{"_id":"61c360b807662310d712f3d7","slug":"community-toilet-bulandshahr-news-gbd2315106179","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौ लाख से बने सामुदायिक शौचालयों पर तीन वर्ष से ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौ लाख से बने सामुदायिक शौचालयों पर तीन वर्ष से ताला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नौ लाख से बने सामुदायिक शौचालयों पर तीन वर्ष से ताला
खानपुर। लोगों की सुविधा के लिए बस स्टैंड के पास बनाए गए सामुदायिक शौचालयों पर तीन वर्षों से ताला लटका हुआ है। निर्माण से पहले जहां अधिकारी लोगों को फायदा पहुंचाने की बात कर रहे थे, वहीं अब तालाबंदी पर चुप्पी साधे हुए हैं। नौ लाख रुपये की धनराशि खर्च होने के बाद अधिकारियों की लापरवाही के कारण लोग अभी भी खुले में शौच के लिए मजबूर हैं।
वित्तीय वर्ष 2018-19 में नगर पंचायत ने व्यापारियों और बाजार में आने वाले लोगों को शौचालय की सुविधा देने के लिए कदम बढ़ाया था। योजना के तहत नौ लाख रुपये खर्च करते हुए बस स्टैंड के पास सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया था। शौचालयों के निर्माण पर नौ लाख रुपये खर्च किए गए थे। बड़े जोर-शोर से अधिकारियों ने इसका शुभारंभ भी कराया था, लेकिन नौ लाख खर्च करने के बाद भी लोगों की समस्या जस की तस बनी रही। शौचालयों का निर्माण पूरा होने के बाद से अभी तक ताला लटका हुआ है। शौचालयों में लगी टंकियां व पॉट भी टूट गए हैं। सेप्टिक टैंक को लोगों ने कबाड़ से भर दिया है। नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी नवीन कुमार सिंह ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर शौचालय को खोल दिया जाएगा। मुख्य मार्ग पर दो यूरिनल पॉट लगे हैं अभी उनका प्रयोग हो रहा है।
विज्ञापन
खानपुर। लोगों की सुविधा के लिए बस स्टैंड के पास बनाए गए सामुदायिक शौचालयों पर तीन वर्षों से ताला लटका हुआ है। निर्माण से पहले जहां अधिकारी लोगों को फायदा पहुंचाने की बात कर रहे थे, वहीं अब तालाबंदी पर चुप्पी साधे हुए हैं। नौ लाख रुपये की धनराशि खर्च होने के बाद अधिकारियों की लापरवाही के कारण लोग अभी भी खुले में शौच के लिए मजबूर हैं।
वित्तीय वर्ष 2018-19 में नगर पंचायत ने व्यापारियों और बाजार में आने वाले लोगों को शौचालय की सुविधा देने के लिए कदम बढ़ाया था। योजना के तहत नौ लाख रुपये खर्च करते हुए बस स्टैंड के पास सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया था। शौचालयों के निर्माण पर नौ लाख रुपये खर्च किए गए थे। बड़े जोर-शोर से अधिकारियों ने इसका शुभारंभ भी कराया था, लेकिन नौ लाख खर्च करने के बाद भी लोगों की समस्या जस की तस बनी रही। शौचालयों का निर्माण पूरा होने के बाद से अभी तक ताला लटका हुआ है। शौचालयों में लगी टंकियां व पॉट भी टूट गए हैं। सेप्टिक टैंक को लोगों ने कबाड़ से भर दिया है। नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी नवीन कुमार सिंह ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर शौचालय को खोल दिया जाएगा। मुख्य मार्ग पर दो यूरिनल पॉट लगे हैं अभी उनका प्रयोग हो रहा है।
विज्ञापन