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Bulandshahar News: कोटे की दुकान पर नहीं पहुंचा रहा पूरा राशन, शिकायत पर बैठी जांच
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बुलंदशहर। राशन की दुकानों पर समय से राशन की सप्लाई न होने का मामला सामने आया है। कोटेदारों का आरोप है कि दुकान से 10 से 15 किलोमीटर पहले ही राशन उतार दिया जाता है। शिकायत पर राशन सप्लाई करने वाले ठेकेदार से पहले जवाब मांगा गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के लिए आपूर्ति विभाग और खाद्य एवं विपणन विभाग के अधिकारी को नामित किया गया है।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी जेड ए करीम के अनुसार पिछले दिनों ऊंचागांव क्षेत्र के कोटेदारों ने शिकायत देकर आरोप लगाया था कि सरकारी राशन की सप्लाई कोटे की दुकान से 10 से 15 किलोमीटर दूर की जा रही है। राशन की बोरी का वजन 250 ग्राम प्रति बोरी दिया जाता है जबकि बोरी का वजन 580 ग्राम से अधिक होता है। आरोप यह भी है कि राशन की सप्लाई के दौरान ठेकेदार राशन सप्लाई की रिसीव भी नहीं दी जाती है। साथ ही राशन का वजन भी नहीं किया जाता है। कोटेदारों का यह भी आरोप है कि यदि कोई पूरा राशन लेने और उसकी तौल करवाने की मांग करता है तो पानी से भिगोकर वजन बढ़ा दिया जाता है। इस पर पहले राशन की सप्लाई करने वाले ठेकेदार से जवाब मांगा गया लेकिन जब कोई जवाब नहीं दिया तो इस पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं। जांच अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि शिकायत करने वाले कोटेदारों के बयान दर्ज करें और लगाए गए आरोपों का पता लगाकर उसे जांच रिपोर्ट में शामिल करें।
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जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी जेड ए करीम के अनुसार पिछले दिनों ऊंचागांव क्षेत्र के कोटेदारों ने शिकायत देकर आरोप लगाया था कि सरकारी राशन की सप्लाई कोटे की दुकान से 10 से 15 किलोमीटर दूर की जा रही है। राशन की बोरी का वजन 250 ग्राम प्रति बोरी दिया जाता है जबकि बोरी का वजन 580 ग्राम से अधिक होता है। आरोप यह भी है कि राशन की सप्लाई के दौरान ठेकेदार राशन सप्लाई की रिसीव भी नहीं दी जाती है। साथ ही राशन का वजन भी नहीं किया जाता है। कोटेदारों का यह भी आरोप है कि यदि कोई पूरा राशन लेने और उसकी तौल करवाने की मांग करता है तो पानी से भिगोकर वजन बढ़ा दिया जाता है। इस पर पहले राशन की सप्लाई करने वाले ठेकेदार से जवाब मांगा गया लेकिन जब कोई जवाब नहीं दिया तो इस पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं। जांच अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि शिकायत करने वाले कोटेदारों के बयान दर्ज करें और लगाए गए आरोपों का पता लगाकर उसे जांच रिपोर्ट में शामिल करें।
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