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मुआवजा दिया कम, कागजों में दिखाया ज्यादा
ब्यूरो/अमर उजाला, खुर्जा
Updated Sat, 19 Mar 2016 12:36 AM IST
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प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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इनकम टैक्स का नोटिस पहुंचने से भड़के किसान मल्टीनेशनल कंपनी (एमएनसी) के गेट पर प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठ गए। किसानों का आरोप है कम रेट में जमीन लेकर कागजों में तीन गुना रेट अधिक दिखाया गया है।
साथ ही कृषि भूमि को इंडस्ट्रियल लैंड में बदला गया है। इनकम टैक्स का नोटिस आने के बाद इसका खुलासा हुआ। शुक्रवार को मल्टीनेशनल कंपनी के खिलाफ किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। काफी संख्या में किसान कंपनी के गेट पर पहुंच गए।
किसान सुरेंद्र भड़ाना, जितेंद्र सिंह, रविकांत आदि ने बताया कि कंपनी को खेती की जमीन बेचने के बाद भी उनके पास इनकम टैक्स का नोटिस पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि तीन लाख रुपये बीघे के हिसाब से 10 बीघे जमीन की कीमत 30 लाख रुपये होने चाहिए।
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लेकिन नोटिस के हिसाब से उस जमीन का रेट एक करोड़ रुपये दिखाया गया है। जबकि उन्हें दस-दस बीघे का सिर्फ 30 लाख रुपये का चेक मिला है। वहीं नोटिस में बाकी 70 लाख रुपये नगदी में दर्शाया गया है।
इससे नाराज किसानों ने कंपनी गेट पर हंगामा करते हुए धरने पर बैठ गए। किसानों ने कहा कि उनकी जमीन अधिग्रहण के दौरान परिवार के सदस्य को नौकरी देने समेत अन्य सुविधाएं देने का वादा किया था।
इसके अलावा अभी तक पूरा मुआवजा भी किसानों को नहीं मिल पाया है। किसानों ने कहा कि कई कंपनी के अधिकारियों की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। राम सिंह, फूल सिंह, अजीत, देवीलाल, हितेश प्रधान मौजूद रहे।
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साथ ही कृषि भूमि को इंडस्ट्रियल लैंड में बदला गया है। इनकम टैक्स का नोटिस आने के बाद इसका खुलासा हुआ। शुक्रवार को मल्टीनेशनल कंपनी के खिलाफ किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। काफी संख्या में किसान कंपनी के गेट पर पहुंच गए।
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किसान सुरेंद्र भड़ाना, जितेंद्र सिंह, रविकांत आदि ने बताया कि कंपनी को खेती की जमीन बेचने के बाद भी उनके पास इनकम टैक्स का नोटिस पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि तीन लाख रुपये बीघे के हिसाब से 10 बीघे जमीन की कीमत 30 लाख रुपये होने चाहिए।
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लेकिन नोटिस के हिसाब से उस जमीन का रेट एक करोड़ रुपये दिखाया गया है। जबकि उन्हें दस-दस बीघे का सिर्फ 30 लाख रुपये का चेक मिला है। वहीं नोटिस में बाकी 70 लाख रुपये नगदी में दर्शाया गया है।
इससे नाराज किसानों ने कंपनी गेट पर हंगामा करते हुए धरने पर बैठ गए। किसानों ने कहा कि उनकी जमीन अधिग्रहण के दौरान परिवार के सदस्य को नौकरी देने समेत अन्य सुविधाएं देने का वादा किया था।
इसके अलावा अभी तक पूरा मुआवजा भी किसानों को नहीं मिल पाया है। किसानों ने कहा कि कई कंपनी के अधिकारियों की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। राम सिंह, फूल सिंह, अजीत, देवीलाल, हितेश प्रधान मौजूद रहे।