर आए एंबुलेंसकर्मी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 21 Mar 2021 11:34 PM IST
विज्ञापन
corona
कोरोना से जंग में हीरो बनकर आए एंबुलेंसकर्मी
विज्ञापन

बुलंदशहर। कोरोना महामारी को कौन भूल सकता है। गत वर्ष 24 मार्च की आधी रात से लागू हुए लॉकडाउन के दौरान हर वर्ग ने तरह-तरह की चुनौतियों का सामना किया था। कोरोना से जंग के दौरान कई ऐसे कोरोना योद्धा भी सामने आए जिन्होंने अपनी जान की परवाह न कर अपनी ड्यूटी को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाया और आज भी निभा रहे हैं। ऐसे योद्धाओं में एंबुलेंसकर्मी भी शामिल रहे, जिन्होंने अपने परिवार की परवाह किए बगैर और दूर रहकर मरीजों की सेवा को चुना। इस दौरान सैंपल लेने वाली टीम के साथ संक्रमित मिलने पर उसको अस्पताल तक पहुंचाया।
कोरोना मरीजों को अस्पताल पहुंचाने की मिली थी जिम्मेदारी
कभी घायलों और विभिन्न बीमारियों से पीड़ित को अस्पताल पहुंचाने वाले 108 एंबुलेंस पर मनीष पाल चालक के पद पर तैनात हैं। कोरोना काल के दौरान काफी समय तक परिवार से दूर रहे। चालक मनीष पाल ने बताया कि दिन हो या रात जब भी सूचना मिलती तो कोरोना मरीजों को कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया। कोरोना काल के दौरान परिजनों ने बच्चों का हवाला देते हुए नौकरी छोड़ने की बात कही, मगर उन्होंने नौकरी अपनी फर्ज की तरह निभाया।
विज्ञापन

पीपई किट में परेशानी हुई, पर नहीं डिगा हौसला
108 एंबुलेंस पर तैनात ईएमटी आशीष ने बताया कि उनका काम एंबुलेंस में रहने के दौरान मरीजों की मदद करना है। कोरोना काल में कोरोना के गंभीर मरीजों को जनपद के कोविड-19 अस्पताल के साथ मेरठ, अलीगढ़, हापुड़ और नोएडा आदि कोविड-19 अस्पताल में भी लेकर गए। उन्हें इस बात की खुशी है कि जितने लोगों को वह लेकर बाहर गए सभी ठीक होकर अपने घर लौटे। कई बार पीपीई किट में काफी परेशानी भी हुई, लेकिन इन सबकी परवाह किए बिना ही अपनी ड्यूटी को अंजाम दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

भीषण गर्मी में पीपीई किट पहनकर घंटों की ड्यूटी
एंबुलेंस में ईएमटी के पद पर कार्यरत भाई सिंह समेत अधिकांश ऐसे कोरोना योद्धा हैं, जो कोरोना काल के दौरान पड़ रही भीषण गर्मी में संक्रमण मिलने की सूचना पर तुरंत संबंधित स्थान पर पहुंचे और संक्रमित को कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराए। गर्मी के बावजूद आठ-आठ घंटे से अधिक भी पीपीई किट पहनकर ड्यूटी की। उनका कहना है कि अपनी ड्यूटी को अंजाम देने के लिए वह हर चुनौती का सामना करने को तैयार हैं।

जो भी मिली जिम्मेदारी, निभाने का किया प्रयास
एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी अमनदीप सिंह मूलरूप से इटावा के निवासी हैं। कोरोना संक्रमण शुरू होने पर लोगों में जहां दहशत बनी हुई थी, वहीं, कोरोना संदिग्ध के साथ संक्रमित मरीजों को घर से अस्पताल तक लाने की जिम्मेदारी मिली। किस एंबुलेंस को कहां और किसकी ड्यूटी लगानी है। कोरोना काल के दौरान मरीजों की हर संभव मदद करने का प्रयास किया, जो मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित भी हुई। बताया कि सूचना मिलने पर चालक और ईएमटी ने संक्रमित होने की परवाह न करते हुए अपने कर्तव्य को निभाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed